Tuesday, March 3, 2026
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होली के बाद होगा उत्तर प्रदेश पुलिस में बड़ा फेरबदल, कई IPS अधिकारियों को मिलेगा प्रमोशन

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होली के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में बड़े प्रशासनिक बदलाव की तैयारी है। तीन डीजी रैंक के अधिकारियों के रिटायरमेंट के बाद कई आईपीएस अधिकारियों को प्रमोशन मिलेगा और बड़े स्तर पर तबादले भी संभावित हैं। विभाग में वरिष्ठता सूची में भी अहम फेरबदल देखने को मिलेगा।

तीन एडीजी बनेंगे डीजी

28 फरवरी को डीजी मानवाधिकार संदीप सालुंके, डीजी होमगार्ड एमके बशाल और डीजी अभियोजन दीपेश जुनेजा रिटायर हो रहे हैं। इनके रिटायर होते ही तीन एडीजी रैंक के अधिकारियों को डीजी पद पर प्रोन्नति मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा।

प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों में एडीजी रेलवे प्रकाश डी., एडीजी रूल्स एंड मैनुअल एलवी एंटनी देव कुमार और एडीजी पावर कॉरपोरेशन जय नारायन सिंह शामिल हैं। इनकी पदोन्नति के बाद विभाग में नई तैनातियों का दौर शुरू होगा।

अप्रैल में भी होगा बड़ा बदलाव

30 अप्रैल को डीजी यूपी 112 और ईओडब्ल्यू नीरा रावत भी रिटायर होने वाली हैं। यदि इस बीच कोई अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस नहीं आता है, तो कानपुर जोन के एडीजी आलोक सिंह को डीजी पद पर प्रमोशन मिल सकता है।

वरिष्ठता सूची में बदलाव

वर्तमान में संदीप सालुंके यूपी कैडर के सबसे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं, जबकि एमके बशाल तीसरे स्थान पर हैं। इनके रिटायरमेंट के बाद रेणुका मिश्रा यूपी कैडर की वरिष्ठतम अधिकारी बन जाएंगी। हालांकि, वह पिछले करीब डेढ़ साल से मुख्यालय से संबद्ध हैं।

एक मार्च से वरिष्ठता सूची में 1991 बैच के आलोक शर्मा और पीयूष आनंद क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर आ जाएंगे, लेकिन दोनों फिलहाल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। ऐसे में कार्यरत अधिकारियों में डीजीपी राजीव कृष्णा वरिष्ठता क्रम में ऊपर आ सकते हैं।

तबादलों की भी संभावना

डीजी रैंक से लेकर एसपी रैंक तक बड़े स्तर पर तबादलों की संभावना जताई जा रही है। विभागीय फेरबदल के चलते कई जिलों और जोन में नए अधिकारियों की तैनाती हो सकती है। माना जा रहा है कि अप्रैल तक पुलिस महकमे की तस्वीर काफी हद तक बदल जाएगी।

फरवरी की खेती : सही फसल, सही समय और बेहतर मुनाफे का महीना, जानें; किन फसलों की करें बुवाई

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फरवरी की खेती

फरवरी की खेती
– फोटो : गांव जंक्शन

विस्तार


जनवरी की ठिठुरन के बाद फरवरी खेतों में नई शुरुआत का संकेत लेकर आता है। न मौसम की सख्ती रहती है और न ही तेज गर्मी का दबाव, ऐसे में यह महीना किसानों के लिए योजना, श्रम और मुनाफे तीनों के लिहाज से बेहद अहम हो जाता है। इसी दौर में की गई सही बुवाई और रोपाई न सिर्फ बेहतर पैदावार का रास्ता खोलती है, बल्कि साल भर की आय की नींव भी मजबूत करती है।बसंतकालीन गन्ना : 15 फरवरी के बाद करें बुवाई
फरवरी के मध्य यानी 15 फरवरी के बाद बसंतकालीन गन्ने की बुवाई के लिए आदर्श समय माना जाता है। उन्नत और रोगमुक्त बीज का उपयोग करने से उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। बुवाई से पहले बीज को फफूंदीनाशक दवा से उपचारित करना जरूरी है। जिन किसानों के खेत में पहले से गन्ने की पेड़ी मौजूद है, उन्हें कटाई जमीन से सटाकर करनी चाहिए, ताकि नई फसल मजबूत और स्वस्थ विकसित हो सके।

