Tuesday, March 3, 2026
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नोएडा में होली पर सुरक्षा कड़ी, 3500 पुलिसकर्मी तैनात

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नोएडा में होली और होलिका दहन को लेकर पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। इस बार 1150 स्थानों पर होलिका दहन होगा और लगभग 3500 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। पुलिस ने हुड़दंग मचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है।

फ्लैग मार्च होगा

पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में सभी थाना क्षेत्रों में ड्यूटी लगाई गई है। डीसीपी, एडीसीपी और सहायक पुलिस आयुक्त के नेतृत्व में हर दिन फ्लैग मार्च किया जा रहा है।

अपर पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्रा ने केंद्रीय शांति समिति के साथ बैठक कर जनता से अपील की कि वे त्योहार को भाईचारा और सौहार्द के साथ मनाएं।

 सोशल मीडिया पर निगरानी

डीसीपी शक्तिमोहन अवस्थी ने कहा कि सोशल मीडिया पर भी पुलिस पैनी नजर रखे हुए है। किसी भी हाल में ऐसी गतिविधियों का हिस्सा न बनें जिससे किसी की धार्मिक या सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुंचे।

 

 

फरवरी की खेती : सही फसल, सही समय और बेहतर मुनाफे का महीना, जानें; किन फसलों की करें बुवाई

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फरवरी की खेती

फरवरी की खेती
– फोटो : गांव जंक्शन

विस्तार


जनवरी की ठिठुरन के बाद फरवरी खेतों में नई शुरुआत का संकेत लेकर आता है। न मौसम की सख्ती रहती है और न ही तेज गर्मी का दबाव, ऐसे में यह महीना किसानों के लिए योजना, श्रम और मुनाफे तीनों के लिहाज से बेहद अहम हो जाता है। इसी दौर में की गई सही बुवाई और रोपाई न सिर्फ बेहतर पैदावार का रास्ता खोलती है, बल्कि साल भर की आय की नींव भी मजबूत करती है।बसंतकालीन गन्ना : 15 फरवरी के बाद करें बुवाई
फरवरी के मध्य यानी 15 फरवरी के बाद बसंतकालीन गन्ने की बुवाई के लिए आदर्श समय माना जाता है। उन्नत और रोगमुक्त बीज का उपयोग करने से उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। बुवाई से पहले बीज को फफूंदीनाशक दवा से उपचारित करना जरूरी है। जिन किसानों के खेत में पहले से गन्ने की पेड़ी मौजूद है, उन्हें कटाई जमीन से सटाकर करनी चाहिए, ताकि नई फसल मजबूत और स्वस्थ विकसित हो सके।

भिंडी : जल्दी बाजार, बेहतर दाम
फरवरी में भिंडी की जायद फसल लगाने से किसान जल्दी सब्जी बाजार में उतार सकते हैं, जिससे उन्हें अच्छा भाव मिलता है। बुवाई के समय कतार से कतार की दूरी 25 से 30 सेंटीमीटर रखना जरूरी है। इससे पौधों को पर्याप्त जगह मिलती है और फलन अधिक होता है। समय पर सिंचाई और संतुलित खाद देने से भिंडी की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार होता है।

सूरजमुखी : कम समय, ज्यादा संभावना
तेल वाली फसलों में सूरजमुखी तेजी से किसानों की पसंद बन रही है। इसकी बुवाई 15 से 29 फरवरी के बीच करना सबसे उपयुक्त माना जाता है। किसान मिट्टी और जलवायु के अनुसार सही किस्म का चयन करें। बीज को कार्बंडाजिम या थीरम से उपचारित करने से रोगों का खतरा कम हो जाता है। कम समय में तैयार होने और अच्छी बाजार मांग के कारण सूरजमुखी मुनाफे का अच्छा विकल्प है।

