तेलंगाना में 10 रुपये बनी कंडक्टर की मौत की वजह, चलती बस से महिला ने दिया था धक्का

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डिजिटल डेस्क, हैदराबाद। तेलंगाना स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (TGSRTC) की कंडक्टर गुंडला प्रवलिका की बुधवार को हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। 10 दिन पहले, एक महिला यात्री ने उन्हें चलती बस से धक्का दे दिया था।

भद्राद्री-कोठागुडेम जिले के असवापुरम मंडल में मिट्टागुडेम सेंटर के पास हुई इस घटना में उन्हें गंभीर चोट लगी थी। प्रवलिका की मौत के बाद, असवापुरम पुलिस ने आरोपी बी. मौनिका के खिलाफ दर्ज मामले बदल दिया है। पहले ये ‘हत्या के प्रयास’ में दर्ज किया गया था बाद में उसे बदलकर ‘हत्या’ में तब्दील कर दिया गया है।

ज्यादा खून बह जाने की वजह से हुई मौत

असवापुरम पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) सीएच यल्लैया ने अंग्रेजी सामाचार वेबसाइट को बताया कि आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था और वह अभी भी न्यायिक हिरासत में है। उन्होंने बताया कि कंडक्टर को बेहतर इलाज देकर बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन ज्यादा खून बह जाने की वजह से उनकी मौत हो गई। पीड़िता अभी अविवाहित थीं।

10 रुपये को लेकर शुरू हुआ था झगड़ा

यह घटना 25 अक्टूबर को हुई थी, जब प्रवलिका अपनी ड्यूटी पर थीं और ड्राइवर के. जंपैया के साथ मनुगुरु और भद्राचलम के बीच बस लेकर जा रही थीं। पुलिस के अनुसार, 10 रुपये को लेकर एक महिला ने झगड़ा शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि बस के किराए के खुले पैसों को लेकर प्रवलिका और मौनिका के बीच तीखी बहस हो गई।

इस बहस के दौरान, मौनिका ने कंडक्टर को कथित तौर पर चलती बस से बाहर धकेल दिया। इससे उसका दाहिना पैर बस के पिछले पहियों के नीचे आ गया।

सीएम ने जताया दुख

हादसे के बाद 24 वर्षीय कंडक्टर को तुरंत एक पास के ही अस्पताल ले भर्ती कराया गया। इसके बाद में, बेहतर इलाज के लिए उन्हें हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने प्रवलिका की मौत पर दुख जताया और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

सरकार ने दिया हर संभव मदद का भरोसा

मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया साइट एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने उनके परिवार के सदस्यों के प्रति गहरी संवेदना और सहानुभूति जताई है। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार प्रवलिका के परिवार के साथ खड़ी रहेगी और उन्हें हर संभव मदद देगी। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद, राज्य सरकार ने प्रवलिका की मां को नौकरी, परिवार के लिए ‘इंदिरम्मा आवास योजना’ के तहत एक घर और 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि (एक्स-ग्रेशिया) देने की घोषणा की।

परिवार को मिलेगा एक करोड़ का बीमा कवर

परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने बताया कि परिवार को 1 करोड़ रुपये का बीमा कवर भी दिया जाएगा। मंत्री ने उस्मानिया जनरल अस्पताल का दौरा किया, जहां प्रवलिका का पोस्टमार्टम किया गया था। पुलिस के अनुसार, घटना के दिन मौनिका अपने बेटे के साथ मनुगुरु फूल मंडी से बस में चढ़ीं।

उन्होंने अपना आधार कार्ड दिखाकर ‘जीरो-फेयर’ (मुफ्त) टिकट लिया और अपने नाबालिग बेटे के लिए 10 रुपये का आधा टिकट खरीदने के लिए प्रवलिका को 100 रुपये का नोट दिया।

चलती बस से धक्का देने पर हुआ हादसा

पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिला कंडक्टर ने 10 रुपये के खुले पैसे (छुट्टे) मांगे, तो आरोपी ने देने से मना कर दिया। इस बात पर बहस हो गई बढ़ते बढ़ते मामला यहां तक आ पहुंचा। मौनिका ने कथित तौर पर चलती बस से प्रवलिका को बाहर धक्का दे दिया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। इस वजह से उसकी मौत हो गई।

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