नई दिल्ली (दिल्ली)। नई दिल्ली में विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' (INDIA) द्वारा चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श हेतु बुलाई गई एक महत्वपूर्ण बैठक से आम आदमी पार्टी (AAP) ने दूरी बनाने का बड़ा निर्णय लिया है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इस बैठक में सम्मिलित होने के बजाय संसद के पटल पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध लाए जाने वाले महाभियोग प्रस्ताव का पुरजोर समर्थन करेगी।
इंडिया ब्लॉक की बैठक से आप (AAP) का किनारा
राजधानी नई दिल्ली में बुधवार को 'इंडिया' गठबंधन की यह बैठक प्रस्तावित है, जिसमें विपक्षी दलों द्वारा चुनावी प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर राष्ट्रव्यापी स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने के प्रस्ताव पर चर्चा की जानी थी। इस संदर्भ में संजय सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी ने पूर्व में ही यह स्पष्ट कर दिया है कि वह औपचारिक रूप से इस गठबंधन का हिस्सा नहीं है, इसलिए इस बैठक में उनके शामिल होने का कोई औचित्य नहीं बनता है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग पर समर्थन
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध लाए जाने वाले महाभियोग के मुद्दे पर अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए सांसद संजय सिंह ने कहा, "जहाँ तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के महाभियोग का प्रश्न है, हम इस प्रस्ताव पर पहले ही अपने हस्ताक्षर कर चुके हैं। यदि संसद में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव लाया जाता है और उस पर कोई प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो हम अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर इस वैधानिक लड़ाई को पूरी मजबूती से आगे बढ़ाएंगे।"
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और सपा के बीच सीट बंटवारे पर तंज
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के भी इस विपक्षी बैठक से दूरी बनाए रखने की चर्चाओं के बीच संजय सिंह ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वह लगातार समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव को "परेशान" करने का काम कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी की ओर से समय-समय पर सीटों के बँटवारे को लेकर बड़े विरोधाभासी बयान सामने आ रहे हैं। संजय सिंह ने तंज कसते हुए कहा, "आज हमने यह भी सुना कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में 150 सीटें चाहती है। कभी उनके नेता दावा करते हैं कि वे सभी 403 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेंगे, तो कभी कहते हैं कि उन्हें 200 सीटें चाहिए। समझ नहीं आता कि वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) से मुकाबला कर रहे हैं या समाजवादी पार्टी से? उनके बयानों के तौर-तरीके से ऐसा प्रतीत होता है जैसे वे भाजपा से नहीं बल्कि सपा से ही लड़ रहे हैं।"
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर गरमाई सियासत
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ी एक हालिया जाँच रिपोर्ट सामने आने के बाद देश की राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से यह बात सामने आई है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने लगभग 10 महीने की अवधि के दौरान एसआईआर से जुड़ी कार्यप्रणालियों और फैसलों पर कम से कम 14 बार अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
हालांकि, दूसरी ओर चुनाव आयोग ने इन आपत्तियों को किसी भी प्रकार की संस्थागत असहमति माने जाने के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। आयोग का यह स्पष्ट आधिकारिक पक्ष रहा है कि एसआईआर से संबंधित सभी महत्वपूर्ण निर्णय आयोग की सर्वसम्मत और सामूहिक स्वीकृति के उपरांत ही लिए गए थे।












