Tuesday, March 3, 2026
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मुंबई- पवई में सीवेज प्लांट की सफाई के दौरान दम घुटने से एक मजदूर की मौत

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मुंबई- पवई में सीवेज प्लांट की सफाई के दौरान दम घुटने से एक मजदूर की मौत

मुंबई में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहाँ एक सेप्टिक टैंक की सफाई करते समय एक मज़दूर की मौत हो गई। यह घटना मुंबई के पवई इलाके में हुई। तीन मज़दूर सेप्टिक टैंक की सफाई करने उतरे थे। लेकिन सेप्टिक टैंक में मौजूद गैस के कारण उनका दम घुट गया और वे नीचे गिर गए।(Mumbai One worker dies, another critical after suffocation while cleaning sewage plant in Powai)

दूसरे मजदूर को हालत गंभीर

इस हादसे में एक की मौत हो गई, जबकि दूसरे की हालत गंभीर है। दमकल विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुँचे और मज़दूरों को बाहर निकालकर हीरानंदानी अस्पताल में भर्ती कराया।प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुंबई के पवई हीरानंदानी स्थित राज ग्लैंडर गगनचुंबी इमारत में भूमिगत सेप्टिक टैंक की सफाई करने आज सुबह तीन मज़दूर आए थे।

सफाई करते समय अंदर मौजूद गैस के कारण हुआ हादसा

सफाई करते समय अंदर मौजूद गैस के कारण दो मज़दूर बेहोश हो गए। एक मज़दूर की मौत हो गई। दूसरे की हालत गंभीर है। तीसरे को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे उसकी जान बच गई।घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुँचे। दमकल कर्मियों ने मज़दूरों को बाहर निकाला। उस समय दोनों मज़दूरों की हालत गंभीर थी। उन्हें तुरंत हीरानंदानी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

इलाज के दौरान एक मजदूर को मौत

लेकिन डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उनमें से एक को मृत घोषित कर दिया। जबकि दूसरे की हालत गंभीर है और उसका इलाज चल रहा है। फ़िलहाल, पुलिस मौके पर पहुँचकर जाँच कर रही है। हादसे में बचे एक मज़दूर ने बताया कि एक मज़दूर पहले सेप्टिक टैंक साफ़ करने नीचे गया था। वह काफी देर तक बाहर नहीं आया, तो दूसरा मज़दूर नीचे चला गया। लेकिन दोनों अंदर ही गिर गए।

पुलिस ने बताया कि उनमें से एक को बचाने की कोशिश में दूसरे मज़दूर की भी जान चली गई।

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महाराष्ट्र सरकार लंदन स्थित ऐतिहासिक 'इंडिया हाउस' का अधिग्रहण करेगी – सांस्कृतिक कार्य मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार

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महाराष्ट्र सरकार लंदन स्थित “इंडिया हाउस”, जहाँ भारतीय स्वतंत्रता सेनानी रहा करते थे, का अधिग्रहण करेगी और उसे एक स्मारक के रूप में संरक्षित करेगी। सांस्कृतिक कार्य मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार ने बताया कि स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर इसी ‘इंडिया हाउस’ में रहे थे।(Maharashtra Government to acquire the historic India House in London )

इंडिया हाउस का दौरा

सांस्कृतिक कार्य मंत्री एडवोकेट शेलार नागपुरकर के रघुजीराजे भोसले की ऐतिहासिक तलवार लाने के लिए लंदन दौरे पर थे, जब उन्होंने इंडिया हाउस का दौरा किया। उस समय लंदन में रहने वाले भारतीयों ने यह मामला उनके ध्यान में लाया था। नासिक की विधायक देवयानी फरांडे ने भी यह मांग की थी। इसकी समीक्षा के लिए विधायक देवयानी फरांडे, सामान्य प्रशासन, सांस्कृतिक कार्य, पुरातत्व विभाग और संबंधित विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई।

