Tuesday, March 3, 2026
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VEGETABLE PRICES 11 NOV: उत्तर प्रदेश की मंडियों में सब्जियों के ताजा दाम , जानें कहां कितनी रही कीमतें

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विभिन्न मंडियों में सब्जियों के थोक भाव।

विभिन्न मंडियों में सब्जियों के थोक भाव।
– फोटो : गांव जंक्शन

विस्तार


लखनऊ मंडी (Lucknow Mandi) में 11 नवंबर को सब्जियों के थोक एवं फुटकर भाव और आवक

क्रम संख्याकृषि पदार्थो का नामथोक भाव (/कुंतल)फुटकर भाव(/किलो)आवक (कुंतल में)
1प्याज (लाल)1330.0025.001900.00
2टमाटर पक्का2070.0040.00350.00
3आलू (सफेद)1280.0020.004500.00
4लहसुन6050.0090.00100.00
5अदरक4000.0075.00150.00
6हरी (मिर्च)3550.0065.00530.00
7बंदगोभी2150.0040.00350.00
8फूल गोभी2500.0045.00420.00
9मूली1600.0030.00280.00
10बैगन1800.0035.00500.00
11लौकी1700.0030.00580.00
12परवल3700.0065.00280.00
13खीरा1950.0035.00180.00
14भिन्डी2260.0045.0040.00
15कददू1470.0028.00480.00
16करैला2520.0040.00300.00
17शिमला मिर्च5600.0080.00250.00

कानपुर नगर मंडी (Kanpur Nagar Mandi) में 11 नवंबर को सब्जियों के थोक एवं फुटकर भाव और आवक

क्रम संख्याकृषि पदार्थो का नामथोक भाव (/कुंतल)फुटकर भाव(/किलो)आवक (कुंतल में)
1प्याज (लाल)1270.0022.004500.00
2टमाटर पक्का1660.0030.00660.00
3आलू (सफेद)1350.0022.0022000.00
4लहसुन4690.0085.00410.00
5अदरक4200.0075.00310.00
6हरी (मिर्च)3210.0050.00350.00
7फूल गोभी2250.0040.00550.00
8मूली1120.0020.00300.00
9बैगन1570.0030.00370.00
10लौकी1460.0025.00320.00
11परवल3710.0070.00240.00
12खीरा1840.0035.00350.00
13भिन्डी2270.0040.00300.00
14कददू1500.0030.00300.00
15करैला2700.0055.00190.00
16शिमला मिर्च4200.0070.00300.00

गाजियाबाद मंडी (Ghaziabad) में 11 नवंबर को सब्जियों के थोक एवं फुटकर भाव और आवक

क्रम संख्याकृषि पदार्थो का नामथोक भाव (/कुंतल)फुटकर भाव(/किलो)आवक (कुंतल में)
1प्याज (लाल)1300.0022.001500.00
2टमाटर पक्का1900.0036.001400.00
3आलू (सफेद)1320.0022.00635.00

गौतमबुद्ध नगर मंडी (Gautam Buddha Nagar Mandi) में 11 नवंबर को सब्जियों के थोक एवं फुटकर भाव और आवक

क्रम संख्याकृषि पदार्थो का नामथोक भाव (/कुंतल)फुटकर भाव(/किलो)आवक (कुंतल में)
1प्याज (लाल)1305.0022.001700.00
2टमाटर पक्का1950.0035.00635.00
3आलू (सफेद)1270.0022.001500.00
4अरबी2100.0042.0030.00
5अदरक4150.0075.00120.00
6हरी (मिर्च)2800.0052.00227.00
7तरोई हरी2380.0045.0020.00
8बंदगोभी1800.0035.00200.00
9फूल गोभी2500.0048.00600.00
10मूली1225.0025.00105.00
11बैगन1730.0035.00135.00
12लौकी1750.0034.00170.00
13खीरा1900.0038.00290.00
14भिन्डी2250.0045.0025.00
15कददू1400.0030.00110.00
16पालक1300.0025.0028.00
17करैला2520.0050.00100.00
18शिमला मिर्च5180.00100.0035.00

अयोध्या मंडी (Ayodhya Mandi) में 11 नवंबर को सब्जियों के थोक एवं फुटकर भाव और आवक

क्रम संख्याकृषि पदार्थो का नामथोक भाव (/कुंतल)फुटकर भाव(/किलो)आवक (कुंतल में)
1प्याज (लाल)1320.0022.00800.00
2टमाटर पक्का2100.0035.00300.00
3आलू (सफेद)1210.0020.00800.00
4लहसुन6100.0080.00160.00
5अदरक4400.0075.0060.00
6हरी (मिर्च)2480.0045.00100.00
7लोबिया2540.0048.0040.00
8बंदगोभी1640.0028.001200.00
9फूल गोभी1970.0030.001800.00
10मूली1230.0020.003200.00
11बैगन1800.0035.00140.00
12लौकी1870.0032.0060.00
13कददू1800.0030.00400.00
14शिमला मिर्च3900.0065.00200.00

अलीगढ़ मंडी (Aligarh Mandi) में 11 नवंबर को सब्जियों के थोक एवं फुटकर भाव और आवक

क्रम संख्याकृषि पदार्थो का नामथोक भाव (/कुंतल)फुटकर भाव(/किलो)आवक (कुंतल में)
1प्याज (लाल)1330.0025.00800.00
2टमाटर पक्का2240.0035.00600.00
3आलू (सफेद)1320.0022.003200.00
4लहसुन5600.00100.0040.00
5अरबी2620.0050.0020.00
6अदरक4420.0080.0040.00
7हरी (मिर्च)2450.0045.00440.00
8बंदगोभी1060.0020.00600.00
9फूल गोभी1150.0025.00800.00
10गाजर1850.0035.0040.00
11मूली950.0020.00300.00
12बैगन1700.0035.00300.00
13लौकी1770.0035.0090.00
14खीरा1970.0040.00150.00
15भिन्डी2300.0045.0020.00
16कददू1000.0020.00150.00
17शकरकंद1880.0035.0050.00
18पालक1180.0025.0090.00
19करैला2100.0040.0040.00
20शिमला मिर्च4100.0080.0070.00

