* आदिवासी क्षेत्र के 18 से 35 आयु वर्ग के युवाओं को कौशल के साथ मिला सम्मानजनक रोजगार
* महाराष्ट्र शासन आदिवासी विकास विभाग, लाइटहाउस कम्युनिटीज और मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन का संयुक्त उपक्रम
* शारीरिक व मानसिक चुनौतियों को मात देकर युवा बना ‘बिलिंग एग्जीक्यूटिव’; भावुक मां की आंखों से छलके आंसू
पालघर:
ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्र के 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को आधुनिक व्यावसायिक कौशल से लैस कर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से पालघर ‘लाइटहाउस’ केंद्र में भव्य प्रमाणपत्र वितरण और रोजगार प्राप्त विद्यार्थियों का सम्मान समारोह अत्यंत उत्साह के साथ संपन्न हुआ। महाराष्ट्र शासन के आदिवासी विकास विभाग, लाइटहाउस कम्युनिटीज फाउंडेशन और मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व विद्यार्थियों सहित वर्तमान बैच के 150 से अधिक युवक-युवतियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए लाइटहाउस के क्लस्टर हेड नीलेश पाटिल ने संस्था के देशव्यापी कार्यों का ब्योरा साझा किया। उन्होंने बताया कि देश के 6 राज्यों में कुल 55 लाइटहाउस केंद्र सक्रिय हैं, जिनके माध्यम से अब तक 1 लाख से अधिक युवाओं ने प्रशिक्षण पूरा किया है। इनमें से 65,000 युवाओं ने विशेष कौशल विकास पाठ्यक्रम पूरा किया है और 50,000 से अधिक युवा विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार पाकर आत्मनिर्भर बने हैं। स्थानीय आदिवासी व जरूरतमंद युवाओं को बाजार की मांग के अनुसार तैयार कर उन्हें स्वावलंबी बनाना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सफाले आईटीआई के प्रधानाचार्य नितिन वर्तक, प्रोटेक कंप्यूटर्स के निदेशक सचिन जाधव, नगरसेविका ज्योति जाधव, विश्व हिंदू परिषद पालघर जिलाध्यक्ष श्रीपाद पाटिल और जयदीप उपस्थित रहे।
प्रशिक्षकों की कार्यशैली की अतिथियों ने की सराहना
प्रधानाचार्य नितिन वर्तक ने लाइटहाउस के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रशिक्षकों ने सफाले आईटीआई के छात्रों को व्यावहारिक कौशल सिखाकर पूरी तरह सक्षम बनाया है। प्रोटेक कंप्यूटर्स की श्रीमती जाधव ने अपने 15 वर्षों से अधिक के शिक्षण अनुभव का हवाला देते हुए फाउंडेशन कोर्स की प्रशिक्षिका ऋषिका मांगेला की शिक्षण शैली और छात्रों के साथ संवाद की विशेष प्रशंसा की।
मां की आंखों से छलके आंसू; प्रेरक सफलता की कहानी से भावुक हुआ सभागार
समारोह के दौरान एक मां ने जब अपने बेटे के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव को साझा किया, तो पूरा सभागार भावुक हो गया। उनका बेटा शारीरिक और मानसिक स्तर पर संघर्ष कर रहा था, जिससे परिवार उसके भविष्य को लेकर चिंतित था। हालांकि, लाइटहाउस के ‘फाउंडेशन कोर्स’ से जुड़ने के बाद उसके जीवन को नई दिशा मिली। संवाद कौशल, डिजिटल साक्षरता और आत्मविश्वास के दम पर उसने साक्षात्कार में सफलता पाई और एक प्रतिष्ठित निजी कंपनी में ‘बिलिंग एग्जीक्यूटिव’ के रूप में पदस्थ हुआ। बेटे को आत्मनिर्भर बनते देख मां की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
अन्य सम्मानित युवाओं ने भी अपने अनुभव बताते हुए कहा कि लाइटहाउस के प्रशिक्षण से उनमें आत्मविश्वास और साक्षात्कार की क्षमता विकसित हुई, जिसके कारण ही उन्हें रोजगार मिल सका। अतिथियों ने भविष्य में भी इस कार्य को पूरा सहयोग देने की बात कही।
सफल आयोजन और आभार प्रदर्शन
कार्यक्रम का कुशल संचालन समुदाय सहभागिता कार्यकारी श्रीनिवास कीर्तने ने किया। आयोजन की सफलता में प्रशिक्षक रूपाली मोरे, अंजली काटेला, सियोना, युवा कौशल विकास समन्वयक हिमांशु शेष और युवा प्लेसमेंट समन्वयक सत्यम गुप्ता ने अहम भूमिका निभाई। अल्पाहार व्यवस्था में अंजली गोवारी का सहयोग रहा।
समारोह के अंत में पालघर लाइटहाउस के सेंटर हेड चंद्रकांत ढोले ने उपस्थित सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों और प्रमाणपत्र प्राप्त युवाओं का आभार व्यक्त किया। साथ ही आदिवासी व ग्रामीण क्षेत्र के अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प दोहराया।