मित्रा की अध्यक्षता में एक समिति

मित्रा की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी जिसमें सामान्य प्रशासन विभाग, सांस्कृतिक कार्य विभाग, पुरातत्व विभाग और वित्त विभाग की भागीदारी होगी। इस समय बताया गया कि यह समिति ‘इंडिया हाउस’ के अधिग्रहण पर एक व्यापक रिपोर्ट तैयार करके मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंपने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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गेहूं किसानों की बल्ले-बल्ले : HD 3386 किस्म से मिलेगी बंपर उपज और रोगों से सुरक्षा, ICAR ने साझा की जानकारी

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इस रबी सीजन उगाएं गेहूं की HD 3386 किस्म।

इस रबी सीजन उगाएं गेहूं की HD 3386 किस्म।
– फोटो : AI

विस्तार


रबी फसलों (Rabi Crops) की बुवाई का काम जोर-शोर से चल रहा है।  इसी बीच, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR) ने सोशल मीडिया पर गेहूं की नई और उन्नत (Wheat Variety) किस्म पूसा गेहूं HD 3386 के बारे में जानकारी साझा की है।  बंपर पैदावार के साथ पोषण से भरपूर
यह नई किस्म सिंचित और समय पर बुवाई के लिए सबसे उपयुक्त मानी गई है। HD 3386 किस्म से प्रति हेक्टेयर 62.5 क्विंटल तक की पैदावार मिल सकती है। यह किस्म 145 दिनों में पककर तैयार हो जाती है। उपज के अलावा यह किस्म पोषण के मामले में भी अव्वल है। इसमें आयरन और जिंक जैसे अहम  पोषक तत्व अच्छी मात्रा में हैं।

रोगों से मिलेगा छुटकारा
यह किस्म पत्ती धब्बा और पीले रतुआ रोग के खिलाफ प्रतिरोधी है। इस खासियत के दम पर इन दोनों रोगों से फसल सुरक्षित रह सकती है। 

इन राज्यों के किसानों के लिए है फायदेमंद
देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से के  प्रमुख गेहूं उत्पादक इलाकों के लिए यह किस्म फायदेमंद है। इसकी खेती पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान (कोटा और उदयपुर डिवीजनों को छोड़कर), पश्चिमी उत्तर प्रदेश (झांसी डिवीजन को छोड़कर), जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों (कठुआ जिला), हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों (ऊना जिला और पांवटा घाटी) और उत्तराखंड (तराई क्षेत्र) में सफलतापूर्वक हो सकती है।

तेजी से बढ़ रहा गेहूं का रकबा
इस रबी सीजन (Rabi Season) गेहूं की बुवाई में काफी तेजी देखने को मिली है। सरकार के अनुसार, 31 अक्टूबर तक गेहूं का रकबा (Wheat Acreage) 3.3 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। वहीं, पिछले वर्ष इस समय यह आंकड़ा 2.3 लाख हेक्टेयर था। 

गेहूं किसानों की बल्ले-बल्ले : HD 3386 किस्म से मिलेगी बंपर उपज और रोगों से सुरक्षा, ICAR ने साझा की जानकारी

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इस रबी सीजन उगाएं गेहूं की HD 3386 किस्म।

इस रबी सीजन उगाएं गेहूं की HD 3386 किस्म।
– फोटो : AI

विस्तार


रबी फसलों (Rabi Crops) की बुवाई का काम जोर-शोर से चल रहा है।  इसी बीच, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR) ने सोशल मीडिया पर गेहूं की नई और उन्नत (Wheat Variety) किस्म पूसा गेहूं HD 3386 के बारे में जानकारी साझा की है।  बंपर पैदावार के साथ पोषण से भरपूर
यह नई किस्म सिंचित और समय पर बुवाई के लिए सबसे उपयुक्त मानी गई है। HD 3386 किस्म से प्रति हेक्टेयर 62.5 क्विंटल तक की पैदावार मिल सकती है। यह किस्म 145 दिनों में पककर तैयार हो जाती है। उपज के अलावा यह किस्म पोषण के मामले में भी अव्वल है। इसमें आयरन और जिंक जैसे अहम  पोषक तत्व अच्छी मात्रा में हैं।

