
महराजगंज के पनियरा थाना क्षेत्र के मुजुरी गांव निवासी और भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के जिलाध्यक्ष रामअशीष ने कुछ लोगों पर अभद्रता, गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल को दिए पत्र में रामअशीष ने बताया कि वह सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वह किसानों और कमजोर लोगों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाते हैं। उन्होंने तेंदुअहिया गांव में पट्टेदार किसानों को न्याय दिलाने के लिए कथित भू-माफिया के खिलाफ 37 दिनों तक शांतिपूर्ण धरना दिया था। उनका दावा है कि प्रशासन के दखल के बाद किसानों को न्याय मिला। रामअशीष के मुताबिक, 4 सितंबर को दोपहर करीब एक बजे कार्यकर्ताओं के बुलाने पर वह तेंदुअहिया पहुंचे थे। आरोप है कि वहां कुछ लोगों ने उन्हें बातचीत के लिए छावनी टोला महुआरी के पास बुलाया। वहां उनके साथ अभद्रता और गाली-गलौज की गई। किसी तरह वहां से निकलकर घर लौटते समय विनोद पुत्र मोतीलाल ने मोटरसाइकिल से उनका पीछा किया। सुमेर टेंट हाउस के सामने उन्हें घेरकर फिर से गाली-गलौज और धमकियां दी गईं। उन्होंने आशंका जताई कि आरोपी उनके साथ कभी भी कोई अप्रिय घटना कर सकते हैं। भाकियू जिलाध्यक्ष ने दोषियों की पहचान कर केस दर्ज करने, किसानों की पुरानी शिकायतों पर कार्रवाई करने और विवाद की स्थिति को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो किसान अनिश्चितकालीन धरना देने के लिए मजबूर होंगे। जिलाधिकारी ने किसानों को भरोसा दिया कि मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर सुरेश चंद साहनी, मुरारी प्रसाद, सुरेंद्र, निर्मला, कल्याणी, परशुराम, महेंद्र, विवेक, रामवृक्ष, रामदास, दुर्गावती, प्रकाश, सीमा देवी, चंद्रा देवी और कई लोग मौजूद थे।
































