Tuesday, March 3, 2026
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संभल के DM-SP की सीएम योगी से अहम मुलाकात, सुरक्षा-विकास एजेंडे पर हुई चर्चा

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लखनऊ में संभल जिले के डीएम डॉ. राजेंद्र पेंसिया और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट करके जिले से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। अधिकारियों ने सीएम को पंचमुखी हनुमान की प्रतिमा भेंट की, जिसे औपचारिक मुलाकात के संकेत से आगे एक संदेशपूर्ण प्रतीक माना जा रहा है।

संवेदनशील समय पर हुई मुलाकात

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब संभल में पिछले वर्ष सुर्खियों में रहे दो बड़े घटनाक्रम—जामा मस्जिद परिसर में मंदिर दावा और उसके कुछ दिनों बाद भड़की हिंसा—की वर्षगांठ नजदीक है। 19 नवंबर को दावा दायर किए जाने की एक वर्ष की अवधि पूरी हो रही है, जबकि 24 नवंबर को उस हिंसा को भी एक साल पूरा होगा, जिसमें चार लोगों की मौत हुई थी।

पिछले वर्ष कोर्ट के आदेश पर जामा मस्जिद का सर्वे कराया गया था, जिसके दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया था। दूसरे दिन की सर्वे कार्रवाई के दौरान भीड़ ने हिंसक रूप ले लिया था। इसके बाद जिले के डीएम और एसपी ने गंभीर धाराओं में कार्रवाई, असामाजिक तत्वों पर शिकंजा और हालात पर नियंत्रण को लेकर सक्रिय भूमिका निभाई, जिसके कारण वे ज़िले में विशेष तौर पर चर्चा में रहे।

अफसरों ने दी जानकारी

सीएम से मुलाकात के दौरान दोनों अधिकारियों ने संभल में चल रहे विकास और प्रशासनिक सुधारों की विस्तार से जानकारी दी। विशेष तौर पर तीर्थस्थलों, प्राचीन कूपों और धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों के जीर्णोद्धार की प्रगति मुख्यमंत्री को बताई गई। अधिकारी यह भी बताने से नहीं चूके कि हिंसा के बाद अतिक्रमण हटाने, अवैध निर्माणों पर कार्रवाई और सरकारी भूमि को मुक्त कराने में प्रशासन ने तेज़ी से काम किया है।

सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में संवेदनशील तारीखों को देखते हुए जिले की सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर भी रणनीतिक चर्चा हुई। मुलाकात को जिले में स्थिरता, विकास और सुरक्षा के नए रोडमैप से जोड़कर देखा जा रहा है।

 

पढ़िए पुलिस मीडिया पत्रिका का नवंबर संस्करण

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कवर स्टोरी में पढ़िए “कैसे 8 सालों से बदमाशों के लिए काल बन रही UP Police”

 

 

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600 करोड़ जीएसटी घोटाले की जांच तेज, यूपी में पांच IPS अफसरों की राज्यस्तरीय SIT बनी

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मुरादाबाद में सामने आई 600 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी के मामलों ने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी है। इसी गंभीरता को देखते हुए डीजीपी राजीव कृष्ण ने पांच वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एक राज्यस्तरीय एसआईटी गठित कर दी है, जो अब यूपी के 45 जिलों में दर्ज 147 जीएसटी फर्जीवाड़ा मामलों की सुपरविजन करेगी। यह पहली बार है जब इतनी बड़ी टैक्स चोरी की जांच को केंद्रीकृत कर उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग की जा रही है।

ये टीम करेगी जांच

राज्यस्तरीय एसआईटी की कमान आर्थिक अपराध शाखा (EOW) के आईजी सुनील मेनुएल को सौंपी गई है। उनकी टीम में आईपीएस सुशील घुले चंद्रभान, अविनाश पांडेय, बबिता सिंह और प्रेम कुमार शुक्ला शामिल हैं। शनिवार को लखनऊ स्थित मुख्यालय से इन अफसरों ने प्रदेशभर में बनी जिला स्तरीय एसआईटी टीमों के साथ ऑनलाइन बैठक की, जो करीब ढाई घंटे चली।