 

VEGETABLE PRICES 11 NOV: उत्तर प्रदेश की मंडियों में सब्जियों के ताजा दाम , जानें कहां कितनी रही कीमतें

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विभिन्न मंडियों में सब्जियों के थोक भाव।

विभिन्न मंडियों में सब्जियों के थोक भाव।
– फोटो : गांव जंक्शन

विस्तार


लखनऊ मंडी (Lucknow Mandi) में 11 नवंबर को सब्जियों के थोक एवं फुटकर भाव और आवक

क्रम संख्याकृषि पदार्थो का नामथोक भाव (/कुंतल)फुटकर भाव(/किलो)आवक (कुंतल में)
1प्याज (लाल)1330.0025.001900.00
2टमाटर पक्का2070.0040.00350.00
3आलू (सफेद)1280.0020.004500.00
4लहसुन6050.0090.00100.00
5अदरक4000.0075.00150.00
6हरी (मिर्च)3550.0065.00530.00
7बंदगोभी2150.0040.00350.00
8फूल गोभी2500.0045.00420.00
9मूली1600.0030.00280.00
10बैगन1800.0035.00500.00
11लौकी1700.0030.00580.00
12परवल3700.0065.00280.00
13खीरा1950.0035.00180.00
14भिन्डी2260.0045.0040.00
15कददू1470.0028.00480.00
16करैला2520.0040.00300.00
17शिमला मिर्च5600.0080.00250.00

कानपुर नगर मंडी (Kanpur Nagar Mandi) में 11 नवंबर को सब्जियों के थोक एवं फुटकर भाव और आवक

क्रम संख्याकृषि पदार्थो का नामथोक भाव (/कुंतल)फुटकर भाव(/किलो)आवक (कुंतल में)
1प्याज (लाल)1270.0022.004500.00
2टमाटर पक्का1660.0030.00660.00
3आलू (सफेद)1350.0022.0022000.00
4लहसुन4690.0085.00410.00
5अदरक4200.0075.00310.00
6हरी (मिर्च)3210.0050.00350.00
7फूल गोभी2250.0040.00550.00
8मूली1120.0020.00300.00
9बैगन1570.0030.00370.00
10लौकी1460.0025.00320.00
11परवल3710.0070.00240.00
12खीरा1840.0035.00350.00
13भिन्डी2270.0040.00300.00
14कददू1500.0030.00300.00
15करैला2700.0055.00190.00
16शिमला मिर्च4200.0070.00300.00

गाजियाबाद मंडी (Ghaziabad) में 11 नवंबर को सब्जियों के थोक एवं फुटकर भाव और आवक

क्रम संख्याकृषि पदार्थो का नामथोक भाव (/कुंतल)फुटकर भाव(/किलो)आवक (कुंतल में)
1प्याज (लाल)1300.0022.001500.00
2टमाटर पक्का1900.0036.001400.00
3आलू (सफेद)1320.0022.00635.00

गौतमबुद्ध नगर मंडी (Gautam Buddha Nagar Mandi) में 11 नवंबर को सब्जियों के थोक एवं फुटकर भाव और आवक

क्रम संख्याकृषि पदार्थो का नामथोक भाव (/कुंतल)फुटकर भाव(/किलो)आवक (कुंतल में)
1प्याज (लाल)1305.0022.001700.00
2टमाटर पक्का1950.0035.00635.00
3आलू (सफेद)1270.0022.001500.00
4अरबी2100.0042.0030.00
5अदरक4150.0075.00120.00
6हरी (मिर्च)2800.0052.00227.00
7तरोई हरी2380.0045.0020.00
8बंदगोभी1800.0035.00200.00
9फूल गोभी2500.0048.00600.00
10मूली1225.0025.00105.00
11बैगन1730.0035.00135.00
12लौकी1750.0034.00170.00
13खीरा1900.0038.00290.00
14भिन्डी2250.0045.0025.00
15कददू1400.0030.00110.00
16पालक1300.0025.0028.00
17करैला2520.0050.00100.00
18शिमला मिर्च5180.00100.0035.00

अयोध्या मंडी (Ayodhya Mandi) में 11 नवंबर को सब्जियों के थोक एवं फुटकर भाव और आवक

क्रम संख्याकृषि पदार्थो का नामथोक भाव (/कुंतल)फुटकर भाव(/किलो)आवक (कुंतल में)
1प्याज (लाल)1320.0022.00800.00
2टमाटर पक्का2100.0035.00300.00
3आलू (सफेद)1210.0020.00800.00
4लहसुन6100.0080.00160.00
5अदरक4400.0075.0060.00
6हरी (मिर्च)2480.0045.00100.00
7लोबिया2540.0048.0040.00
8बंदगोभी1640.0028.001200.00
9फूल गोभी1970.0030.001800.00
10मूली1230.0020.003200.00
11बैगन1800.0035.00140.00
12लौकी1870.0032.0060.00
13कददू1800.0030.00400.00
14शिमला मिर्च3900.0065.00200.00