रोगों से मिलेगा छुटकारा
यह किस्म पत्ती धब्बा और पीले रतुआ रोग के खिलाफ प्रतिरोधी है। इस खासियत के दम पर इन दोनों रोगों से फसल सुरक्षित रह सकती है। 

इन राज्यों के किसानों के लिए है फायदेमंद
देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से के  प्रमुख गेहूं उत्पादक इलाकों के लिए यह किस्म फायदेमंद है। इसकी खेती पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान (कोटा और उदयपुर डिवीजनों को छोड़कर), पश्चिमी उत्तर प्रदेश (झांसी डिवीजन को छोड़कर), जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों (कठुआ जिला), हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों (ऊना जिला और पांवटा घाटी) और उत्तराखंड (तराई क्षेत्र) में सफलतापूर्वक हो सकती है।

तेजी से बढ़ रहा गेहूं का रकबा
इस रबी सीजन (Rabi Season) गेहूं की बुवाई में काफी तेजी देखने को मिली है। सरकार के अनुसार, 31 अक्टूबर तक गेहूं का रकबा (Wheat Acreage) 3.3 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। वहीं, पिछले वर्ष इस समय यह आंकड़ा 2.3 लाख हेक्टेयर था। 

लखनऊ से पकड़ी गई 50 हजार की इनामी महिला, 10 जिलों में करोड़ों की ठगी की आरोपी

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उत्तर प्रदेश एसटीएफ को बुधवार को एक बड़ी सफलता मिली, जब उसने पांच साल से फरार चल रही 50 हजार रुपये की इनामी ठग महिला प्रियंका सिंह को गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, एसटीएफ की टीम ने उसे लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र स्थित एल्डिको कॉलोनी के सौभाग्यम अपार्टमेंट से दबोचा। उस पर कई जिलों में ठगी, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और धमकी देने के गंभीर आरोप दर्ज हैं।

कौन हैं प्रियंका सिंह

लखनऊ के जानकीपुरम की रहने वाली 40 वर्षीय प्रियंका सिंह, राजेश कुमार सिंह की पत्नी है। वह सालों से फरार थी और पहचान छिपाकर राजधानी के एक आलीशान अपार्टमेंट में रह रही थी। जांच में खुलासा हुआ कि प्रियंका सिंह के खिलाफ ललितपुर, वाराणसी, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, फतेहपुर और लखनऊ समेत करीब 10 जिलों में कुल 19 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, वर्ष 2011 में प्रियंका सिंह ने अपने पति राजेश कुमार सिंह और सहयोगियों के साथ मिलकर “जे.के.वी. लैंड एंड डेवलपर्स इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड” नामक कंपनी बनाई थी। कंपनी का रजिस्टर्ड दफ्तर हजरतगंज में था और शाखा ललितपुर में चलती थी। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कंपनी ने एजेंट रखे और उन्हें फर्जी एफडी, पासबुक और निवेश प्रमाणपत्र देकर आम लोगों से करोड़ों रुपये वसूल लिए। कुछ ही समय बाद कंपनी के सभी संचालक और कर्मचारी अचानक लापता हो गए।

जब निवेशकों ने रकम वापसी के लिए संपर्क किया तो कार्यालय बंद मिला और तब पता चला कि सभी लोगों के साथ ठगी हुई है। ललितपुर पुलिस ने मामले में प्रियंका सिंह सहित छह आरोपियों पर मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने पहले कंपनी के डायरेक्टर आशीष श्रीवास्तव को इंदौर से गिरफ्तार किया था, जबकि प्रियंका सिंह तब से फरार थी।

झांसी आईजी ने घोषित किया था इनाम

आईजी झांसी ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। आखिरकार, एसटीएफ ने उसे लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में प्रियंका ने स्वीकार किया कि उसने अपने पति और सहयोगियों के साथ मिलकर निवेशकों से भारी भरकम रकम जुटाई थी। फिलहाल उसे थाना पीजीआई में दाखिल कर दिया गया है और केस की आगे की जांच ललितपुर पुलिस द्वारा की जा रही है।