बैठक में सभी जिलों को निर्देश दिया गया कि एक सप्ताह के भीतर अपने-अपने केसों से जुड़े मूल रिकॉर्ड, दस्तावेज, जब्ती, संदिग्ध फर्मों की डिटेल और अब तक की जांच की रिपोर्ट लखनऊ भेजी जाए।

सूत्रों के अनुसार आगे की कार्रवाई पूरी तरह राज्यस्तरीय एसआईटी की रणनीति पर आधारित होगी। जिलों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि किसी भी गिरफ्तारी, हिरासत, पूछताछ या चार्जशीट दाखिल करने से पहले लखनऊ की टीम से सहमति लेनी होगी। इस कदम का उद्देश्य जांच को एक दिशा में रखना और टैक्स चोरी के नेटवर्क को विस्तार से समझकर पूरी चेन का पर्दाफाश करना है।

अब तक हुआ ये खुलासा 

मुरादाबाद में पकड़े गए दो ट्रकों से शुरू हुए इस खुलासे में अब तक 122 फर्जी फर्मों के जरिए 600 करोड़ से ज्यादा की चोरी सामने आ चुकी है। लगातार बढ़ते केसों और फर्जी रजिस्ट्रेशन के नेटवर्क ने जांच एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।

जिला स्तर की एसआईटी आगे भी साक्ष्य जुटाती रहेगी, जबकि राज्यस्तरीय टीम पूरे ऑपरेशन की निगरानी और अंतिम कार्रवाई तय करेगी। यह कार्रवाई प्रदेश में अब तक की सबसे बड़ी जीएसटी धोखाधड़ी जांचों में से एक मानी जा रही है।

सोनभद्र में बैडमिंटन खेलते समय हेड कांस्टेबल को हार्ट अटैक, इलाज के दौरान मौत

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सोनभद्र में रविवार की शाम एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां बभनी थाना में तैनात हेड कांस्टेबल विशाल यादव की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। 48 वर्षीय विशाल यादव रविवार को नियमित दिन की तरह बैडमिंटन खेल रहे थे। खेल के दौरान ही उन्हें तेज सीने में दर्द हुआ और कुछ ही पलों में वे जमीन पर गिर पड़े। साथ खेल रहे पुलिसकर्मियों ने तत्काल इसकी गंभीरता को समझते हुए उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बभनी पहुंचाया।

इलाज के दौरान मौत

स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक जांच के दौरान डॉक्टरों ने आशंका जताई कि उन्हें हार्ट अटैक आया है। स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में जांच के बाद चिकित्सकों ने उनकी हालत नाजुक बताते हुए वाराणसी स्थित बीएचयू ट्रॉमा सेंटर भेजने का निर्णय लिया।

पुलिसकर्मियों ने एंबुलेंस की मदद से उन्हें देर शाम बीएचयू पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की टीम ने लगातार उपचार जारी रखा, लेकिन रात करीब इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

हेड कांस्टेबल विशाल यादव मूल रूप से गाजीपुर जिले के निवासी थे। वर्ष 1997 में भर्ती होकर वे लगातार पुलिस विभाग में सेवा दे रहे थे। उनके परिवार में एक बेटा और दो बेटियां हैं। अचानक हुए इस हादसे ने परिवार समेत पूरे बभनी थाना स्टाफ को गहरे सदमे में डाल दिया है।

थाना प्रभारी ने दी जानकारी 

थाना प्रभारी निरीक्षक कमलेश पाल ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही बचाने के हर संभव प्रयास किए गए, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार हार्ट अटैक बेहद तीव्र था। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस विभाग ने हेड कांस्टेबल की असामयिक मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है।

वनीला बाजार में भारी गिरावट: वैश्विक आपूर्ति बढ़ी, कीमतें 600 डॉलर से लुढ़ककर 60 डॉलर प्रति किलो पर आईं