अलीगढ़ मंडी (Aligarh Mandi) में 11 नवंबर को सब्जियों के थोक एवं फुटकर भाव और आवक

क्रम संख्याकृषि पदार्थो का नामथोक भाव (/कुंतल)फुटकर भाव(/किलो)आवक (कुंतल में)
1प्याज (लाल)1330.0025.00800.00
2टमाटर पक्का2240.0035.00600.00
3आलू (सफेद)1320.0022.003200.00
4लहसुन5600.00100.0040.00
5अरबी2620.0050.0020.00
6अदरक4420.0080.0040.00
7हरी (मिर्च)2450.0045.00440.00
8बंदगोभी1060.0020.00600.00
9फूल गोभी1150.0025.00800.00
10गाजर1850.0035.0040.00
11मूली950.0020.00300.00
12बैगन1700.0035.00300.00
13लौकी1770.0035.0090.00
14खीरा1970.0040.00150.00
15भिन्डी2300.0045.0020.00
16कददू1000.0020.00150.00
17शकरकंद1880.0035.0050.00
18पालक1180.0025.0090.00
19करैला2100.0040.0040.00
20शिमला मिर्च4100.0080.0070.00

 

ड्रग सिंडिकेट जांच में नाम आने पर नोरा फतेही की सख्त प्रतिक्रिया, कहा मेरा नाम आसान निशाना लेकिन इस बार नहीं होने दूंगी

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मुंबई . बॉलीवुड डांसर और अभिनेत्री नोरा फतेही एक बार फिर विवादों और चर्चाओं के केंद्र में आ गई हैं। अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जुड़े कथित ड्रग सिंडिकेट की जांच में उनका नाम सामने आने के बाद अभिनेत्री ने खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई है। उन्होंने साफ कहा है कि उनका इन मामलों से कोई संबंध नहीं है, न वे पार्टियों में जाती हैं और न ही ऐसे लोगों के संपर्क में रहती हैं। सोशल मीडिया पर जारी बयान में उन्होंने कहा कि उनका नाम बार-बार एक आसान लक्ष्य की तरह इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन वह इस बार ऐसी किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देंगी।

यह विवाद तब उभरा जब मुंबई पुलिस की जांच रिपोर्ट में दाऊद इब्राहिम से जुड़े ड्रग नेटवर्क की तह तक पहुंचने के दौरान नोरा फतेही, श्रद्धा कपूर, उनके भाई सिद्धार्थ कपूर, ओरी (ओरहान अवतरमणि) और अन्य कई बॉलीवुड हस्तियों के नामों का उल्लेख सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार यह ड्रग सिंडिकेट सलिम डोला नामक कथित ड्रग लॉर्ड द्वारा संचालित किया जाता था, जो दाऊद इब्राहिम का नजदीकी सहयोगी बताया जाता है। उसका बेटा ताहिर डोला, जिसे हाल ही में यूएई से भारत लाया गया है, ने पूछताछ के दौरान कई खुलासे किए हैं। ताहिर ने बताया कि देश और विदेश में आयोजित कई ड्रग पार्टियों में बॉलीवुड कलाकारों, मॉडलों, रैपरों और फिल्म निर्माताओं की उपस्थिति रही। इसी बयानबाजी की कड़ी में नोरा फतेही और अन्य सितारों के नाम जुड़े।

इन आरोपों की खबर सामने आते ही नोरा फतेही ने इंस्टाग्राम स्टोरी के माध्यम से अपना पक्ष रखते हुए लिखा कि वे एक वर्कहोलिक हैं, लगातार यात्रा में रहती हैं, और उनके पास पार्टियों में शामिल होने का समय ही नहीं होता। उन्होंने कहा कि वे न तो ऐसी पार्टियों में जाती हैं और न ही किसी संदिग्ध व्यक्ति के साथ कोई संबंध रखती हैं। अपने बयान में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “मेरा नाम एक आसान टारगेट बना दिया जाता है, लेकिन इस बार मैं ऐसा होने नहीं दूंगी। पहले भी आप लोगों ने मुझे झूठों के जरिए बदनाम करने की कोशिश की थी, लेकिन मैं टूटने नहीं दी।”

नोरा ने अपने पिछले अनुभवों का जिक्र करते हुए याद दिलाया कि कैसे सुकेश चंद्रशेखर मनी लॉन्ड्रिंग केस के समय भी उनका नाम बेवजह उछाला गया था। उन्होंने कहा कि उस समय भी उन्होंने चुपचाप सब कुछ सहा, लेकिन इस बार जो लोग उन्हें झूठ और अफवाहों के आधार पर निशाना बनाना चाहेंगे, उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि कई लोग उनके नाम और छवि का उपयोग क्लिकबेट और सनसनी फैलाने के लिए करते हैं, लेकिन अब वह इस चलन को रोकने के लिए कानूनी और सार्वजनिक दोनों स्तरों पर कदम उठाने के लिए तैयार हैं।

नोरा फतेही ने अपने बयान में यह भी उल्लेख किया कि अपने फ्री समय में वे या तो घर पर रहती हैं, दुबई के बीच पर समय बिताती हैं या फिर अपने पुरानी स्कूल की दोस्तों के साथ रहती हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पूरी ऊर्जा सिर्फ अपने काम और सपनों को पूरा करने में लगती है। इसी कारण उन्हें यह बात बेहद आहत करती है कि बिना किसी जांच-पड़ताल के उनका नाम किसी भी विवाद से जोड़ दिया जाता है। उन्होंने कहा कि फैक्ट्स को नजरअंदाज कर मनगढ़ंत कहानियों को खबर बनाना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है बल्कि उनके करियर को नुकसान पहुंचाने का एक सुनियोजित प्रयास लगता है।

उधर जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला तब गंभीर दिशा में बढ़ा जब गिरफ्तार ताहिर डोला ने पूछताछ के दौरान कई हाई-प्रोफाइल लोगों के नाम लिए। रिपोर्ट में दर्ज बयान के अनुसार ताहिर ने दावा किया कि सलिम डोला ने भारत और विदेश में आयोजित कई लग्जरी पार्टियों में बॉलीवुड की कई जानी-मानी हस्तियों की उपस्थिति रही। उसने कहा कि उन पार्टियों में दवाओं का सेवन होता था और उनकी आपूर्ति भी इन्हीं नेटवर्क के जरिए की जाती थी। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच एजेंसियों ने नहीं की है और बयान की सत्यता की जांच जारी है।

