रिपोर्ट:सुशील शर्मा।
बस्ती/रुधौली।जिले के रुधौली विकासखंड में सरकारी धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां ‘VBGरामजी’ योजना के तहत कराए जा रहे विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगा है। आलम यह है कि प्रकृति के नियमों को ठेंगा दिखाते हुए कागजों पर ऐसे कारनामे हो रहे हैं, जो प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।एक तरफ आसमान से झमाझम बारिश बरस रही थी, तो दूसरी तरफ सरकारी अभिलेखों में मजदूरों के पसीने बहते दिखाए जा रहे थे।

गेनरिया खुर्द और गेनरिया कला में खुली पोल।
ताजा मामला रुधौली विकासखंड के अंतर्गत आने वाले गेनरिया खुर्द और गेनरिया कला गांवों का है। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के मुताबिक, इन गांवों में मौके पर एक भी मजदूर धरातल पर काम करता नजर नहीं आया, जबकि सरकारी मस्टर रोल और अभिलेखों में दर्ज मजदूरों की संख्या भारी-भरकम है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब हकीकत में कोई काम हुआ ही नहीं, तो आखिर कागजों पर इतनी बड़ी संख्या में उपस्थिति किसकी और कैसे दर्ज हो रही है?
शिकायतों पर अधिकारियों की चुप्पी, मिलीभगत की आशंका।
यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की अनियमितता सामने आई हो। ग्रामीणों का आरोप है कि रुधौली ब्लॉक के कई अन्य गांवों में भी यही खेल चल रहा है।काम कागजों पर तेज गति से दौड़ रहा है, और मौके पर सन्नाटा पसरा रहता है।
सबसे बड़ा सवाल खंड विकास अधिकारी (BDO) और क्षेत्रीय तकनीकी सहायकों की भूमिका पर है। ग्रामीणों का दावा है कि इस पूरे फर्जीवाड़े की शिकायत खंड विकास अधिकारी को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से अब तक कोई प्रभावी और ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायतों पर पर्दा डालने की यह प्रवृत्ति कहीं न कहीं भ्रष्ट कर्मियों और अधिकारियों की मिलीभगत की ओर इशारा करती है।
अब इन बड़े सवालों के घेरे में प्रशासन।
जब मौके पर एक भी मजदूर मौजूद नहीं था, तो मस्टर रोल में हाजिरी किसने और कैसे प्रमाणित की।क्या संबंधित अधिकारियों ने कार्यस्थलों का भौतिक सत्यापन करना भी मुनासिब नहीं समझा।क्या बिना जांच के कागजी फाइलों के जरिए सरकारी खजाने की राशि का खुलेआम बंदरबांट किया जा रहा है।
ग्रामीणों की दो टूक मांग, निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई।
गेनरिया खुर्द और गेनरिया कला सहित क्षेत्र के आक्रोशित ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों (जिलाधिकारी, बस्ती) से मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही संबंधित विकास कार्यों के मस्टर रोल की जांच, मौके पर भौतिक सत्यापन और दोषी पाए जाने वाले सचिव, रोजगार सेवक व जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो ग्रामीण आंदोलन का रुख करने के लिए बाध्य होंगे।