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Vanilla

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– फोटो : सोशल मीडिया AI

विस्तार


अंतरराष्ट्रीय बाजार में वनीला की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक स्तर पर आपूर्ति बढ़ने और मांग स्थिर रहने के कारण कीमतें लगभग 90 प्रतिशत तक नीचे आ गई हैं। कभी 2016 से 2021 के बीच 600 डॉलर प्रति किलोग्राम तक पहुंचने वाली वैनीला अब 60-70 डॉलर प्रति किलो के दायरे में सिमट गई है। भारत में भी यही रुझान देखा जा रहा है। यहां वनीला की कीमतें ₹600-700 प्रति किलो तक गिर गई हैं, जबकि कुछ वर्ष पहले यही कीमत ₹5,000 प्रति किलो थी।मेडागास्कर से बढ़ी आपूर्ति ने तोड़ा बाजार का संतुलन
इडुक्की (केरल) स्थित वनीला प्रोसेसिंग कंपनी इकोस्पाइस (EcoSpice) के प्रबंध निदेशक जोसेफ सेबेस्टियन ने बताया कि दुनिया के सबसे बड़े उत्पादक मेडागास्कर में उत्पादन ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है। इसके चलते हरी वनीला (Green Vanilla) की कीमतें भी रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई हैं। उन्होंने कहा कि “राजनीतिक अस्थिरता के चलते मेडागास्कर में निर्यात प्रवाह प्रभावित हुआ है, जिससे बाजार की सामान्य गतिविधियां भी धीमी पड़ गई हैं।”

मांग स्थिर, बाजार खरीदारों के पक्ष में
वनीला की कीमतों में गिरावट के बावजूद वैश्विक मांग में कोई खास वृद्धि नहीं हुई है। सेबेस्टियन ने बताया कि “वर्तमान में उत्पादन इतना अधिक है कि मांग उसका समर्थन नहीं कर पा रही। इससे कीमतों पर लगातार दबाव बना हुआ है और बाजार पूरी तरह ‘खरीदार-प्रधान चक्र’ (buyer-driven cycle) में फंसा हुआ है।” उन्होंने कहा कि कई देशों में किसान कठिन दौर से गुजर रहे हैं क्योंकि अधिक आपूर्ति और कमजोर मांग से उनकी आय पर बुरा असर पड़ रहा है।

इंडोनेशिया और युगांडा में अलग हालात
रिपोर्ट के अनुसार, इंडोनेशिया अब भी वैश्विक आपूर्ति- मांग संतुलन के अनुरूप नहीं चल रहा है और लगातार स्टॉक जमा कर रहा है, जिससे पहले से ही संतृप्त बाजार पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। वहीं युगांडा अपेक्षाकृत संतुलित रुख रखता है और अपने इन्वेंट्री स्तर को कम बनाए हुए है। हालांकि कमजोर फॉर्म-गेट कीमतों के कारण वहां के किसान अब कॉफी और कोको जैसी अधिक लाभदायक फसलों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे भविष्य में युगांडा की वैनीला आपूर्ति घट सकती है।

भारत की भूमिका सीमित, घरेलू मांग तक सिमटा उत्पादन
भारत अब भी वैश्विक वनीला बाजार में छोटी भूमिका निभा रहा है। सेबेस्टियन के मुताबिक, भारत में हर साल लगभग 15-20 टन वैनीला का उत्पादन होता है, जो मुख्यतः घरेलू उपभोग के लिए प्रयुक्त होती है। उन्होंने बताया कि अधिकांश कन्फेक्शनरी कंपनियों के पास पहले से पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, क्योंकि उन्होंने कम कीमतों पर बड़ी मात्रा में वनीला खरीदी हुई है।

बाजार का दृष्टिकोण: निकट भविष्य में सुधार की संभावना कम
सेबेस्टियन ने कहा कि फिलहाल बाजार की स्थिति बेयरिश (Bearish) बनी हुई है। आपूर्ति और मांग के बीच असंतुलन के कारण निकट और मध्यम अवधि में सुधार की संभावना बहुत कम है। वनीला की खेती करने वाले किसानों के लिए यह दौर चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि उच्च उत्पादन के बावजूद उन्हें लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है।

ढोंगी बाबा की गंदी करतूत : 14 साल तक किया दुष्कर्म, डराकर कहा-शारीरिक संबंध नहीं बनाया तो घर में होगी मौत