इस पूरे विवाद में श्रद्धा कपूर, उनसे जुड़े परिवारजन, जिशान सिद्दीकी, अब्बास-मस्तान जैसे बड़े फिल्मकारों के नाम भी चर्चा में आए हैं, जिससे बॉलीवुड जगत में भी चिंता और हलचल का माहौल है। कई कलाकार इसे बदनाम करने की साजिश और ख्याति का दुरुपयोग बताते हुए इसे खारिज कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग जांच के निष्कर्षों का इंतजार कर रहे हैं। अभी तक किसी भी बड़े कलाकार के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष कानूनी कार्रवाई दर्ज नहीं हुई है, लेकिन पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

इस विवाद के चलते सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट चुका है। एक वर्ग नोरा फतेही का समर्थन करता दिख रहा है, जो कह रहा है कि बिना किसी सबूत के किसी स्थापित कलाकार की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाना अनुचित है। दूसरा वर्ग पूछ रहा है कि अगर इतने नाम सामने आए हैं तो जांच और पूछताछ का दायरा क्यों नहीं बढ़ाया जा रहा। वहीं कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि यह मामला एक बार फिर बॉलीवुड और ड्रग्स के बीच के कथित संबंधों को उजागर कर रहा है, जिसकी जांच व्यापक और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए।

नोरा फतेही की प्रतिक्रिया ने मामले को और गंभीर बना दिया है, क्योंकि उन्होंने इस बार कानूनी रास्ता अपनाने की चेतावनी दी है। वे चाहती हैं कि उनका नाम बिना कारण किसी भी विवाद में न घसीटा जाए। उनका कहना है कि यह बार-बार की जाने वाली हरकत उनके करियर, मानसिक शांति और सामाजिक प्रतिष्ठा पर हमला है, और अब वे इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगी।

बॉलीवुड कलाकारों से जुड़े विवाद कोई नई बात नहीं है, लेकिन दाऊद इब्राहिम जैसे नामों के साथ किसी भी तरह की जोड़-तोड़ बड़े विवाद का कारण बन जाती है। फिलहाल पुलिस के पास जो जानकारी है, वह बयान और इंटेरोगेशन पर आधारित है, जिसकी जांच आगे जारी है। यह देखना होगा कि आगे इस मामले में क्या कानूनी दिशा निकलती है और क्या इन आरोपों का कोई आधार साबित हो पाता है या नहीं।

लेकिन इतना निश्चित है कि इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सेलिब्रिटीज के नाम का आसान इस्तेमाल करके कथित सनसनीखेज कथानक रचे जा रहे हैं, या वास्तव में पर्दे के पीछे कुछ ऐसा चल रहा है जिसकी गहराई तक जांच की आवश्यकता है। आने वाले दिनों में यह मामला किस मोड़ पर पहुंचता है, यह बॉलीवुड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की नजरों का केंद्र रहेगा।

VEGETABLE PRICES 11 NOV: उत्तर प्रदेश की मंडियों में सब्जियों के ताजा दाम , जानें कहां कितनी रही कीमतें

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विभिन्न मंडियों में सब्जियों के थोक भाव। – फोटो : गांव जंक्शन

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लखनऊ मंडी (Lucknow Mandi) में 11 नवंबर को सब्जियों के थोक एवं फुटकर भाव और आवक
क्रम संख्याकृषि पदार्थो का नामथोक भाव (/कुंतल)फुटकर भाव(/किलो)आवक (कुंतल में)
1प्याज (लाल)1330.0025.001900.00
2टमाटर पक्का2070.0040.00350.00
3आलू (सफेद)1280.0020.004500.00
4लहसुन6050.0090.00100.00
5अदरक4000.0075.00150.00
6हरी (मिर्च)3550.0065.00530.00
7बंदगोभी2150.0040.00350.00
8फूल गोभी2500.0045.00420.00
9मूली1600.0030.00280.00
10बैगन1800.0035.00500.00
11लौकी1700.0030.00580.00
12परवल3700.0065.00280.00
13खीरा1950.0035.00180.00
14भिन्डी2260.0045.0040.00
15कददू1470.0028.00480.00
16करैला2520.0040.00300.00
17शिमला मिर्च5600.0080.00250.00

कानपुर नगर मंडी (Kanpur Nagar Mandi) में 11 नवंबर को सब्जियों के थोक एवं फुटकर भाव और आवक

क्रम संख्याकृषि पदार्थो का नामथोक भाव (/कुंतल)फुटकर भाव(/किलो)आवक (कुंतल में)
1प्याज (लाल)1270.0022.004500.00
2टमाटर पक्का1660.0030.00660.00
3आलू (सफेद)1350.0022.0022000.00
4लहसुन4690.0085.00410.00
5अदरक4200.0075.00310.00
6हरी (मिर्च)3210.0050.00350.00
7फूल गोभी2250.0040.00550.00
8मूली1120.0020.00300.00
9बैगन1570.0030.00370.00
10लौकी1460.0025.00320.00
11परवल3710.0070.00240.00
12खीरा1840.0035.00350.00
13भिन्डी2270.0040.00300.00
14कददू1500.0030.00300.00
15करैला2700.0055.00190.00
16शिमला मिर्च4200.0070.00300.00

