सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना के नाम और चुनाव चिन्ह ‘धनुष-बाण’ को लेकर चल रही सुनवाई के बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे गुट पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि धनुष-बाण को फ्रीज करने की मांग दुर्भाग्यपूर्ण है। बालासाहेब ठाकरे के लिए धनुष-बाण केवल चुनाव चिन्ह नहीं, बल्कि बेहद प्रिय था।
दरअसल सुप्रीम कोर्ट में दलील के दौरान उबाठा गुट की तरफ से वकील कपिल सिब्बल ने सर्वोच्च अदालत में सुनवाई के दौरान धनुष-बाण चिन्ह को फ्रीज करने की मांग की थी इस मांग पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि 2019 के बाद बालासाहेब ठाकरे के विचारों, हिंदुत्व और महाराष्ट्र की जनता के जनादेश को कमजोर करने का काम उबाठा के द्वारा किया गया और अब बाबासाहेब के विचार, भूमिका और नीतियों को मिटाने की कोशिश की जा रही है।
एकनाथ शिंदे ने आगे अपनी भूमिका रखते हुए कहा की असली शिवसैनिकों ने बाबासाहेब के विचारों को हमेशा जिंदा रखा है और आगे भी शिवसैनिक किसी भी कीमत में बाला साहब के विचारों के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में संविधान, पार्टी के संविधान और चुनाव आयोग के अधिकार जैसे कई कानूनी पहलू जुड़े हैं। इन सभी विषयों पर वकीलों से चर्चा की जाएगी। शिवसेना की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दलील शुरू होने के बाद सामने आने वाले सभी सवालों का मजबूती से जवाब दिया जाएगा।
मराठा समाज को लेकर सरकार सकारात्मक, आंदोलनकारियों से भी सकारात्मक रुख अपनाने की अपील
एकनाथ शिंदे ने मराठा आरक्षण मामले में अपनी भूमिका रखते हुए कहा की जब वो मुख्यमंत्री थे उस दौरान मराठा समाज को 10 प्रतिशत आरक्षण देने, कुणबी प्रमाणपत्र के लिए आयोग गठित करने तथा सारथी और अण्णासाहेब पाटील आर्थिक विकास महामंडल के माध्यम से बिना ब्याज कर्ज जैसी कई योजनाएं सरकार ने लागू की हैं।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि किसी भी दूसरे समाज के साथ अन्याय किए बिना मराठा समाज को न्याय देना महायुति सरकार की भूमिका है। जो भी कानूनी और न्यायसंगत है, उसे देने के लिए सरकार सकारात्मक है। उन्होंने अनशन कर रहे मनोज जरांगे पाटील से भी सकारात्मक भूमिका अपनाने की अपील की।
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