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नासिक. महाराष्ट्र के नासिक जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहां जादू-टोने का डर दिखाकर एक ढोंगी बाबा ने पिछले 14 सालों तक एक महिला का यौन शोषण किया. आरोप है कि वह महिला को धमकाता था कि अगर उसने यौन संबंध बनाने से इंकार किया तो उसके परिवार में किसी की मौत हो जाएगी. महिला कई साल तक इसी डर में जीती रही और आखिरकार हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

पीडि़त महिला ने शिकायत में बताया कि आरोपी उस पर काला जादू का डर दिखाकर मानसिक दबाव बनाता था. वह कहता था कि वह श्मशान में पूजा करता है और उसके पास एक किताब है जिसमें महिला के पति और बच्चों के नाम लिखे हैं. अगर उसने उसकी बात नहीं मानी तो इनमें से किसी एक की बलि चढ़ जाएगी. इसी अंधविश्वास और धमकी का फायदा उठाकर वह सालों तक उसका यौन उत्पीडऩ करता रहा.

इतना ही नहीं आरोपी ढोंगी बाबा ने वर्ष 2010 से अब तक पीडि़ता के परिवार से लगभग 50 लाख रुपये की ठगी भी की. इस मामले में नासिक के इंदिरानगर थाने में आरोपी गणेश जगताप के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. वह नासिक के निफाड तालुका के धारणगाव का रहने वाला है. पुलिस ने शिकायत के अधर पर उसके खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. इसमें रेप, काला जादू और आर्थिक अपराध से जुड़ी धाराएं लगाई हैं.

इस बीच, शिकायत दर्ज होते ही आरोपी को इसकी भनक लग गई और वह फरार हो गया. पुलिस की एक टीम उसकी तलाश में जुटी है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है. इस घटना के सामने आने के बाद यह आशंका भी जताई जा रही है कि अन्य पीडि़त महिलाएं भी आगे आ सकती हैं.

महाराष्ट्र : पुणे में तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से 3 युवकों की दर्दनाक मौत

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पुणे. महाराष्ट्र के पुणे में एक दुखद रेल हादसा हुआ है, जिसमें तीन युवकों की तेज रफ्तार ट्रेन से टकराकर मौत हो गई. यह हादसा मांजरी रेलवे स्टेशन के पास गोपालपट्टी क्षेत्र में रविवार 16 नवम्बर की देर रात हुआ. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया.जानकारी के अनुसार, पुणे से सोलापुर की ओर जा रही तेज रफ्तार ट्रेन अचानक रेल पटरी के पास मौजूद पांच युवकों के बीच से गुजरी. इनमें से तीन युवक ट्रेन की सीधी चपेट में आ गए और दूर तक उछल कर गिर पड़े.

हादसा इतना भीषण था कि उनके शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए.मरने वाले युवकों की पहचान प्रथमेश नितीन तिंदे, तनमय महेंद्र तुपे, और तुषार शिंदे के रूप में हुई है. तीनों पुणे में ही रहने वाले बताए गए हैं.  घटना रविवार रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच पांच दोस्त मांजरी स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर पहुंचे थे. उसी समय सोलापुर की ओर जाने वाली तेज रफ्तार ट्रेन वहां पहुंची और तीन युवक उसकी चपेट में आ गए. हादसे के बाद बाकी दो दोस्त घबरा कर वहां से भाग निकले.

पुलिस मौके पर पहुंची

रेलवे पुलिस और हडपसर पुलिस को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, वे तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे. तीनों शवों को कब्जे में लेने के बाद उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए ससून हॉस्पिटल भेजा गया है.पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवक रात के समय रेलवे ट्रैक के इतने करीब क्यों पहुंचे थे और वे वहां क्या कर रहे थे.मृतकों के परिवारों को घटना की जानकारी दे दी गई है. अचानक हुए इस हादसे ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और बचे हुए दो युवकों से भी पूछताछ की जाएगी.