भिंडी : जल्दी बाजार, बेहतर दाम
फरवरी में भिंडी की जायद फसल लगाने से किसान जल्दी सब्जी बाजार में उतार सकते हैं, जिससे उन्हें अच्छा भाव मिलता है। बुवाई के समय कतार से कतार की दूरी 25 से 30 सेंटीमीटर रखना जरूरी है। इससे पौधों को पर्याप्त जगह मिलती है और फलन अधिक होता है। समय पर सिंचाई और संतुलित खाद देने से भिंडी की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार होता है।

सूरजमुखी : कम समय, ज्यादा संभावना
तेल वाली फसलों में सूरजमुखी तेजी से किसानों की पसंद बन रही है। इसकी बुवाई 15 से 29 फरवरी के बीच करना सबसे उपयुक्त माना जाता है। किसान मिट्टी और जलवायु के अनुसार सही किस्म का चयन करें। बीज को कार्बंडाजिम या थीरम से उपचारित करने से रोगों का खतरा कम हो जाता है। कम समय में तैयार होने और अच्छी बाजार मांग के कारण सूरजमुखी मुनाफे का अच्छा विकल्प है।

टमाटर : गर्मियों की कमाई का आधार
फरवरी में टमाटर की रोपाई करने से गर्मियों में अच्छी पैदावार मिलती है। पौधों को 45×60 सेंटीमीटर की दूरी पर लगाना बेहतर रहता है। रोपाई हमेशा शाम के समय करें, ताकि पौधे तेज धूप से बच सकें। अनुभवी किसानों का कहना है कि टमाटर की बढ़वार के लिए समय-समय पर यूरिया के माध्यम से नाइट्रोजन देना जरूरी है।

उत्तर प्रदेश में बसंत की प्रमुख तैयारियां
उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए फरवरी का महीना बसंत गन्ने और प्याज की रोपाई के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। सही समय पर रोपाई करने से फसल मजबूत होती है और उत्पादन बेहतर मिलता है। खेत की अच्छी जुताई, नमी बनाए रखना, संतुलित खाद और नियमित सिंचाई पर ध्यान देना जरूरी है।

सही योजना से सालभर की आमदनी
अगर किसान मौसम और फसल चक्र को ध्यान में रखकर खेती करते हैं, तो लागत कम और पैदावार अधिक मिल सकती है। अलग-अलग मौसम में अलग फसलें लगाने से जमीन की उर्वरता बनी रहती है और सालभर आमदनी के अवसर मिलते हैं। सही जानकारी और समय पर खेती अपनाकर किसान नुकसान के जोखिम को भी काफी हद तक कम कर सकते हैं।

मथुरा जंक्शन पर दारोगा ने वेंडर को पीटा, वीडियो वायरल होते ही सस्पेंड

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मथुरा जंक्शन से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें जीआरपी का एक दारोगा रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने वाले वेंडर के साथ मारपीट करता नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि यह घटना 25 फरवरी 2026 की सुबह करीब 8:20 बजे की है। करीब 3 मिनट 46 सेकंड लंबे इस वायरल वीडियो में दिख रहा है कि जीआरपी दारोगा पहले स्टॉल पर पहुंचकर चाय का ऑर्डर देता है और जल्दी चाय बनाने को कहता है।