टमाटर : गर्मियों की कमाई का आधार
फरवरी में टमाटर की रोपाई करने से गर्मियों में अच्छी पैदावार मिलती है। पौधों को 45×60 सेंटीमीटर की दूरी पर लगाना बेहतर रहता है। रोपाई हमेशा शाम के समय करें, ताकि पौधे तेज धूप से बच सकें। अनुभवी किसानों का कहना है कि टमाटर की बढ़वार के लिए समय-समय पर यूरिया के माध्यम से नाइट्रोजन देना जरूरी है।

उत्तर प्रदेश में बसंत की प्रमुख तैयारियां
उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए फरवरी का महीना बसंत गन्ने और प्याज की रोपाई के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। सही समय पर रोपाई करने से फसल मजबूत होती है और उत्पादन बेहतर मिलता है। खेत की अच्छी जुताई, नमी बनाए रखना, संतुलित खाद और नियमित सिंचाई पर ध्यान देना जरूरी है।

सही योजना से सालभर की आमदनी
अगर किसान मौसम और फसल चक्र को ध्यान में रखकर खेती करते हैं, तो लागत कम और पैदावार अधिक मिल सकती है। अलग-अलग मौसम में अलग फसलें लगाने से जमीन की उर्वरता बनी रहती है और सालभर आमदनी के अवसर मिलते हैं। सही जानकारी और समय पर खेती अपनाकर किसान नुकसान के जोखिम को भी काफी हद तक कम कर सकते हैं।

दिल्ली कोर्ट का बड़ा फैसला: सड़क हादसे में जान गंवाने वाले यूपी पुलिस सिपाही के परिवार को 83.89 लाख रुपये मुआवजा

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राजधानी दिल्ली की एक अदालत ने उत्तर प्रदेश पुलिस के एक जवान की असमय मौत पर बड़ा फैसला सुनाते हुए उसके परिवार को न्याय दिलाया है। सड़क हादसे में जान गंवाने वाले सिपाही के परिजनों को अब आर्थिक सहारा मिलेगा, जिससे उनके भविष्य को कुछ स्थिरता मिल सकेगी।

दिल्ली कोर्ट ने सुनाया फैसला

पूर्वी दिल्ली स्थित कड़कड़डूमा कोर्ट के मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने यूपी पुलिस के सिपाही रोहित कुमार के परिजनों को 83.89 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह हादसा वर्ष 2021 में मेरठ के शामली रोड पर फुगाना गेट गांव के पास हुआ था।

अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर यह माना गया कि दुर्घटना सामने से आ रही बाइक चालक की लापरवाही के कारण हुई। आदेश में कहा गया कि आरोपी बाइक सवार गलत दिशा में वाहन चला रहा था, जिसके चलते आमने-सामने की भीषण टक्कर हुई। इस टक्कर में 28 वर्षीय रोहित कुमार को गंभीर चोटें आईं और उनकी मृत्यु हो गई।

मामले की सुनवाई पीठासीन अधिकारी विजय कुमार कर रहे थे। अधिकरण ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि सड़क की गलत दिशा में वाहन चलाना स्वयं में गंभीर लापरवाही है, जब तक कि उसके पीछे कोई ठोस कारण न हो — और इस मामले में ऐसा कोई कारण सामने नहीं आया।

ऐसे हुआ मुआवजे का फैसला

रिकॉर्ड के अनुसार, रोहित कुमार उत्तर प्रदेश पुलिस में स्थायी कर्मचारी थे। उनकी उम्र और स्थायी नौकरी को ध्यान में रखते हुए अधिकरण ने उनकी आय में 50 प्रतिशत भविष्यगत वृद्धि जोड़कर मुआवजे की गणना की। इसी आधार पर कुल 83.89 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति निर्धारित की गई, जो उनके परिवार के लिए आर्थिक संबल का काम करेगी।

बरेली SSP का एक्शन: थाने में आत्मदाह की कोशिश के बाद 1 दारोगा और 6 सिपाहियों को सस्पेंड किया गया

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बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बारादरी थाने में हुई आत्मदाह की घटना और ड्यूटी में लापरवाही के चलते एक दारोगा और छह सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया है।

क्या हुआ था

पीड़ित अक्षय कुमार नामक डिलीवरी एग्जीक्यूटिव मंगलवार को तीन बार शिकायत लेकर थाने पहुंचा था, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई, जिससे परेशान होकर उसने थाने में ही पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली। एसपी सिटी मानुष पारीक की जांच में जनसुनवाई डेस्क पर तैनात दारोगा सुरेंद्र शर्मा दोषी पाए गए।

कौन-कौन हुए सस्पेंड?