दिल्ली ब्लास्ट की जांच में लखनऊ का कनेक्शन, डॉ. परवेज के घर दोबारा छापा

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लखनऊ। दिल्ली ब्लास्ट की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इसकी परतें उत्तर प्रदेश तक पहुंचती जा रही हैं। राजधानी लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र के मुत्तकीपुर गांव में रहने वाले डॉ. परवेज एक बार फिर जांच एजेंसियों के निशाने पर आ गए हैं। मंगलवार देर शाम एटीएस और जम्मू पुलिस की संयुक्त टीम ने यहां पहुंचकर उनके घर की दोबारा तलाशी ली। बताया जा रहा है कि इस दौरान एजेंसियों को कई अहम इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संदिग्ध सामग्री मिली है।

जांच में हुआ ये खुलासा

सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम ने घर से नौ मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, एक बड़ा चाकू और कुछ दस्तावेज जब्त किए हैं। इसके अलावा घर के बाहर खड़ी सहारनपुर नंबर की अल्टो कार को भी जांच के लिए अपने साथ ले जाया गया है। पुलिस ने इस वाहन को फिलहाल लावारिस स्थिति में दर्ज कर थाने में खड़ा कर दिया है। वहीं, घर के भीतर मौजूद लखनऊ नंबर की स्प्लेंडर बाइक को टीम ने वहीं छोड़ दिया।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि एटीएस और जम्मू पुलिस की टीम मंगलवार की रात करीब आठ बजे पहुंची थी। टीम ने घर का ताला तोड़कर तलाशी अभियान शुरू किया। पहले कुछ लोगों से टीम ने साथ चलने को कहा, लेकिन किसी ने अंदर जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद अधिकारी स्वयं घर के अंदर दाखिल हुए और करीब दो घंटे तक तलाशी की कार्रवाई चली।

पड़ोसियों के अनुसार, डॉ. परवेज शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और अक्सर अपने क्लिनिक में व्यस्त रहते थे। ऐसे में उनके नाम का किसी आतंकी साजिश से जुड़ना पूरे इलाके के लिए चौंकाने वाला है। जांच एजेंसियों का मानना है कि दिल्ली ब्लास्ट के सिलसिले में गुजरात और सहारनपुर से गिरफ्तार संदिग्धों से डॉ. परवेज का संभावित लिंक हो सकता है।

लोगों में बड़ी सतर्कता

घटना के बाद इलाके में लोगों में सतर्कता बढ़ गई है। कई निवासी अब कॉलोनी में सुरक्षा गेट लगवाने और किराएदारों से दोहरी पहचान पत्र की मांग करने की तैयारी कर रहे हैं। कुछ लोगों ने सुझाव दिया है कि भविष्य में हर किराएदार का फोटो, नाम और स्थायी पता लिखकर घर के बाहर लगाया जाए, ताकि किसी संदिग्ध की पहचान पहले ही हो सके।

कूपर अस्पताल में जल्द ही महाराष्ट्र सुरक्षा बल के सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएंगे

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कूपर अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों ने हाल ही में तीन डॉक्टरों पर हुए हमले के दौरान निजी सुरक्षाकर्मियों को तैनात देखे जाने के बाद महाराष्ट्र सुरक्षा बल (MSF) के जवानों की तैनाती की मांग की थी।(Security guards of Maharashtra Security Force will soon be deployed at Cooper Hospital)

कूपर अस्पताल के अधिकारियों के साथ बैठक

सोमवार को स्वास्थ्य उपायुक्त डॉ. नीलम एंड्रेड (चिकित्सा शिक्षा एवं प्रमुख अस्पतालों की निदेशक), डॉ. मोहन जोशी (डीन, सायन अस्पताल) और डॉ. शैलेश मोहिते (डीन, नायर अस्पताल) के साथ हुई बैठक में कूपर अस्पताल में तुरंत एमएसएफ के सुरक्षाकर्मियों की तैनाती करने का निर्णय लिया गया।

