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फ्लाईदुबई घटना: एक देश में बैन कट्टरपंथी पायलट दूसरे देश में कैसे उड़ा रहा था विमान? एविएशन सेक्टर में कहां है लूप होल

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। फ्लाईदुबई घटना ने दुनिया को झकझोर कर रख दिया। फ्लाईदुबई की एक उड़ान में हुई घटना ने विमानन उद्योग के लिए एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है, जब खतरा कॉकपिट के अंदर ही हो, तो क्या होगा?

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में ओमानी राष्ट्रीयता वाले को-पायलट ने उड़ान के दौरान कप्तान पर हमला कर दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, को-पायलट का मकसद विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेकर इसे इजरायल में क्रैश कराना हो सकता था। हालांकि आरोपी पायलट हिरासत में है और उसकी जांच जारी है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, एविएशन सेफ्टी एक्सपर्ट कैप्टन अमित सिंह का कहना है कि यह घटना पूरी दुनिया के विमानन उद्योग के लिए वेक-अप कॉल होनी चाहिए। उन्होंने सूचना साझा करने, पायलट बैकग्राउंड चेक और अंदरूनी खतरों में बढ़ते जोखिम की ओर ध्यान दिलाया।

रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इस पायलट को पहले ओमान में चरमपंथी विचारों को लेकर उड़ान भरने से रोक दिया गया था। इसके बाद वह अन्य देशों में काम करता रहा और आखिरकार फ्लाईदुबई में शामिल हो गया।

कैप्टन ने सवाल उठाया कि एयरलाइंस और विमानन प्राधिकरण पायलट के इतिहास को कितनी दूर तक जांचते हैं। एक देश से दूसरे देश में जाने पर नया लाइसेंस मिल जाता है, लेकिन नया नियोक्ता पिछले सभी लाइसेंसों की पूरी जानकारी नहीं पाता।

उन्होंने कहा कि समस्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सूचना साझा करने की कमी है। आईसीएओ ने 2022 में इनसाइडर थ्रेट टूलकिट जारी किया था। अंदरूनी खतरा सिर्फ अवैध घुसपैठिया नहीं होता बैगेज हैंडलर, केटरिंग स्टाफ, केबिन क्रू, इंजीनियर या पायलट भी हो सकता है, जिनके पास संवेदनशील क्षेत्रों तक वैध पहुंच होती है।

कॉकपिट का दरवाजा नहीं खुलता तो क्या होता

इस घटना में कप्तान ने हमला झेलने के बाद कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। यात्रियों ने अंदर घुसकर को-पायलट को काबू कर लिया। एक इजरायली यात्री ने तेज गिरावट के दौरान नियंत्रण संभाला। कैप्टन सिंह के अनुसार, विमान लगभग 25,000 फीट प्रति मिनट की दर से गिर रहा था सामान्य से करीब 10 गुना तेज। उनके अनुमान में विमान को जमीन से टकराने से पहले सिर्फ कुछ सेकंड बचे थे। कप्तान का दरवाजा खोलना निर्णायक साबित हुआ।

उन्होंने कहा कि कप्तान भारतीय थे और यात्री इजरायली। अगर राष्ट्रीयताएं अलग होतीं तो नतीजा अलग हो सकता था। कप्तान की हिम्मत और यात्रियों की त्वरित प्रतिक्रिया ने विमान को बचाया।

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