वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी तेल खरीदने वाले देशों को एक बड़ी राहत देते हुए इस संबंध में लगाए गए नए अमेरिकी शुल्कों को तुरंत माफ कर दिया है। यह फैसला 100 प्रतिशत शुल्क के प्रावधान लागू होने से ठीक एक दिन पहले सामने आया है, जिसे भारत और चीन जैसे प्रमुख तेल आयातकों के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है। यह घटनाक्रम अमेरिकी विदेश मंत्री की भारत यात्रा के ठीक पहले बेहद अहम है।
नए कानून और 100% शुल्क का प्रावधान
हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शन्स रशिया एंड ईरान एक्ट 2026' को देश में लागू किया गया था। इस नए कानून के प्रावधानों के मुताबिक, रूसी तेल और गैस के शीर्ष पांच सबसे बड़े खरीदार देशों से आने वाले तमाम सामानों पर 100 प्रतिशत तक का भारी-भरकम शुल्क लगाया जाना था। यह नियम 18 अक्टूबर को तय समय-सीमा समाप्त होने के बाद नई खरीद पर प्रभावी होने वाला था, जबकि इस कानून में रूसी उत्पादों पर 500 प्रतिशत तक का शुल्क लगाने की भी शक्ति दी गई थी।
धारा 4 का उपयोग कर ट्रंप ने दी छूट
तय समय-सीमा से ठीक पहले, राष्ट्रपति ट्रंप ने उसी कार्यकारी आदेश की धारा 4 का इस्तेमाल करते हुए इन सभी संभावित शुल्कों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। उन्होंने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से लिखा कि वे ग्राहम एक्ट की धाराओं और इस आदेश के तहत आने वाले किसी भी शुल्क को लागू करने से छूट (माफी) देते हैं। यह राहत तब तक जारी रहेगी जब तक अमेरिकी राष्ट्रपति या संबंधित मंत्री इस मामले में कोई नया दिशा-निर्देश या कदम उठाने का निर्णय नहीं लेते। हालांकि इस आधिकारिक आदेश में किसी भी देश का नाम सीधे तौर पर नहीं लिखा गया है, लेकिन इस फैसले का सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष लाभ भारत और चीन जैसे देशों को मिला है जो रूस से बड़े पैमाने पर ऊर्जा उत्पादों का आयात करते हैं।
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— Mnt News Bharat (@mntnewsbharat) October 5, 2026




