24 सुरक्षाकर्मी होंगे तैनात 

जब तक MSF की भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, मुंबई नगर निगम का सुरक्षा विभाग चौबीसों घंटे सुरक्षा के लिए प्रति शिफ्ट आठ अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी (कुल 24) तैनात करेगा। कूपर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देव शेट्टी ने बताया कि यह कदम सोमवार दोपहर से प्रभावी हो गया है।

सूचनात्मक बोर्ड भी लगाए जाएंगे

अस्पताल प्रशासन को एमएसएफ की तैनाती के लिए एक औपचारिक प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है, जिसे मंगलवार तक अंतिम रूप देकर नगर निगम को भेज दिया जाएगा। मरीजों और उनके परिजनों में जागरूकता बढ़ाने के लिए अस्पताल परिसर में सूचनात्मक बोर्ड भी लगाए जाएंगे।  डॉ. शेट्टी ने आगे कहा कि ये महाराष्ट्र डॉक्टर्स प्रोटेक्शन एक्ट के प्रावधानों की रूपरेखा तैयार करेंगे और आगंतुकों को चिकित्सा कर्मचारियों के साथ उचित आचरण और संवाद के बारे में मार्गदर्शन देंगे।

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एम्बुलेंसों पर किराया चार्ट प्रदर्शित करना अनिवार्य: महाराष्ट्र सरकार

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महाराष्ट्र भर में एम्बुलेंसों को अब ज़्यादा किराया वसूलने से रोकने के लिए किराया चार्ट प्रदर्शित करना होगा। यह निर्णय महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना द्वारा चिकित्सा आपात स्थिति के दौरान परिवारों से अत्यधिक शुल्क वसूले जाने पर चिंता जताए जाने के बाद लिया गया है।(Ambulances Must Display Fare Charts to Prevent Overcharging, directs Maharashtra Govt)

सभी एम्बुलेंसों के लिए मूल्य चार्ट प्रदर्शित करना अनिवार्य

ऐसी खबरें आई हैं कि एम्बुलेंस संचालक अनुचित दामों की माँग करके उनका फायदा उठा रहे हैं। मनसे की शिकायत के जवाब में, परिवहन विभाग ने राज्य की सभी एम्बुलेंसों के लिए मूल्य चार्ट प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया है, जैसा कि एफपीजे ने बताया है।पहले, एम्बुलेंस सेवाओं द्वारा कितना किराया लिया जा सकता है, इसकी कोई निश्चित सीमा नहीं थी, जिसके कारण अक्सर संचालकों और मरीजों के परिवारों के बीच बहस होती थी।

परिवहन विभाग ने जारी किया आदेश

मनसे ने परिवहन कार्यालय और परिवहन मंत्री से एम्बुलेंसों में किराया चार्ट और मीटर दोनों लगाकर तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया था। इसके बाद, परिवहन विभाग ने प्रत्येक एम्बुलेंस में किराया चार्ट प्रदर्शित करने का निर्देश जारी किया।राज्य के सभी परिवहन कार्यालय अब यह सुनिश्चित करेंगे कि एम्बुलेंसों के अंदर और अस्पताल के प्रवेश द्वारों के पास किराया चार्ट प्रदर्शित किए जाएँ। इससे एम्बुलेंस संचालकों को आपात स्थिति के दौरान नागरिकों का शोषण करने से रोका जा सकेगा।

इस बीच, महाराष्ट्र आपातकालीन चिकित्सा सेवा (MEMS) 108 परियोजना 2025 के अंत में शुरू होने वाली है। यह परियोजना पूरे राज्य में पाँच चरणों में लागू की जाएगी। इस कार्यक्रम को क्रियान्वित करने के लिए, महाराष्ट्र के जन स्वास्थ्य विभाग ने सुमित एसएसजी बीवीजी महाराष्ट्र ईएमएस के साथ दस साल का रियायती समझौता किया है।

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दिल्ली ब्लास्ट केस की कमान NIA ADG विजय सखारे के हाथों, 10 सदस्यीय टीम करेगी जांच