ये है मामला

वीडियो के अनुसार, स्टॉल पर काम कर रहा कर्मचारी सफाई का हवाला देते हुए चाय बनाने के लिए थोड़ा समय मांगता है। इस बात पर दारोगा नाराज हो जाता है और कथित तौर पर उसे गालियां देने लगता है। मामला यहीं नहीं रुकता, बल्कि दारोगा वेंडर के हाथ से वाइपर छीनकर उसे मारना शुरू कर देता है। इतना ही नहीं, वह दुकानदार को दुकान से बाहर आने के लिए भी कहता दिखाई देता है। आसपास मौजूद लोग इस पूरी घटना को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड करते नजर आते हैं।

वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया। घटना पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जीआरपी आगरा के एसपी ने कार्रवाई की है।

अफसरों ने की कार्रवाई

इस संबंध में @spgrpagra ने X पर जवाब देते हुए लिखा, “वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए प्रारंभिक जांच सीओ जीआरपी आगरा से कराई गई। उक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित उ०नि० विवेक कुमार को अभद्रता और अनुशासनहीनता के क्रम में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है तथा सम्पूर्ण प्रकरण की विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।” फिलहाल पूरे मामले की विभागीय जांच जारी है। घटना ने रेलवे स्टेशन पर तैनात सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

इंडिगो ने 29 मार्च से नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से छह शहरों के लिए डायरेक्ट फ्लाइट्स शुरू करने की घोषणा की

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इंडिगो ने आने वाले नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) से छह घरेलू जगहों के लिए डायरेक्ट फ्लाइट शुरू करने की घोषणा की है। न्यूज़ एजेंसी ANI ने बताया कि अहमदाबाद, दीव, गोवा, राजकोट, बेलगाम और कोल्हापुर के लिए सर्विस 29 मार्च, 2026 से शुरू होंगी।(IndiGo announces direct flights from Navi Mumbai International Airport to six cities from March 29)

इन रूट्स पर ATR एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल

एयरलाइन ने एक ऑफिशियल बयान में कहा कि इन रूट्स पर ATR एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका मकसद रीजनल कनेक्टिविटी बढ़ाना और नवी मुंबई में अपनी मौजूदगी मजबूत करना है। इस फैसले से मेट्रो से टियर-2 और टियर-3 शहरों की यात्रा और आसान हो जाएगी।

इन फ्लाइट्स के लिए बुकिंग धीरे-धीरे शुरू की जा रही है। टिकट इंडिगो की ऑफिशियल वेबसाइट, मोबाइल ऐप और ऑथराइज्ड ट्रैवल एजेंट्स के जरिए मिलेंगे।

रीजनल हवाई सर्विस का विस्तार

इंडिगो ने बताया कि नवी मुंबई से फ्लाइट्स बढ़ाना उसकी बड़ी स्ट्रैटेजी का हिस्सा है। इसका मकसद ATR नेटवर्क का विस्तार करके टूरिज्म को बढ़ावा देना, रीजनल इकॉनमी को मजबूत करना और छोटे शहरों से बड़े शहरों तक फास्ट ट्रैवल की सुविधा देना है।

यह डेवलपमेंट नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एक बड़े एविएशन हब के तौर पर डेवलप करने की दिशा में एक कदम है। इससे मुंबई एयरपोर्ट पर भीड़ कम करने में भी मदद मिलेगी।

इंटरनेशनल फ्लाइट्स में टेम्पररी बदलाव

इस बीच, इंडिगो ने इस महीने की शुरुआत में अपनी लंबी दूरी की इंटरनेशनल फ्लाइट्स में टेम्पररी बदलावों की घोषणा की थी। ये बदलाव वाइड-बॉडी एयरक्राफ्ट के ऑपरेशन पर बाहरी रुकावटों के कारण किए गए हैं।

कुछ रूट्स पर सर्विस सस्पेंड

कोपेनहेगन के लिए फ्लाइट्स 17 फरवरी, 2026 से अगली सूचना तक सस्पेंड।

दिल्ली-मैनचेस्टर और दिल्ली-लंदन हीथ्रो रूट्स पर फ्लाइट्स की फ्रीक्वेंसी कम कर दी गई है।