– दारोगा सुरेंद्र शर्मा

– सिपाही कृष्ण गोपाल (9 दिसंबर से लापता)

– सिपाही केशव कुमार (छुट्टी खत्म होने के बाद वापस नहीं आए)

– सिपाही प्रशांत कुमार (छुट्टी खत्म होने के बाद वापस नहीं आए)

– हेड कांस्टेबल सुरजीत (नवंबर से बिना सूचना गायब)

– हेड कांस्टेबल रवींद्र सिंह (शराब पीकर अभद्रता करने के आरोप)

– सिपाही संजीव कुमार (ड्यूटी से नदारद)

क्या है मामला?

अक्षय कश्यप मंगलवार रात करीब 10:30 बजे थाने पहुंचे और खुद पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा ली। उन्हें तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में सामने आया कि अक्षय उस दिन तीन बार थाने आए थे, लेकिन जनसुनवाई डेस्क पर तैनात सब-इंस्पेक्टर सुरेंद्र शर्मा ने उनकी बात को अनसुनी कर दिया।

सोनभद्र में महिला सुरक्षा पर मंथन, 10 नए मिशन शक्ति केंद्रों का उद्घाटन

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सोनभद्र। महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने की दिशा में उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री सीएम योगी के विज़न और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के नेतृत्व में प्रदेशभर में महिला सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे अभियान के तहत सोनभद्र में वाराणसी जोन महिला सुरक्षा एवं पीड़ित-केंद्रित पुलिसिंग सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में 350 से अधिक पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया और संवेदनशील व जवाबदेह पुलिसिंग का संकल्प दोहराया।

कौन रहीं मुख्य अतिथि

सम्मेलन की मुख्य अतिथि पद्मश्री सुनीता कृष्णन रहीं, जो Prajwala की संस्थापक हैं और लैंगिक हिंसा के खिलाफ लंबे समय से संघर्षरत हैं। अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने ट्रॉमा-इन्फॉर्म्ड पुलिसिंग और पीड़ित-केंद्रित प्रथम प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी पीड़िता के लिए पुलिस की पहली प्रतिक्रिया ही उसके न्याय की दिशा तय करती है, इसलिए संवेदनशीलता और सहानुभूति सर्वोपरि होनी चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान डीजीपी के मिशन शक्ति विज़न के अंतर्गत सोनभद्र में 10 नए मिशन शक्ति केंद्रों का उद्घाटन भी किया गया। ये केंद्र वन-स्टॉप सेंटर के रूप में कार्य करेंगे, जहां महिलाओं को सुरक्षा, कानूनी सहायता, परामर्श और अन्य आवश्यक सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी।

अफसरों ने कहा ये

अधिकारियों ने कहा कि महिला सुरक्षा केवल अभियान नहीं, बल्कि सतत प्रतिबद्धता है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में चरणबद्ध तरीके से ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर पुलिस व्यवस्था को और अधिक संवेदनशील एवं प्रभावी बनाया जाएगा। सम्मेलन का समापन ‘एक विज़न, एक मिशन — हर महिला सुरक्षित’ के संकल्प के साथ हुआ।

मुंबई लोकल न्यूज़- सेंट्रल रेलवे ने स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं को बढ़ाया

