श्रावस्ती के मुश्काबाद बाजाजोत गांव में चल रहे रामलीला महोत्सव के सातवें दिन मंगलवार रात राम कलेवा प्रसंग का मंचन हुआ। महिलाओं और कलाकारों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार कलेवा की गारी गाईं। मंचन में सीताराम विवाह और भगवान राम की बरात दिखाई गई। बरात के स्वागत के लिए मिथिलापुरी को सजाया गया था। बड़ी संख्या में पहुंचे भक्तों ने जयकारे लगाए। कलेवा की रस्म के दौरान भगवान राम रूठ गए। भक्तों ने उन्हें मनाया और करीब एक घंटे बाद वे कलेवा खाने के लिए राजी हुए। उमेश बाबा और मंडली ने मांगलिक गीत और गारी गाईं। मंडली ने गाया, “राम जी से पूछे जनकपुर की नारी, बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी, बता दा बबुआ।” इसके बाद राजा दशरथ और चारों भाई बरात के साथ अयोध्या पहुंचे। वहां उत्सव मनाया गया। राजा दशरथ ने गुरु वशिष्ठ और मंत्रियों से श्रीराम के राजतिलक पर विचार-विमर्श किया और राजतिलक की घोषणा की। इस दौरान पूजा पंडाल में जय श्रीराम के नारे लगे।
रामलीला में राम कलेवा का मंचन हुआ:श्रावस्ती के मुश्काबाद बाजाजोत में महिलाओं ने गाईं पारंपरिक गारी
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