गाजियाबाद मंडी (Ghaziabad) में 11 नवंबर को सब्जियों के थोक एवं फुटकर भाव और आवक

क्रम संख्याकृषि पदार्थो का नामथोक भाव (/कुंतल)फुटकर भाव(/किलो)आवक (कुंतल में)
1प्याज (लाल)1300.0022.001500.00
2टमाटर पक्का1900.0036.001400.00
3आलू (सफेद)1320.0022.00635.00

गौतमबुद्ध नगर मंडी (Gautam Buddha Nagar Mandi) में 11 नवंबर को सब्जियों के थोक एवं फुटकर भाव और आवक

क्रम संख्याकृषि पदार्थो का नामथोक भाव (/कुंतल)फुटकर भाव(/किलो)आवक (कुंतल में)
1प्याज (लाल)1305.0022.001700.00
2टमाटर पक्का1950.0035.00635.00
3आलू (सफेद)1270.0022.001500.00
4अरबी2100.0042.0030.00
5अदरक4150.0075.00120.00
6हरी (मिर्च)2800.0052.00227.00
7तरोई हरी2380.0045.0020.00
8बंदगोभी1800.0035.00200.00
9फूल गोभी2500.0048.00600.00
10मूली1225.0025.00105.00
11बैगन1730.0035.00135.00
12लौकी1750.0034.00170.00
13खीरा1900.0038.00290.00
14भिन्डी2250.0045.0025.00
15कददू1400.0030.00110.00
16पालक1300.0025.0028.00
17करैला2520.0050.00100.00
18शिमला मिर्च5180.00100.0035.00

अयोध्या मंडी (Ayodhya Mandi) में 11 नवंबर को सब्जियों के थोक एवं फुटकर भाव और आवक
क्रम संख्याकृषि पदार्थो का नामथोक भाव (/कुंतल)फुटकर भाव(/किलो)आवक (कुंतल में)
1प्याज (लाल)1320.0022.00800.00
2टमाटर पक्का2100.0035.00300.00
3आलू (सफेद)1210.0020.00800.00
4लहसुन6100.0080.00160.00
5अदरक4400.0075.0060.00
6हरी (मिर्च)2480.0045.00100.00
7लोबिया2540.0048.0040.00
8बंदगोभी1640.0028.001200.00
9फूल गोभी1970.0030.001800.00
10मूली1230.0020.003200.00
11बैगन1800.0035.00140.00
12लौकी1870.0032.0060.00
13कददू1800.0030.00400.00
14शिमला मिर्च3900.0065.00200.00

अलीगढ़ मंडी (Aligarh Mandi) में 11 नवंबर को सब्जियों के थोक एवं फुटकर भाव और आवक
क्रम संख्याकृषि पदार्थो का नामथोक भाव (/कुंतल)फुटकर भाव(/किलो)आवक (कुंतल में)
1प्याज (लाल)1330.0025.00800.00
2टमाटर पक्का2240.0035.00600.00
3आलू (सफेद)1320.0022.003200.00
4लहसुन5600.00100.0040.00
5अरबी2620.0050.0020.00
6अदरक4420.0080.0040.00
7हरी (मिर्च)2450.0045.00440.00
8बंदगोभी1060.0020.00600.00
9फूल गोभी1150.0025.00800.00
10गाजर1850.0035.0040.00
11मूली950.0020.00300.00
12बैगन1700.0035.00300.00
13लौकी1770.0035.0090.00
14खीरा1970.0040.00150.00
15भिन्डी2300.0045.0020.00
16कददू1000.0020.00150.00
17शकरकंद1880.0035.0050.00
18पालक1180.0025.0090.00
19करैला2100.0040.0040.00
20शिमला मिर्च4100.0080.0070.00

 

SUGAR EXPORT: बंपर उत्पादन से 20 लाख टन चीनी निर्यात की उम्मीद, ISMA ने की एक्सपोर्ट पॉलिसी जल्द लाने की मांग

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चीनी – फोटो : गांव जंक्शन

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भारत में इस बार चीनी का उत्पादन खूब बढ़ने वाला है। वर्ष 2025-26 के सीजन में, जो अक्टूबर से शुरू हुआ है, कुल 3.095 करोड़ टन चीनी बनने का अनुमान है, जो पिछले साल के 2.61 करोड़ टन से 18.6 फीसदी ज्यादा है। उद्योग निकाय – भारतीय चीनी एवं जैव-ऊर्जा निर्माता संघ (ISMA) – ने ये अनुमान पेश किए हैं। 

शुरुआत में 50 लाख टन चीनी स्टॉक में थी। इस बार 34 लाख टन चीनी को इथेनॉल बनाने में इस्तेमाल किया जाएगा। कुल मिलाकर, 3.595 करोड़ टन चीनी उपलब्ध होगी, जबकि देश को सिर्फ 2.85 करोड़ टन की जरूरत है। मतलब 70 लाख टन से ज्यादा चीनी बच जाएगी। बढ़ोतरी की मुख्य वजह महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में अच्छी फसल को बताया जा रहा है। महाराष्ट्र में 1.3 करोड़ टन, यूपी में 1.032 करोड़ टन और कर्नाटक में 63.5 लाख टन चीनी बनेगी।  

ISMA ने कहा है कि इतनी चीनी होने से हम 20 लाख टन तक निर्यात कर सकते हैं, बस सरकार जल्दी निर्यात नीति की घोषणा कर दे। साथ ही, गन्ने की बुवाई का रकबा भी थोड़ा बढ़ा है और कुल रकबा 57.35 लाख हेक्टेयर हो गया है। महाराष्ट्र में 14.7 लाख हेक्टेयर (पहले 13.8 लाख), कर्नाटक में 6.8 लाख हेक्टेयर (6% बढ़ा), जबकि यूपी में 22.57 लाख हेक्टेयर (3% कम), लेकिन वहां फसल की हालत बहुत अच्छी है। 

महाराष्ट्र: निकाय चुनाव से पहले भाजपा के लिए बुरी खबर, छह नेताओं ने पार्टी छोड़ी

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मुंबई. महाराष्ट्र में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव से पहले भाजपा को बड़ा झटका लगा है. उल्हासनगर से भाजपा के छह पूर्व नगरसेवकों ने शुक्रवार को पार्टी छोड़कर शिंदे गुट के शिवसेना और उसकी स्थानीय सहयोगी टीम ओमी कालानी (टीओके) का दामन थाम लिया. इनमें से तीन नेता शहर में भाजपा के सबसे मजबूत चेहरों में माने जाते थे.