कंपनी ने कहा कि प्रभावित यात्रियों को नियमों के अनुसार वैकल्पिक यात्रा, रिफंड या मुआवजा दिया जा रहा है।

इंडिगो ने साफ किया कि नॉर्स अटलांटिक एयरवेज के साथ ‘डैम्प लीज’ एग्रीमेंट के तहत मार्च 2025 से वाइड-बॉडी ऑपरेशन शुरू किए गए थे। यह एक टेम्पररी व्यवस्था है जब तक कि एयरबस A350-900 एयरक्राफ्ट 2028 से फ्लीट में शामिल नहीं हो जाते।

यह भी पढ़ें-बांद्रा में सेंट पीटर्स चर्च के लिए नीलामी नोटिस

यूपी पुलिस में शीर्ष स्तर पर खाली होंगे पद, तीन डीजी एक साथ हो रहे सेवानिवृत्त

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उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में 28 फरवरी को बड़ा प्रशासनिक बदलाव होने जा रहा है। इस दिन डीजी रैंक के तीन वरिष्ठ अधिकारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिससे विभागीय ढांचे में महत्वपूर्ण फेरबदल तय माना जा रहा है। रिटायर होने वाले अधिकारियों में डीजी मानवाधिकार संदीप सालुंके, डीजी होमगार्ड मनमोहन कुमार बशाल और डीजी अभियोजन दीपेश जुनेजा शामिल हैं। इन तीनों अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने के बाद विभाग में शीर्ष स्तर पर रिक्तियां उत्पन्न होंगी, जिन्हें भरने की तैयारी लगभग पूरी मानी जा रही है।

इन पदों पर हैं तैनात

संदीप सालुंके वर्तमान में यूपी कैडर के सबसे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों में गिने जाते हैं। उन्होंने मानवाधिकार प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी संभालते हुए कई अहम मामलों की निगरानी की। वहीं मनमोहन कुमार बशाल होमगार्ड विभाग की कमान संभाल रहे थे और संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। डीजी अभियोजन दीपेश जुनेजा ने अभियोजन तंत्र को प्रभावी बनाने और मामलों के त्वरित निस्तारण पर जोर दिया।

कईयों को मिलेगा प्रमोशन

इन तीनों अधिकारियों के एक साथ रिटायर होने से विभाग में पदोन्नति की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक एडीजी स्तर के अधिकारियों को डीजी पद पर प्रोन्नत किया जाएगा। इसके साथ ही व्यापक स्तर पर तबादलों की संभावना भी जताई जा रही है, जिसमें डीजी से लेकर एसपी रैंक तक के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।

28 फरवरी के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस की वरिष्ठता सूची में भी बदलाव देखने को मिलेगा। विभागीय संरचना में यह परिवर्तन प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे नेतृत्व स्तर पर नई जिम्मेदारियां और नई कार्यशैली की शुरुआत होगी।

 

मुंबई – BMC का बजट घोषित, इस बार 80 हजार करोड़ से भी ज्यादा

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बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) के कमिश्नर भूषण गगरानी ने बुधवार को फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) का बजट ऑफिशियली पेश किया।(Mumbai Municipal Corporation budget announced)

80952.86 करोड़ रुपये का बजट 

स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन प्रभाकर शिंदे के सामने पेश किया गया यह बजट 80952.86 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक माइलस्टोन तक पहुंच गया है, जो म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के खर्च में भारी बढ़ोतरी दिखाता है।

यह रिकॉर्ड आंकड़ा पिछले साल के 74427.41 करोड़ रुपये के बजट अनुमान से 6,500 करोड़ रुपये से ज़्यादा की बढ़ोतरी दिखाता है।इस बड़े खर्च प्लान की रीढ़ एक मज़बूत रेवेन्यू स्ट्रैटेजी है जिससे कई खास सेक्टर में अच्छी-खासी ग्रोथ की उम्मीद है।