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सेंट्रल रेलवे (CR) अपने नेटवर्क पर स्टेशन की सुविधाओं को बढ़ाकर यात्रियों को बेहतर सुविधा और सुरक्षा देने का अपना वादा जारी रखे हुए है। सभी यात्रियों के लिए आरामदायक, आसान और बिना रुकावट वाला यात्रा अनुभव पक्का करने के लिए बड़े अपग्रेड और इंस्टॉलेशन किए गए हैं।(Central Railway enhances passenger amenities at stations across Mumbai)

जनवरी 2026 में मुंबई डिवीज़न द्वारा दी गई सुविधाओं की खास बातें नीचे दी गई हैं:

1. एस्केलेटर:


4 नए एस्केलेटर दिए गए हैं, जिसमें कसारा स्टेशन पर 2 एस्केलेटर और बदलापुर स्टेशन पर 2 एस्केलेटर शामिल हैं।

2. लिफ्ट:

2 नई लिफ्ट दी गई हैं, जिसमें वंगानी स्टेशन पर 1 लिफ्ट और बदलापुर स्टेशन पर 1 लिफ्ट शामिल है।

ये एस्केलेटर और लिफ्ट सीनियर सिटिज़न्स, गर्भवती महिलाओं, दिव्यांगजनों और दूसरे यात्रियों को बहुत ज़रूरी राहत देते हैं। ये यात्रियों को यात्रा के लिए प्लेटफॉर्म बदलने के लिए आसान और सुरक्षित आने-जाने में मदद करते हैं।

3. BLDC पंखे:

142 नए ब्रशलेस डायरेक्ट करंट (BLDC) पंखे दिए गए हैं और अलग-अलग स्टेशनों पर 289 पुराने BLDC पंखों को नए पंखों से बदला गया है।

BLDC पंखे ऐसे पंखे होते हैं जिनमें ब्रशलेस DC मोटर का इस्तेमाल होता है, जो आम इंडक्शन मोटर पंखों की तुलना में ज़्यादा एनर्जी एफिशिएंट होते हैं और कम आवाज़ करते हैं। इनमें कार्बन ब्रश की जगह इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोलर और परमानेंट मैग्नेट का इस्तेमाल होता है, जिससे एनर्जी की खपत 50 से 70% तक कम हो जाती है।

4. HVLS पंखे:

दादर स्टेशन पर अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर 8 नए हाई वॉल्यूम लो स्पीड (HVLS) पंखे दिए गए हैं।

HVLS पंखे बड़ी जगहों पर अच्छी कूलिंग और वेंटिलेशन के लिए बहुत सारी हवा धीरे-धीरे चलाते हैं, जिससे ज़्यादा एनर्जी खर्च किए बिना एनर्जी की बचत और आराम मिलता है।

5. एनर्जी एफिशिएंट LED लाइटें:

362 नई LED लाइटें दी गई हैं और अलग-अलग स्टेशनों पर 1635 पुरानी LED लाइटों को नई लाइटों से बदला गया है।

ये LED लाइटें एनर्जी एफिशिएंट हैं, इनकी लाइफ लंबी होती है और मेंटेनेंस और बदलने का खर्च भी कम होता है।  वे बेहतर रोशनी प्रदान करते हैं और पर्यावरण के अनुकूल हैं।

6. मेल और एक्सप्रेस ट्रेन डिस्प्ले बोर्ड:

लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर कुल 4 नए ट्रेन डिस्प्ले बोर्ड प्रदान किए गए हैं, जिसमें 2 इनडोर डिस्प्ले बोर्ड और 2 आउटडोर डिस्प्ले बोर्ड शामिल हैं।

7. नए उपनगरीय ट्रेन संकेतक:

नेरुल, पनवेल, डॉकटार्ड रोड, सेवरी, रे रोड सहित विभिन्न स्टेशनों पर कुल 56 नए उपनगरीय संकेतक प्रदान किए गए हैं। इसमें नेरुल फुट ओवर ब्रिज पर प्रदान किए गए 6 नए उपनगरीय संकेतक शामिल हैं। विभिन्न स्टेशनों पर पुराने संकेतकों को भी नए से बदल दिया गया है। ये नए संकेतक देखने में आकर्षक हैं और इनमें बेहतर स्पष्टता है।