बता दें कि एक तरफ जहां बिहार में भाजपा समर्थित एनडीए गठबंधन ने प्रचंड बहुमत हासिल कर, सत्ता में अपना स्थान कायम रखा है. वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र निकाय चुनाव से पहले छह नेताओं का पार्टी छोडऩा भाजपा के लिए बुरी खबर के तौर पर देखा जा रहा है.

उल्हासनगर और कल्याण लोकसभा क्षेत्र में होने वाले आगामी नगर निगम चुनावों से पहले हुई यह टूट भाजपा के लिए बड़ा नुकसान मानी जा रही है. वहीं, दो महीने पहले पांच पूर्व नगरसेवकों के भाजपा में जाने से कमजोर हुई कालानी परिवार की पकड़ को यह घटना फिर से मजबूती की राह पर ला सकती है.

भाजपा में गए दो, चार ने थामा टीओके का दामन

मीडिया रिपोर्ट की माने तो शिंदे गुट के शिवसेना में शामिल होने वालों में किशोर वनवारी और मीना सोनडे हैं, जबकि जम्नु पुरसवानी, प्रकाश माखीजा, महेश सुखरामानी और चार्ली परवानी टीओके में शामिल हुए. इन नेताओं का स्वागत सांसद श्रीकांत शिंदे और टीओके प्रमुख ओमी कालानी ने किया. बता दें कि पुरसवानी पांच बार के नगरसेवक और पूर्व उपमहापौर, माखीजा चार बार स्थायी समिति अध्यक्ष और सुखरामानी महाराष्ट्र साहित्य अकादमी में राज्य मंत्री के पद पर रह चुके हैं.

निकाय चुनाव से पहले आपस में तकरार

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में होने वाले निकाय चुनाव से पहले भाजपा और शिंदे गुट के शिवसेना में तकरार की खबरें खूब सुर्खियां बटोर रही है. सूत्रों की माने तो उल्हासनगर और कल्याण लोकसभा क्षेत्र में महायुति सहयोगियों भाजपा और शिवसेना के बीच तनाव उस समय और बढ़ गया जब इस साल रविंद्र चव्हाण राज्य भाजपा अध्यक्ष बने. उन्होंने कल्याण लोकसभा क्षेत्र में अपने संगठन को मजबूत करने की कोशिश की, जो शिंदे परिवार का गढ़ माना जाता है. इससे कई शिवसेना नेता भाजपा में शामिल हुए. जवाब में सांसद श्रीकांत शिंदे ने भाजपा नेताओं को अपने खेमे में शामिल करना शुरू किया.

बिहार चुनाव परिणाम 2025: नौकरी छोड़ राजनीति में उतरे आईपीएस अफसरों का मिला-जुला प्रदर्शन, कई दिग्गज रहे पीछे

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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में इस बार उन पूर्व आईपीएस अधिकारियों पर भी खास नजर रही, जिन्होंने नौकरी छोड़कर चुनावी किस्मत आज़माने का फैसला किया था। चर्चित नामों और मजबूत सार्वजनिक छवि के बावजूद अधिकांश अधिकारी अपेक्षित सफलता नहीं पा सके, जबकि कुछ ने मजबूती से मुकाबला किया। आइए देखते हैं इन अफसरों का चुनावी रिपोर्ट कार्ड।

पूर्व आईपीएस शिवदीप लांडे – जमालपुर से तीसरे नंबर पर

बिहार के चर्चित अधिकारी रहे शिवदीप लांडे ने इस्तीफा देकर जमालपुर सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा था। चर्चा और लोकप्रियता के बावजूद उन्हें चुनाव में सफलता नहीं मिली। उन्हें करीब 14,000 वोट ही मिले और वे जेडीयू प्रत्याशी नचिकेता से बुरी तरह हारकर तीसरे स्थान पर रहे।

पूर्व आईपीएस आनंद मिश्रा – जीत

बक्सर सीट पर भाजपा प्रत्याशी और पूर्व आईपीएस आनंद मिश्रा का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा। आनंद मिश्रा ने कांग्रेस के संजय तिवारी को 28353 वोटों से हराया। इस सीट पर कांग्रेस के संजय कुमार तिवारी दूसरे स्थान पर रहे।

पूर्व डीजीपी बी.के. रवि – रोसड़ा से दूसरे नंबर पर

तमिलनाडु के पूर्व डीजीपी और समस्तीपुर निवासी बी.के. रवि ने कांग्रेस के टिकट पर रोसड़ा से चुनाव लड़ा। उन्हें लगभग 70 हजार वोट मिले, लेकिन वे भाजपा उम्मीदवार बिरेंद्र कुमार से हारकर दूसरे स्थान पर रहे। विजेता को 1 लाख 20 हजार से अधिक वोट मिले।

पूर्व डीजीपी राकेश कुमार मिश्रा – तीसरे स्थान पर

बिहार पुलिस के पूर्व डीजीपी राकेश कुमार मिश्रा, प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी के टिकट पर दरभंगा से मैदान में थे। उन्हें 11 हजार से थोड़ा अधिक वोट मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे। यहां भाजपा के संजय सरावगी ने जीत दर्ज की।