बजट डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, BMC के खजाने में सबसे बड़ा योगदान सेस के बजाय कम्पेनसेशन से है, जिसके फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए 15550.02 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। इसके बाद डेवलपमेंट प्लान (DP) चार्ज और प्रीमियम आते हैं, जिनका अनुमान R12,050 करोड़ है, जो शहर में चल रहे रियल एस्टेट विस्तार और कंस्ट्रक्शन एक्टिविटीज़ को दिखाता है।

2026-27 के लिए प्रॉपर्टी टैक्स का बजट अनुमान 7,000 करोड़ 

प्रॉपर्टी टैक्स मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के लिए एक अहम इंटरनल रेवेन्यू पिलर है। 2026-27 के लिए प्रॉपर्टी टैक्स का बजट अनुमान Rs 7,000 करोड़ रखा गया है, जो पिछले साल के रिवाइज़्ड अनुमान से काफ़ी ज़्यादा है।इस बढ़ोतरी के साथ पानी और सीवेज चार्ज में Rs 2,393.46 करोड़ की बढ़ोतरी और इन्वेस्टमेंट पर ब्याज भी शामिल है, जिससे Rs 2,572.23 करोड़ मिलने की उम्मीद है।


ये अलग-अलग रेवेन्यू स्ट्रीम शहर के बड़े कैपिटल खर्च प्रोजेक्ट्स को फंड करने के लिए ज़रूरी लिक्विडिटी देने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।ट्रेडिशनल टैक्स के अलावा, BMC अपनी फाइनेंशियल हेल्थ को मज़बूत करने के लिए सेकेंडरी सोर्स देख रही है।

सुपरविज़न फीस से रेवेन्यू काफ़ी बढ़कर 3298.45 करोड़ होने की उम्मीद है, जबकि राज्य सरकार से ग्रांट 1461.57 करोड़ होने का अनुमान है।आने वाले साल में रोड्स एंड ब्रिजेज डिपार्टमेंट, फायर डिपार्टमेंट और लाइसेंसिंग डिपार्टमेंट से मिलने वाली रकम समेत दूसरे कंट्रीब्यूटर्स से कुल रेवेन्यू 51510.94 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।

यह भी पढ़ें-महाराष्ट्र में होली, मुहर्रम और गांधी जयंती पर ड्राई डे खत्म होने की संभावना

फरवरी की खेती : सही फसल, सही समय और बेहतर मुनाफे का महीना, जानें; किन फसलों की करें बुवाई

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फरवरी की खेती

फरवरी की खेती
– फोटो : गांव जंक्शन

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जनवरी की ठिठुरन के बाद फरवरी खेतों में नई शुरुआत का संकेत लेकर आता है। न मौसम की सख्ती रहती है और न ही तेज गर्मी का दबाव, ऐसे में यह महीना किसानों के लिए योजना, श्रम और मुनाफे तीनों के लिहाज से बेहद अहम हो जाता है। इसी दौर में की गई सही बुवाई और रोपाई न सिर्फ बेहतर पैदावार का रास्ता खोलती है, बल्कि साल भर की आय की नींव भी मजबूत करती है।बसंतकालीन गन्ना : 15 फरवरी के बाद करें बुवाई
फरवरी के मध्य यानी 15 फरवरी के बाद बसंतकालीन गन्ने की बुवाई के लिए आदर्श समय माना जाता है। उन्नत और रोगमुक्त बीज का उपयोग करने से उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। बुवाई से पहले बीज को फफूंदीनाशक दवा से उपचारित करना जरूरी है। जिन किसानों के खेत में पहले से गन्ने की पेड़ी मौजूद है, उन्हें कटाई जमीन से सटाकर करनी चाहिए, ताकि नई फसल मजबूत और स्वस्थ विकसित हो सके।

