ब्रह्मपुर में रामचरितमानस पाठ के बाद विशाल भंडारा, पूर्व संयुक्त शिक्षा निदेशक अरविंद पांडेय ने ग्रहण किया प्रसाद
बस्ती। जिले के ग्राम ब्रह्मपुर में ग्रामीणों के सहयोग से आयोजित अखंड रामायण के समापन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। श्री आशाराम चौधरी के आवास पर हुए श्रीरामचरितमानस पाठ के उपरांत आयोजित इस भंडारे में पूरे गांव की सहभागिता देखने को मिली। आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचे और श्रद्धा के साथ प्रसाद ग्रहण किया।
भंडारे का माहौल पूरी तरह भक्तिमय रहा। गांव के लोग अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालते नजर आए। कोई प्रसाद वितरण में लगा रहा तो कोई आने वाले अतिथियों के स्वागत और व्यवस्था में जुटा दिखा। पूरे आयोजन में आपसी भाईचारे और सहयोग की भावना साफ दिखाई दी।
इस अवसर पर पूर्व संयुक्त शिक्षा निदेशक श्री अरविंद पांडेय भी विशेष रूप से सम्मिलित हुए। उन्होंने भंडारे में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन से जुड़े लोगों को शुभकामनाएं दीं। इसके बाद उन्होंने उपस्थित स्थानीय लोगों से आत्मीयता के साथ मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। उनके पहुंचने से ग्रामीणों में खासा उत्साह नजर आया। कई लोग उनसे मिलने और बातचीत करने के लिए आगे आए।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे धार्मिक आयोजन केवल आस्था का ही नहीं, बल्कि गांव को एक सूत्र में जोड़ने का भी माध्यम बनते हैं। जब पूरा गांव एक साथ बैठकर पाठ सुनता है और एक पंगत में प्रसाद ग्रहण करता है, तो आपसी रिश्ते और मजबूत होते हैं। साथ ही समाज के प्रतिष्ठित लोगों का ऐसे आयोजनों में शामिल होना आयोजकों और ग्रामीणों का मनोबल बढ़ाता है।
इस दौरान श्री पंकज सिंह, श्री कृष्णा चौधरी, श्री सुरेश सहित गांव के अन्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। आयोजन से जुड़े परिजनों ने आए हुए सभी अतिथियों और ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया। देर तक चले इस आयोजन में श्रद्धा, सेवा और सामाजिक एकता का सुंदर संगम देखने को मिला।
ब्रह्मपुर में रामचरितमानस पाठ के बाद भंडारा हुआ:पूर्व संयुक्त शिक्षा निदेशक ने प्रसाद ग्रहण किया
और पढ़ें
›
सक्सेना तिराहे पर महाप्रसाद बांटा गया:पनियरा विधायक ने पूजा की, सदर विधायक भी रहे मौजूद
›
साइकिल से 314 दिन में भारत घूमकर लौटे शिव प्रसाद:जोलहाबारी के निवासी ने 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन किए, 18 हजार किमी से ज्यादा दूरी तय की
›
भया पुरवा में खराब हैंडपंप से पेयजल की दिक्कत:ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी से मरम्मत कराने की मांग की