वसई विरार में मीटर-आधारित रिक्शा सेवा शुरू

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वसई-विरार में ऑटो रिक्शा और टैक्सियों के लिए 15 नवंबर से मीटर आधारित किराया लागू होगा।इस बीच, क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय ने मीटर वाले ऑटो रिक्शा के लिए संशोधित किराए की घोषणा की है। न्यूनतम किराया 26 रुपये से शुरू होगा।(Meter-based rickshaw service starts in Vasai Virar)

मीटर आधारित सेवाएँ शुरू करने के लिए 15 नवंबर तक का समय दिया गया

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने 13 अक्टूबर को कहा था कि टैक्सी और ऑटो रिक्शा चालकों को वसई और विरार में मीटर आधारित सेवाएँ शुरू करने के लिए 15 नवंबर तक का समय दिया गया है।बैठक का उद्देश्य वसई-विरार नगर निगम क्षेत्र में यातायात की समस्या पर ध्यान केंद्रित करना था। परिवहन मंत्री के अनुसार, टैक्सी और ऑटो रिक्शा चालकों को राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किराए के अनुसार यात्रियों से किराया लेना चाहिए।

ऐसा रहेगा किराया

1.50 किलोमीटर की दूरी के लिए यात्रियों से सामान्य किराया 26 रुपये है, जबकि इसी दूरी के लिए मध्यरात्रि का किराया 32 रुपये होगा। 2 किलोमीटर की दूरी के लिए ऑटोरिक्शा का मीटर आधारित किराया 34 रुपये और मध्यरात्रि का किराया 43 रुपये होगा।वसई-विरार में मीटर आधारित किराया वसूलने का निर्णय मंत्रालय में विधायक स्नेहा दुबे, एमएसआरटीसी के प्रबंध निदेशक डॉ. माधव कुसेकर, वसई-विरार नगर आयुक्त मनोज सूर्यवंशी, अतिरिक्त परिवहन आयुक्त भरत कालस्कर और अन्य अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया।

लंबी दूरी की बस सेवाएँ शुरू करने का निर्देश 

बैठक के दौरान, राज्य के परिवहन मंत्री ने राज्य परिवहन निगम को वसई-विरार नगर निगम क्षेत्र से ठाणे और कल्याण के लिए लंबी दूरी की बस सेवाएँ शुरू करने का निर्देश दिया था।

यह भी पढ़ें-मध्य रेलवे ने अनाधिकृत और बिना टिकट यात्रियों से 40 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला

वनीला बाजार में भारी गिरावट: वैश्विक आपूर्ति बढ़ी, कीमतें 600 डॉलर से लुढ़ककर 60 डॉलर प्रति किलो पर आईं

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Vanilla – फोटो : सोशल मीडिया AI

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में वनीला की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक स्तर पर आपूर्ति बढ़ने और मांग स्थिर रहने के कारण कीमतें लगभग 90 प्रतिशत तक नीचे आ गई हैं। कभी 2016 से 2021 के बीच 600 डॉलर प्रति किलोग्राम तक पहुंचने वाली वैनीला अब 60-70 डॉलर प्रति किलो के दायरे में सिमट गई है। भारत में भी यही रुझान देखा जा रहा है। यहां वनीला की कीमतें ₹600-700 प्रति किलो तक गिर गई हैं, जबकि कुछ वर्ष पहले यही कीमत ₹5,000 प्रति किलो थी।

मेडागास्कर से बढ़ी आपूर्ति ने तोड़ा बाजार का संतुलन
इडुक्की (केरल) स्थित वनीला प्रोसेसिंग कंपनी इकोस्पाइस (EcoSpice) के प्रबंध निदेशक जोसेफ सेबेस्टियन ने बताया कि दुनिया के सबसे बड़े उत्पादक मेडागास्कर में उत्पादन ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है। इसके चलते हरी वनीला (Green Vanilla) की कीमतें भी रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई हैं। उन्होंने कहा कि “राजनीतिक अस्थिरता के चलते मेडागास्कर में निर्यात प्रवाह प्रभावित हुआ है, जिससे बाजार की सामान्य गतिविधियां भी धीमी पड़ गई हैं।”

