
सिसवा आईपीएल चीनी मिल ने गन्ना किसानों से खेतों में पानी निकालने का इंतजाम करने की अपील की है। मिल ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश और जलभराव से गन्ने की फसल पर रेडरॉट (लाल सड़न) और विल्ट (उकठा रोग) का खतरा बढ़ सकता है। मिल ने किसानों को सलाह दी है कि वे बारिश के बाद अपने गन्ने के खेतों की निगरानी करें। जहां पानी जमा हो, वहां नालियां बनाकर जल्द से जल्द पानी बाहर निकालें। खेत में ज्यादा पानी रुकने से जड़ों को हवा नहीं मिल पाती, जिससे पौधों की बढ़वार कमजोर होती है और बीमारियां फैल सकती हैं। खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने पर गन्ने की जड़ों को पर्याप्त हवा मिलती है। इससे पौधों की वृद्धि बेहतर होती है और जड़ें मजबूत बनती हैं। जलभराव से होने वाले रोगों का खतरा भी कम हो जाता है। यह फसल की गुणवत्ता और उपज को नुकसान से बचाता है। अगर खेत में लंबे समय तक पानी जमा रहता है, तो पौधों की जड़ें कमजोर पड़ सकती हैं। इससे गन्ने में लाल सड़न और उकठा रोग जैसे रोगों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे पौधों की पत्तियां पीली पड़ सकती हैं और उनकी बढ़वार रुक सकती है। ज्यादा खराब होने पर पौधे सूख जाते हैं, जिससे किसानों को फसल का नुकसान होता है। चीनी मिल ने किसानों से फिर अपील की है कि वे मौसम को देखते हुए खेतों में पानी जमा न होने दें। अगर रोगग्रस्त पौधे दिखें, तो उनकी पहचान करें और कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार देखभाल करें। समय पर पानी निकालने और फसल की निगरानी करने से गन्ने को संभावित नुकसान से बचाया जा सकता है।
