यह भी पढ़ें – मुंबई में मूवी टिकट के दाम बढ़ने की संभावना

फरवरी की खेती : सही फसल, सही समय और बेहतर मुनाफे का महीना, जानें; किन फसलों की करें बुवाई

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फरवरी की खेती

फरवरी की खेती
– फोटो : गांव जंक्शन

विस्तार


जनवरी की ठिठुरन के बाद फरवरी खेतों में नई शुरुआत का संकेत लेकर आता है। न मौसम की सख्ती रहती है और न ही तेज गर्मी का दबाव, ऐसे में यह महीना किसानों के लिए योजना, श्रम और मुनाफे तीनों के लिहाज से बेहद अहम हो जाता है। इसी दौर में की गई सही बुवाई और रोपाई न सिर्फ बेहतर पैदावार का रास्ता खोलती है, बल्कि साल भर की आय की नींव भी मजबूत करती है।बसंतकालीन गन्ना : 15 फरवरी के बाद करें बुवाई
फरवरी के मध्य यानी 15 फरवरी के बाद बसंतकालीन गन्ने की बुवाई के लिए आदर्श समय माना जाता है। उन्नत और रोगमुक्त बीज का उपयोग करने से उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। बुवाई से पहले बीज को फफूंदीनाशक दवा से उपचारित करना जरूरी है। जिन किसानों के खेत में पहले से गन्ने की पेड़ी मौजूद है, उन्हें कटाई जमीन से सटाकर करनी चाहिए, ताकि नई फसल मजबूत और स्वस्थ विकसित हो सके।

भिंडी : जल्दी बाजार, बेहतर दाम
फरवरी में भिंडी की जायद फसल लगाने से किसान जल्दी सब्जी बाजार में उतार सकते हैं, जिससे उन्हें अच्छा भाव मिलता है। बुवाई के समय कतार से कतार की दूरी 25 से 30 सेंटीमीटर रखना जरूरी है। इससे पौधों को पर्याप्त जगह मिलती है और फलन अधिक होता है। समय पर सिंचाई और संतुलित खाद देने से भिंडी की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार होता है।

सूरजमुखी : कम समय, ज्यादा संभावना
तेल वाली फसलों में सूरजमुखी तेजी से किसानों की पसंद बन रही है। इसकी बुवाई 15 से 29 फरवरी के बीच करना सबसे उपयुक्त माना जाता है। किसान मिट्टी और जलवायु के अनुसार सही किस्म का चयन करें। बीज को कार्बंडाजिम या थीरम से उपचारित करने से रोगों का खतरा कम हो जाता है। कम समय में तैयार होने और अच्छी बाजार मांग के कारण सूरजमुखी मुनाफे का अच्छा विकल्प है।

टमाटर : गर्मियों की कमाई का आधार
फरवरी में टमाटर की रोपाई करने से गर्मियों में अच्छी पैदावार मिलती है। पौधों को 45×60 सेंटीमीटर की दूरी पर लगाना बेहतर रहता है। रोपाई हमेशा शाम के समय करें, ताकि पौधे तेज धूप से बच सकें। अनुभवी किसानों का कहना है कि टमाटर की बढ़वार के लिए समय-समय पर यूरिया के माध्यम से नाइट्रोजन देना जरूरी है।

उत्तर प्रदेश में बसंत की प्रमुख तैयारियां
उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए फरवरी का महीना बसंत गन्ने और प्याज की रोपाई के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। सही समय पर रोपाई करने से फसल मजबूत होती है और उत्पादन बेहतर मिलता है। खेत की अच्छी जुताई, नमी बनाए रखना, संतुलित खाद और नियमित सिंचाई पर ध्यान देना जरूरी है।

