डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को चेतावनी दी कि वह राजस्थान की जोजारी-लूनी-बांडी नदी प्रणाली के आसपास कथित अवैध खनन और खनन पट्टों (लीज) को नियमित किए जाने के मामले में सीबीआई जांच का आदेश दे सकता है। कोर्ट ने राज्य के अधिकारियों पर आरोप लगाया कि अदालतों के बार-बार निर्देश देने के बावजूद वे नदियों की रक्षा करने में विफल रहे हैं।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने सवाल किया कि जिन खनन क्षेत्रों में अवैध गतिविधियां पाई गई थीं, उन्हें बाद में पट्टों के जरिये नियमित (रेगुलराइज) कैसे कर दिया गया।
जस्टिस मेहता ने राजस्थान की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सालिसिटर जनरल एसवी राजू से कहा-अगर आप अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं लाते हैं, तो हमें सीबीआइ जांच का आदेश देना पड़ेगा।
शीर्ष अदालत ने राज्य के अधिकारियों को उसके पहले के निर्देशों को गलत तरीके से पेश करने के लिए भी फटकार लगाई। ये निर्देश ‘हाई फ्लड लाइन’ तय करते समय नदी गलियारों को संकरा करने से जुड़े थे।
रिकार्ड में बालोतरा के पास लूनी नदी के बहाव की चौड़ाई करीब आठ मीटर दिखाई गई है, जबकि वहां बना पुल लगभग 1782 मीटर लंबा है। इस पर जस्टिस मेहता ने स्थिति को बेतुकेपन की पराकाष्ठा बताया।
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