भिंडी : जल्दी बाजार, बेहतर दाम
फरवरी में भिंडी की जायद फसल लगाने से किसान जल्दी सब्जी बाजार में उतार सकते हैं, जिससे उन्हें अच्छा भाव मिलता है। बुवाई के समय कतार से कतार की दूरी 25 से 30 सेंटीमीटर रखना जरूरी है। इससे पौधों को पर्याप्त जगह मिलती है और फलन अधिक होता है। समय पर सिंचाई और संतुलित खाद देने से भिंडी की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार होता है।

सूरजमुखी : कम समय, ज्यादा संभावना
तेल वाली फसलों में सूरजमुखी तेजी से किसानों की पसंद बन रही है। इसकी बुवाई 15 से 29 फरवरी के बीच करना सबसे उपयुक्त माना जाता है। किसान मिट्टी और जलवायु के अनुसार सही किस्म का चयन करें। बीज को कार्बंडाजिम या थीरम से उपचारित करने से रोगों का खतरा कम हो जाता है। कम समय में तैयार होने और अच्छी बाजार मांग के कारण सूरजमुखी मुनाफे का अच्छा विकल्प है।

टमाटर : गर्मियों की कमाई का आधार
फरवरी में टमाटर की रोपाई करने से गर्मियों में अच्छी पैदावार मिलती है। पौधों को 45×60 सेंटीमीटर की दूरी पर लगाना बेहतर रहता है। रोपाई हमेशा शाम के समय करें, ताकि पौधे तेज धूप से बच सकें। अनुभवी किसानों का कहना है कि टमाटर की बढ़वार के लिए समय-समय पर यूरिया के माध्यम से नाइट्रोजन देना जरूरी है।

उत्तर प्रदेश में बसंत की प्रमुख तैयारियां
उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए फरवरी का महीना बसंत गन्ने और प्याज की रोपाई के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। सही समय पर रोपाई करने से फसल मजबूत होती है और उत्पादन बेहतर मिलता है। खेत की अच्छी जुताई, नमी बनाए रखना, संतुलित खाद और नियमित सिंचाई पर ध्यान देना जरूरी है।

सही योजना से सालभर की आमदनी
अगर किसान मौसम और फसल चक्र को ध्यान में रखकर खेती करते हैं, तो लागत कम और पैदावार अधिक मिल सकती है। अलग-अलग मौसम में अलग फसलें लगाने से जमीन की उर्वरता बनी रहती है और सालभर आमदनी के अवसर मिलते हैं। सही जानकारी और समय पर खेती अपनाकर किसान नुकसान के जोखिम को भी काफी हद तक कम कर सकते हैं।

यूपी पुलिस SI-ASI ट्रांस्क्रिप्शन परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी, जानें कब है परीक्षा

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UP Police Exam 2025: कुछ अभ्यर्थियों की फोटो में गड़बड़ी, परीक्षा के दिन साथ लानी होंगी दो रंगीन फोटो, बोर्ड ने दी बड़ी अपडेट
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने पुलिस उप निरीक्षक (गोपनीय) पद की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। बोर्ड द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, पुलिस उप निरीक्षक (गोपनीय), पुलिस सहायक उप निरीक्षक (लिपिक) तथा पुलिस सहायक उप निरीक्षक (लेखा) के पदों पर सीधी भर्ती-2023 के अंतर्गत चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसी क्रम में पुलिस उप निरीक्षक (गोपनीय) पद के अभ्यर्थियों के लिए आशुलिपि श्रुतलेख टंकण (ट्रांसक्रिप्शन) परीक्षा आयोजित की जाएगी।