सही योजना से सालभर की आमदनी
अगर किसान मौसम और फसल चक्र को ध्यान में रखकर खेती करते हैं, तो लागत कम और पैदावार अधिक मिल सकती है। अलग-अलग मौसम में अलग फसलें लगाने से जमीन की उर्वरता बनी रहती है और सालभर आमदनी के अवसर मिलते हैं। सही जानकारी और समय पर खेती अपनाकर किसान नुकसान के जोखिम को भी काफी हद तक कम कर सकते हैं।

सफाई कर्मचारियों को मिलेगा उनके हक का घर

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बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) ‘आश्रय’ स्कीम के तहत सफाई कर्मचारियों के लिए 300 स्क्वायर फीट के 12,000 घर बनाने जा रही है।नवशक्ति की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ये घर दो फेज़ में बनाए जाएंगे। साथ ही, इस साल के बजट में इसके लिए 1,120 करोड़ रुपये का इंतज़ाम किया गया है।(Sanitation workers will get their rightful residence)

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट डिपार्टमेंट के तहत 29,000 सफाई कर्मचारी

मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट डिपार्टमेंट के तहत 29,000 सफाई कर्मचारी काम कर रहे हैं।सफाई कर्मचारी ‘साफ और सुंदर मुंबई’ के लिए दिन-रात काम करते हैं। मुंबई की सफाई करते समय कई कर्मचारियों को कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ता है।

‘आश्रय’ स्कीम के तहत सफाई कर्मचारियों के लिए घर

साफ और सुंदर मुंबई के लिए दिन-रात काम करने वाले सफाई कर्मचारियों के रहने की हालत को बेहतर बनाने के लिए, मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के ज़रिए ‘आश्रय’ स्कीम के तहत सफाई कर्मचारियों के लिए घर उपलब्ध कराए जाएंगे।

12,000 सर्विस रेसिडेंस बनाए जाएंगे

दो फेज़ में 300 स्क्वायर फीट के लगभग 12,000 सर्विस रेसिडेंस बनाए जाएंगे। पहले फेज़ में, ‘A’ सेक्टर में कोचीन स्ट्रीट, R/साउथ सेक्टर में पॉवेल्स लैंड और ‘E’ सेक्टर में सिद्धार्थनगर की कॉलोनियों का रीडेवलपमेंट पूरा हो चुका है।

इन्हें सफाई कर्मचारियों को भी सौंप दिया गया है। साथ ही, ‘E’ सेक्टर में टंकपाखड़ी और F/साउथ सेक्टर में गौतम नगर में स्टाफ क्वार्टर का रीडेवलपमेंट चल रहा है।

साथ ही, दूसरे फेज़ में 30 जगहों के लिए वर्क ऑर्डर पहले ही दिए जा चुके हैं, जिनमें से 23 जगहों पर रीडेवलपमेंट का काम शुरू हो चुका है और बाकी 7 जगहों पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।

यह भी पढ़ें-मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन ब्रिज का नाम पुण्यश्लोक राजमाता अहिल्यादेवी होल्कर के नाम पर रखा जाएगा – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

अगले कुछ सालों में महाराष्ट्र दुनिया की 13वीं इकॉनमी बन जाएगा – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्यपाल के भाषण पर जवाब देते हुए महाराष्ट्र की इकॉनमी को एक ट्रिलियन डॉलर बनाने, हर साल 1 मिलियन नौकरियां पैदा करने, 13 से 14 बिलियन डॉलर का इन्वेस्टमेंट करने और फिस्कल डेफिसिट को 2.5 परसेंट से नीचे लाने का टारगेट बताया।(Maharashtra will become the 13th largest economy in the world in the next few years says Chief Minister Devendra Fadnavis)