पूर्व एडीजी जय प्रकाश सिंह – छपरा से लड़े, परिणाम निराशाजनक

हिमाचल प्रदेश कैडर के सेवानिवृत्त आईपीएस जय प्रकाश सिंह ने जनसुराज पार्टी के टिकट पर छपरा से चुनाव लड़ा। हालांकि चुनाव में उनका प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा और वे निर्णायक मुकाबले से बाहर रहे।

 

गाजियाबाद में रीलबाज पुलिसकर्मियों पर सख्ती, सोशल मीडिया सेल की रिपोर्ट के बाद 200 अकाउंट्स निगरानी में

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UP Police Exam 2025: कुछ अभ्यर्थियों की फोटो में गड़बड़ी, परीक्षा के दिन साथ लानी होंगी दो रंगीन फोटो, बोर्ड ने दी बड़ी अपडेट
गाजियाबाद। लखनऊ स्थित सोशल मीडिया सेल की एक विस्तृत रिपोर्ट ने गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट में हलचल मचा दी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि जिले में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर रीलें बना रहे हैं और खुद को तरह-तरह के किरदारों में पेश कर रहे हैं।

यह ट्रेंड भले ही इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म पर चर्चा बटोर रहा हो, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों की नजर में यह पुलिस अनुशासन का सीधा उल्लंघन है। इसी वजह से अब ऐसे सभी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है।

200 से अधिक पुलिसकर्मियों की होगी जांच

सूत्रों का कहना है कि कमिश्नरेट पुलिस ने 200 से अधिक सोशल मीडिया खातों की निगरानी शुरू कर दी है। प्राथमिक जांच में कई पुलिसकर्मी ऐसे मिले हैं जो कभी गश्त के दौरान सेल्फी लेते दिखते हैं, तो कभी वर्दी में एक्शन स्टाइल वाली रील बनाते दिखाई देते हैं। इनमें से कुछ को पहले भी चेतावनी और विभागीय कार्यवाही का सामना करना पड़ा है, लेकिन नई रिपोर्ट के बाद एक बार फिर व्यापक कार्रवाई की तैयारी चल रही है।

सोशल मीडिया सेल से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, पुलिसकर्मी का वर्दी में मनोरंजक कंटेंट बनाना उसकी पेशेवर विश्वसनीयता को प्रभावित करता है। यह न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि जनता में पुलिस की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसलिए अब ऐसे व्यवहार को बर्दाश्त न करने का स्पष्ट संदेश दिया गया है।

दिखाया जाएगा बाहर का रास्ता

कमिश्नरेट ने साफ कर दिया है कि रील बनाकर लाइक्स जुटाने वाले पुलिसकर्मियों को अब सिस्टम से बाहर किया जाएगा। यदि कोई भी वर्दीधारी अधिकारी या कर्मचारी सोशल मीडिया पर अनुशासनविरुद्ध गतिविधि करते पाया गया, तो उसे तुरंत कठोर विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। इसमें चेतावनी, निलंबन से लेकर लाइनहाजिरी तक की कार्रवाइयां शामिल हो सकती हैं।

कुल मिलाकर, गाजियाबाद पुलिस में सोशल मीडिया एक्टिविटी पर निगरानी का यह अभियान अब सख्ती के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। इससे जिले के ‘रीलबाज पुलिसकर्मियों’ पर शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।

कृषि वैज्ञानिकों की बड़ी मांग : भारत की आनुवंशिक संपदा के उपयोग और किसानों के हित में ठोस कदम उठाए सरकार

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जीएम फसलों के नियमन में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कड़े किए जाएंगे नियम।

जीएम फसलों के नियमन में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कड़े किए जाएंगे नियम।
– फोटो : गांव जंक्शन

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आनुवंशिक संसाधनों के इस्तेमाल की एवज में ऐसा करने वाली कंपनियों द्वारा एक बहुपक्षीय मंच पर इसका लाभ साझा करने के प्रावधानों में बदलाव करने के प्रस्तावित कदम पर कृषि वैज्ञानिकों के एक समूह ने आपत्ति जताई है। भारतीय वैज्ञानिकों के समूह ने इस मामले को लेकर लीमा में होने वाली आगामी बातचीत में सरकार से रणनीतिक हस्तक्षेप करने के लिए सोमवार को आह्वान किया है ताकि देश के आनुवंशिक संसाधनों पर उसके संप्रभु अधिकारों की रक्षा की जा सके।बता दें कि यह मुद्दा 24 से 29 नवंबर तक पेरू के लीमा में खाद्य और कृषि के लिए पादप आनुवंशिक संसाधनों पर अंतर्राष्ट्रीय संधि (ITPGRFA) के शासी निकाय के 11वें सत्र में चर्चा के लिए निर्धारित है।समूह ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखे अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया है कि संधि की बहुपक्षीय प्रणाली को “बढ़ाने” के मौजूदा प्रस्ताव मौलिक रूप से अनुचित हैं।

आनुवंशिक संपदा पर अधिकार का सवाल 
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तरह के प्रावधान भारत की विशाल आनुवंशिक संपदा पर उसके संप्रभु अधिकारों और उसके किसानों के मौलिक अधिकारों के लिए खतरा पैदा करते हैं, जो सदियों से इस विविधता के संरक्षक रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कदम प्रभावी रूप से भारत के राष्ट्रीय बीज संग्रह के एक बड़े हिस्से को, अगर सब कुछ नहीं तो, एक उचित और अनिवार्य मुआवजे की व्यवस्था सुनिश्चित किए बिना वैश्विक पहुंच के लिए खोल देगा।