यहां आयोजित होगी परीक्षा

सूचना के मुताबिक यह परीक्षा 28 फरवरी 2026 को जनपद गौतमबुद्धनगर में निर्धारित परीक्षा केंद्र पर आयोजित होगी। जिन अभ्यर्थियों ने संबंधित पद के लिए आवेदन किया है और कंप्यूटर टंकण परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं, वही इस चरण में शामिल होंगे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा से संबंधित प्रवेश पत्र आधिकारिक वेबसाइट [http://uppbpb.gov.in]पर 24 फरवरी 2026 से डाउनलोड के लिए उपलब्ध करा दिए गए हैं।

यहां से डाउनलोड करें प्रवेश पत्र

अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते वेबसाइट पर जाकर अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर लें और उसमें दर्ज परीक्षा केंद्र, तिथि तथा समय की जानकारी ध्यानपूर्वक जांच लें। बिना प्रवेश पत्र के किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचने और आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

बोर्ड की ओर से जारी इस सूचना के बाद अभ्यर्थियों में हलचल तेज हो गई है। भर्ती प्रक्रिया के इस महत्वपूर्ण चरण को लेकर उम्मीदवार तैयारियों में जुट गए हैं। प्रशासन ने परीक्षा को सुचारु और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की बात कही है।

महाराष्ट्र : नासिक तीन दिन में 5 बार भूकंप के झटकों से थर्राया, त्रयम्बकेश्वर में भी बढ़ी चिंता

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मुंबई. महाराष्ट्र के नासिक जिले के सीमावर्ती इलाकों में पिछले तीन दिनों से धरती के कांपने का सिलसिला थम नहीं रहा है. हरसूल और पेठ क्षेत्र में रविवार से लेकर मंगलवार तक लगातार पांच बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. हालांकि, राहत की बात यह है कि ये सभी झटके कम तीव्रता के थे, लेकिन बार-बार हो रही इस भूगर्भीय हलचल ने स्थानीय निवासियों की नींद उड़ा दी है और पूरे जिले में चिंता का माहौल है.

3 दिन में 5 बार लगे भूकंप के झटके

नासिक के मेरी स्थित भूकंप मापन केंद्र के अनुसार, रविवार (22 फरवरी) शाम से शुरू हुआ यह सिलसिला मंगलवार (24 फरवरी) सुबह तक जारी रहा. रिकॉर्ड के मुताबिक, रविवार शाम 7:49 बजे और रात 9:35 बजे 1.5 रिक्टर स्केल के दो झटके महसूस किए गए. इसके बाद सोमवार तड़के 5:03 बजे और सुबह 7:28 बजे फिर से धरती हिली. मंगलवार सुबह 6:48 बजे एक बार फिर 1.5 तीव्रता का झटका दर्ज किया गया. चौंकाने वाली बात यह है कि लगातार पांच बार एक ही तीव्रता के झटके आये.

दहशत में हरसूल और पेठ

जानकारी के अनुसार, इन झटकों का केंद्र नासिक शहर से लगभग 38 किमी दूर बताया जा रहा है. हालांकि, अत्याधुनिक उपकरणों की कमी के कारण अब तक भूकंप का केंद्र (एपिसेंटर) का पता नहीं लगा है. हालांकि भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण अभी तक किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की खबर नहीं है.

अवैध निर्माण ने बढ़ाई चिंता

हरसूल और पेठ में आ रहे इन झटकों का सबसे ज्यादा असर प्रसिद्ध तीर्थस्थल त्र्यंबकेश्वर में महसूस किया जा रहा है. हरसूल और त्र्यंबकेश्वर के बीच की दूरी बहुत कम है. जानकारों का मानना है कि यदि भविष्य में अधिक तीव्रता का भूकंप आता है, तो त्र्यंबकेश्वर में हो रहे अनियंत्रित और अवैध निर्माण सबसे पहले धराशायी हो सकते हैं.
 

