डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को को राष्ट्रीय राजधानी में इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कान्क्लेव (ईएसटीआईसी) का उद्घाटन करेंगे। सम्मेलन में देश-विदेश के विज्ञानी, उद्योग जगत के विशेषज्ञ, नीति निर्माता और स्टार्टअप के प्रतिनिधि जुटेंगे और उभरती प्रौद्योगिकियों तथा भारत की विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार संबंधी प्राथमिकताओं पर मंथन करेंगे।
27 से 29 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), जैव प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, स्वास्थ्य, ऊर्जा, जलवायु और समुद्र विज्ञान सहित 12 विषयों पर चर्चा होगी। इसका उद्देश्य नई तकनीकों के विकास और वैज्ञानिक उपलब्धियों को व्यावहारिक उपयोगों में बदलने के तरीकों पर विचार करना है ताकि वैज्ञानिक उपलब्धियों का लाभ आम लोगों तक पहुंचे।
सम्मेलन में भारत की स्वदेशी तकनीकों और वैज्ञानिक उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। अत्याधुनिक तकनीक पर काम करने वाले करीब 150 स्टार्टअप अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। प्रदर्शनी दूसरे दिन से आम लोगों के लिए भी खुली रहेगी।
इसके साथ ही नई पहल ग्लोबल कनेक्ट नेटवर्किंग इवेंट में भारत और विदेश के 300 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय शोध सहयोग और उद्योगों तथा शिक्षण संस्थानों के बीच साझेदारी को बढ़ावा देना है।
भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के मार्गदर्शन में वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) इस सम्मेलन का आयोजन कर रही है। इसका उद्देश्य भारत के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार तंत्र को मजबूत करना तथा ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को आगे बढ़ाना है। इसमें नोबेल पुरस्कार विजेता तीन विज्ञानी वैज्ञानिक जोआखिम फ्रैंक, रिचर्ड जे. राबर्ट्स और कोस्त्या नोवोसेलोव भी भाग लेंगे।