महाराष्ट्र को सभी सेक्टर में आगे ले जाने की कोशिश 

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्यपाल के भाषण पर सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर डिटेल में जवाब दिए। अपने भाषण की शुरुआत में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि हम सब जानते हैं कि छत्रपति शिवाजी ने हमें जो महाराष्ट्र धर्म बताया था, हमें मराठों को एक करना चाहिए, महाराष्ट्र धर्म को बढ़ाना चाहिए, जो अभी हैं उन्हें बचाना चाहिए, और एक करना चाहिए, जहां भी हो सके महाराष्ट्र को एक राज्य बनाना चाहिए, इस तरह हम महाराष्ट्र को सभी सेक्टर में आगे ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।

2024-25 में देश की GDP में राज्य का हिस्सा 13.8 परसेंट

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र ने GDP के मुकाबले कर्ज का अनुपात देश में सबसे अच्छे लेवल पर रखा है। 2024-25 में देश की GDP में राज्य का हिस्सा 13.8 परसेंट था और अब यह 14 परसेंट के करीब होगा। राज्य का बजट नहीं, बल्कि इकॉनमी को एक ट्रिलियन डॉलर बनाना चाहिए। अभी राज्य की इकॉनमी करीब 51 लाख करोड़ रुपये की है और 2012-13 में यह 13 लाख करोड़ थी। यह सिर्फ दस साल में तीन गुना बढ़ गई है। महाराष्ट्र देश का अकेला ऐसा राज्य है जिसकी इकॉनमी 660 बिलियन है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह भी कहा कि देश का कोई भी राज्य महाराष्ट्र की इकॉनमी के बराबर नहीं है, और अगर अगले चार-पांच सालों में सूखे की स्थिति नहीं आई, तो महाराष्ट्र एक ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी और दुनिया की 13वीं इकॉनमी बन जाएगा। अभी महाराष्ट्र की इकॉनमी बेल्जियम के बराबर है।

यह भी पढ़ें – BMC बजट 2026-27 में मुंबई की ऐतिहासिक एशियाटिक लाइब्रेरी के लिए 75 लाख रुपये का अनुदान आवंटित किया गया

सहारनपुर में सरकारी क्वार्टर में मिला सिपाही का शव, ड्यूटी पर न पहुंचने के बाद खुला मामला

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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में पुलिस विभाग से जुड़ी एक दुखद घटना सामने आई है। एक युवा सिपाही का शव उसके सरकारी आवास में संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से पूरे महकमे में सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि जब वह निर्धारित समय पर ड्यूटी के लिए नहीं पहुंचा और उसका मोबाइल फोन भी बंद मिला, तब सहकर्मियों को अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद जो दृश्य सामने आया, उसने सभी को स्तब्ध कर दिया। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच में जुटी है और मौत के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

ये है मामला

मृतक सिपाही की पहचान 28 वर्षीय काशी यादव के रूप में हुई है। वह वर्ष 2020 बैच का जवान था और पिछले करीब आठ महीनों से बिहारीगढ़ थाने में तैनात था। मूल रूप से वह सिकंदरपुर वैश्य थाना क्षेत्र के नगला जयकिशन गांव का रहने वाला था। जानकारी के मुताबिक, बुधवार शाम ड्यूटी समाप्त करने के बाद वह अपने सरकारी क्वार्टर लौट गया था।

गुरुवार सुबह उसे लेपर्ड ड्यूटी के लिए पहुंचना था, लेकिन तय समय तक न तो वह थाने पहुंचा और न ही फोन कॉल का जवाब दिया। मोबाइल स्विच ऑफ मिलने पर साथी पुलिसकर्मी उसके आवास पर पहुंचे। वहां दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक आवाज देने और खटखटाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अंततः दरवाजा तोड़ा गया।

कमरे के अंदर का दृश्य देखकर सभी हैरान रह गए। सिपाही का शव पंखे से लटका हुआ मिला। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसपी सिटी और सीओ स्तर के अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम ने भी कमरे से साक्ष्य जुटाए।

नहीं मिला कोई नोट

पुलिस के अनुसार, मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। फिलहाल शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट और परिजनों के बयान के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है।