फरवरी की खेती : सही फसल, सही समय और बेहतर मुनाफे का महीना, जानें; किन फसलों की करें बुवाई

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फरवरी की खेती – फोटो : गांव जंक्शन

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जनवरी की ठिठुरन के बाद फरवरी खेतों में नई शुरुआत का संकेत लेकर आता है। न मौसम की सख्ती रहती है और न ही तेज गर्मी का दबाव, ऐसे में यह महीना किसानों के लिए योजना, श्रम और मुनाफे तीनों के लिहाज से बेहद अहम हो जाता है। इसी दौर में की गई सही बुवाई और रोपाई न सिर्फ बेहतर पैदावार का रास्ता खोलती है, बल्कि साल भर की आय की नींव भी मजबूत करती है।

बसंतकालीन गन्ना : 15 फरवरी के बाद करें बुवाई
फरवरी के मध्य यानी 15 फरवरी के बाद बसंतकालीन गन्ने की बुवाई के लिए आदर्श समय माना जाता है। उन्नत और रोगमुक्त बीज का उपयोग करने से उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। बुवाई से पहले बीज को फफूंदीनाशक दवा से उपचारित करना जरूरी है। जिन किसानों के खेत में पहले से गन्ने की पेड़ी मौजूद है, उन्हें कटाई जमीन से सटाकर करनी चाहिए, ताकि नई फसल मजबूत और स्वस्थ विकसित हो सके।

भिंडी : जल्दी बाजार, बेहतर दाम
फरवरी में भिंडी की जायद फसल लगाने से किसान जल्दी सब्जी बाजार में उतार सकते हैं, जिससे उन्हें अच्छा भाव मिलता है। बुवाई के समय कतार से कतार की दूरी 25 से 30 सेंटीमीटर रखना जरूरी है। इससे पौधों को पर्याप्त जगह मिलती है और फलन अधिक होता है। समय पर सिंचाई और संतुलित खाद देने से भिंडी की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार होता है।

सूरजमुखी : कम समय, ज्यादा संभावना
तेल वाली फसलों में सूरजमुखी तेजी से किसानों की पसंद बन रही है। इसकी बुवाई 15 से 29 फरवरी के बीच करना सबसे उपयुक्त माना जाता है। किसान मिट्टी और जलवायु के अनुसार सही किस्म का चयन करें। बीज को कार्बंडाजिम या थीरम से उपचारित करने से रोगों का खतरा कम हो जाता है। कम समय में तैयार होने और अच्छी बाजार मांग के कारण सूरजमुखी मुनाफे का अच्छा विकल्प है।

टमाटर : गर्मियों की कमाई का आधार
फरवरी में टमाटर की रोपाई करने से गर्मियों में अच्छी पैदावार मिलती है। पौधों को 45×60 सेंटीमीटर की दूरी पर लगाना बेहतर रहता है। रोपाई हमेशा शाम के समय करें, ताकि पौधे तेज धूप से बच सकें। अनुभवी किसानों का कहना है कि टमाटर की बढ़वार के लिए समय-समय पर यूरिया के माध्यम से नाइट्रोजन देना जरूरी है।

उत्तर प्रदेश में बसंत की प्रमुख तैयारियां
उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए फरवरी का महीना बसंत गन्ने और प्याज की रोपाई के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। सही समय पर रोपाई करने से फसल मजबूत होती है और उत्पादन बेहतर मिलता है। खेत की अच्छी जुताई, नमी बनाए रखना, संतुलित खाद और नियमित सिंचाई पर ध्यान देना जरूरी है।

सही योजना से सालभर की आमदनी
अगर किसान मौसम और फसल चक्र को ध्यान में रखकर खेती करते हैं, तो लागत कम और पैदावार अधिक मिल सकती है। अलग-अलग मौसम में अलग फसलें लगाने से जमीन की उर्वरता बनी रहती है और सालभर आमदनी के अवसर मिलते हैं। सही जानकारी और समय पर खेती अपनाकर किसान नुकसान के जोखिम को भी काफी हद तक कम कर सकते हैं।