मांग स्थिर, बाजार खरीदारों के पक्ष में
वनीला की कीमतों में गिरावट के बावजूद वैश्विक मांग में कोई खास वृद्धि नहीं हुई है। सेबेस्टियन ने बताया कि “वर्तमान में उत्पादन इतना अधिक है कि मांग उसका समर्थन नहीं कर पा रही। इससे कीमतों पर लगातार दबाव बना हुआ है और बाजार पूरी तरह ‘खरीदार-प्रधान चक्र’ (buyer-driven cycle) में फंसा हुआ है।” उन्होंने कहा कि कई देशों में किसान कठिन दौर से गुजर रहे हैं क्योंकि अधिक आपूर्ति और कमजोर मांग से उनकी आय पर बुरा असर पड़ रहा है।

इंडोनेशिया और युगांडा में अलग हालात
रिपोर्ट के अनुसार, इंडोनेशिया अब भी वैश्विक आपूर्ति- मांग संतुलन के अनुरूप नहीं चल रहा है और लगातार स्टॉक जमा कर रहा है, जिससे पहले से ही संतृप्त बाजार पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। वहीं युगांडा अपेक्षाकृत संतुलित रुख रखता है और अपने इन्वेंट्री स्तर को कम बनाए हुए है। हालांकि कमजोर फॉर्म-गेट कीमतों के कारण वहां के किसान अब कॉफी और कोको जैसी अधिक लाभदायक फसलों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे भविष्य में युगांडा की वैनीला आपूर्ति घट सकती है।

भारत की भूमिका सीमित, घरेलू मांग तक सिमटा उत्पादन
भारत अब भी वैश्विक वनीला बाजार में छोटी भूमिका निभा रहा है। सेबेस्टियन के मुताबिक, भारत में हर साल लगभग 15-20 टन वैनीला का उत्पादन होता है, जो मुख्यतः घरेलू उपभोग के लिए प्रयुक्त होती है। उन्होंने बताया कि अधिकांश कन्फेक्शनरी कंपनियों के पास पहले से पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, क्योंकि उन्होंने कम कीमतों पर बड़ी मात्रा में वनीला खरीदी हुई है।

बाजार का दृष्टिकोण: निकट भविष्य में सुधार की संभावना कम
सेबेस्टियन ने कहा कि फिलहाल बाजार की स्थिति बेयरिश (Bearish) बनी हुई है। आपूर्ति और मांग के बीच असंतुलन के कारण निकट और मध्यम अवधि में सुधार की संभावना बहुत कम है। वनीला की खेती करने वाले किसानों के लिए यह दौर चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि उच्च उत्पादन के बावजूद उन्हें लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है।

DRI ने मुंबई हवाई अड्डे पर 17.18 करोड़ रुपये की कोकीन की जब्त

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नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक सुनियोजित लक्षित अभियान में, राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI), मुंबई क्षेत्रीय इकाई ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एंटेबे (युगांडा) से आई एक तंजानियाई महिला यात्री से अवैध बाजार में लगभग 17.18 करोड़ मूल्य की 1718 ग्राम कोकीन जब्त की।(DRI Mumbai Thwarts Cocaine Smuggling Bid – Cocaine Worth INR 17.18 Crore Seized at Mumbai Airport)

खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई 

विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर, डीआरआई अधिकारियों ने यात्री के आगमन पर उसे रोक लिया। उसके सामान की विस्तृत जाँच में सफेद पाउडर वाले 2 खाने के पैकेट, सफेद पाउडर वाला 1 प्लास्टिक कंटेनर और सफेद पाउडर जैसे पदार्थ वाले छर्रे वाले 1 पाउच बरामद हुए। अधिकारियों ने यात्री द्वारा निगले गए दो कैप्सूल भी बरामद किए। एनडीपीएस फील्ड टेस्ट किट का उपयोग करके बरामद पदार्थों की जाँच में कोकीन के लिए सकारात्मक परिणाम सामने आए।

प्रतिबंधित सामग्री जब्त 

मादक द्रव्य एवं मन:प्रभावी पदार्थ (NDPS) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत प्रतिबंधित सामग्री जब्त कर ली गई और यात्री को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।डीआरआई नशा मुक्त भारत बनाने के अपने संकल्प पर अडिग है, नशीले पदार्थों की निरंतर रोकथाम, अंतर्राष्ट्रीय तस्करी गिरोहों का सफाया और नागरिकों, विशेषकर युवाओं को नशीले पदार्थों के संकट से बचाने का प्रयास कर रहा है।

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