अनुसंधान के लिए साझा किए जाते हैं आनुवंशिक संसाधन 
आपको बता दें कि आनुवंशिक संसाधन कानून के तहत चिकित्सा और कृषि में अनुसंधान और प्रगति के लिए साझा किए जाते हैं। यह व्यापक रूप से माना जाता है कि ऐसे संसाधनों तक पूर्ण पहुंच – 64 फसलों की मौजूदा सूची से परे – बातचीत के माध्यम से पहुंच के बजाय किसी राष्ट्र के अपने आनुवंशिक संसाधनों पर संप्रभु अधिकारों से काफी समझौता कर सकती है और जैव विविधता अधिनियम जैसे घरेलू कानूनों को दरकिनार कर सकती है।

आनुवंशिक विविधता – भविष्य की खाद्य सुरक्षा की नींव
इंस्टीट्यूट फॉर स्टडीज इन इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट के प्रोफेसर और चौहान को लिखे पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले वैज्ञानिकों में से एक दिनेश अब्रोल ने कहा, “भारत की विशाल आनुवंशिक विविधता – हमारी भविष्य की खाद्य सुरक्षा की नींव – को बिना मुआवजे के नहीं दिया जाना चाहिए।” 

अरबों कमा रहीं कंपनियां, किसानों को नहीं मिलता फायदा 
भारत जैसे जैव विविधता से समृद्ध देशों में उत्पन्न करीब 70 लाख आनुवंशिक नमूने (जैसे बीजों की किस्में) दुनिया भर में बांटे जा चुके हैं। इन आनुवंशिक संसाधनों के जरिए बड़ी-बड़ी बीज और बायोटेक कंपनियां अरबों रुपये कमा रही हैं। लेकिन, इन संसाधनों की एवज में लाभांश बांटने का मौजूदा तरीका सिर्फ कंपनियों की इच्छा पर छोड़ दिया गया है – यानी कंपनियां चाहें तो इसका आर्थिक लाभ दें, और न चाहें तो न दें। इसका नतीजा ये हुआ है कि आनुवंशिक संसाधन प्रदान करने वाले देशों को मुश्किल से ही कुछ पैसे मिलते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये सिस्टम अब पूरी तरह फेल हो चुका है।

किसानों की जेनेटिक मेहनत से कंपनियों को ज्यादा मुनाफा
स्वेच्छा से लाभांश देने के मामले में प्लांट प्रोटेक्शन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट और एक और सिग्नेटरी सरत बाबू बलिजेपल्ली ने कहा, “वॉलंटरी सिस्टम एक धोखा है। यह अमीर कंपनियों को हमारे किसानों की जेनेटिक मेहनत से बहुत ज्यादा मुनाफा कमाने की इजाजत देता है, बिना उनका सही हिस्सा दिए।” उन्होंने कहा, “अब हमें एक ‘अनिवार्य सब्सक्रिप्शन सिस्टम’ बनाना होगा, जो इन जेनेटिक संसाधनों का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों के कमर्शियल टर्नओवर से सीधे जुड़ा हो।” 

भारत को अपने संप्रभु नियंत्रण पर जोर देना चाहिए
रिसर्च और एडवोकेसी ऑर्गनाइजेशन जीन कैंपेन की चेयरपर्सन सुमन सहाय और सोमा मारला और बी. सरत बाबू, जो ICAR-NBPGR के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक रहे हैं, ने केंद्रीय मंत्री से अपनी संयुक्त अपील में कहा है कि अब परोक्ष बातचीत का समय खत्म हो गया है और भारत को अब ग्लोबल साउथ का नेतृत्व करते हुए अपने संप्रभु नियंत्रण पर जोर देना चाहिए और विकासशील देशों के किसान समुदायों के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए।

कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए यूपी पुलिस को मिलेंगे नए वज्र वाहन, कैबिनेट ने 9.70 करोड़ की खरीद मंजूर दी

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लखनऊ। प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से सरकार ने पुलिस बेड़े को अत्याधुनिक संसाधनों से लैस करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। संवेदनशील शहरों में दंगा नियंत्रण क्षमता बढ़ाने के लिए जल्द ही पुलिस को नए वज्र वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। राज्य कैबिनेट ने इन दंगा नियंत्रण वाहनों की खरीद के लिए 9.70 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है।

इसलिए लिया गया फैसला

सरकार का मानना है कि बड़े शहरों और संवेदनशील जिलों में कई बार अचानक उत्पन्न भीड़ नियंत्रण, सांप्रदायिक तनाव या आपात स्थितियों से निपटना पुलिस के लिए चुनौती बन जाता है। ऐसी परिस्थितियों में वज्र वाहन न केवल सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं, बल्कि भीड़ नियंत्रित करने, तनावग्रस्त क्षेत्रों में पुलिस बल की सुरक्षित तैनाती और राहत कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी जरूरत को देखते हुए इन वाहनों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया गया है।

पिछले वर्ष भी उत्तर प्रदेश पुलिस को 41 दंगा नियंत्रण वाहनों के लिए बजट स्वीकृत किया गया था, जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले। अब एक बार फिर, इनकी संख्या बढ़ने से पुलिस की ऑपरेशनल क्षमता और तत्परता दोनों में वृद्धि होगी। अधिकारियों के अनुसार वज्र वाहनों को उन जिलों में प्राथमिकता से भेजा जाएगा, जहां अक्सर भीड़-भाड़ वाली स्थितियां बनती हैं या जहां कानून-व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता की जरूरत रहती है।

पुलिस देगी प्रभावी प्रतिक्रिया

नई स्वीकृति के बाद पुलिस विभाग अब इन वाहनों की खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी में है। उम्मीद है कि वित्तीय मंजूरी के बाद जल्द ही नए वज्र वाहन प्रदेश की प्रमुख इकाइयों में पहुँच जाएंगे। इससे न केवल बड़े आयोजनों और त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि अचानक उत्पन्न तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी पुलिस त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया दे सकेगी।