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए ब्लास्ट की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हवाले कर दी गई है। गृह मंत्रालय ने इस संवेदनशील मामले की जांच के लिए 10 अधिकारियों की एक विशेष टीम गठित की है, जिसकी कमान वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और एनआईए के एडीजी विजय सखारे को सौंपी गई है। माना जा रहा है कि सखारे की अगुवाई में एनआईए की यह टीम विस्फोट की साजिश और इसके पीछे छिपे नेटवर्क की तह तक पहुंचेगी।

टीम में इतने अफसर शामिल 

एजेंसी की जांच टीम में एक आईजी, दो डीआईजी, तीन एसपी और कई डीएसपी रैंक के अधिकारी शामिल किए गए हैं। एनआईए दिल्ली पुलिस के अलावा जम्मू-कश्मीर और हरियाणा पुलिस से भी जानकारी साझा कर जांच को आगे बढ़ाएगी। सूत्रों के अनुसार, शुरुआती स्तर पर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध मॉड्यूल की गतिविधियों पर एजेंसी का फोकस रहेगा।

कौन हैं ये आईपीएस

विजय सखारे, जो इस जांच के प्रमुख बनाए गए हैं, केरल कैडर के 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। सखारे अपनी निष्पक्ष और प्रोफेशनल पुलिसिंग के लिए जाने जाते हैं। साल 2022 में वे केरल पुलिस में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) थे, जब उन्हें प्रतिनियुक्ति पर एनआईए में आईजी बनाया गया था। सितंबर 2025 में उन्हें पदोन्नत कर एडिशनल डायरेक्टर जनरल नियुक्त किया गया।

सखारे की गिनती उन अधिकारियों में होती है जिन्होंने पुलिस सेवा के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने अमेरिका के हार्वर्ड विश्वविद्यालय से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स की डिग्री ली है। पुलिस सेवा के दौरान वे कोच्चि सिटी पुलिस कमिश्नर और क्राइम ब्रांच के अहम पदों पर रह चुके हैं।

फिलहाल एजेंसी अब विभिन्न राज्यों से संबंधित केस डायरी और इनपुट लेकर आतंकी मॉड्यूल की पूरी कड़ी जोड़ने में जुट गई है। यूपी एटीएस की टीम भी इस मामले में तकनीकी सहयोग दे रही है।

विरार में अवैध रेत खनन

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विरार में अवैध रेत खनन

वसई-विरार तटीय और खाड़ी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन हो रहा है। इस रेत खनन से खाड़ी और तट की गहराई बढ़ रही है। साथ ही, अतिरिक्त रेत खनन से यहाँ की जैव विविधता को भी नुकसान पहुँच रहा है।कहा जा रहा है कि विरार और दहानू मार्ग के बीच वैतरणा खाड़ी पर बना रेलवे पुल पिछले कुछ वर्षों से वैतरणा खाड़ी में चल रहे रेत खनन के कारण खतरे में है।(Illegal sand mining exposed in Virar)

अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अभियान शुरू

इस रेत खनन की अनदेखी के कारण यहाँ रेत माफिया बेलगाम हो गए हैं। साथ ही, रेत माफिया द्वारा बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार भी हो रहा है।वसई-विरार तटीय और खाड़ी क्षेत्र में अवैध रेत खनन जारी है। राजस्व विभाग ने इन अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अभियान शुरू कर दिया है।विरार राजमार्ग के पास खानीवाड़े गाँव में एक रेत खनन स्थल पर कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान, अधिकारियों ने 70 टन रेत जब्त की।

कार्रवाई के बाद भी अवैध खनन जारी

रेत माफिया को बार-बार कार्रवाई और चेतावनी देने के बावजूद, क्षेत्र में अवैध खनन जारी है।हालिया कार्रवाई के दौरान, पाँच अवैध रेत खनन गड्ढों को ध्वस्त कर दिया गया और ज़ब्त की गई 70 पीतल की रेत को वापस नाले में डाल दिया गया।

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