बस्ती के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गौर में शिकायत पेटिका गायब हो गई है। पहले यहां शिकायत पेटिका लगी हुई थी, लेकिन अब वह नहीं दिख रही है। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके साथ आए लोगों को परेशानी हो रही है। शिकायत पेटिका मरीजों और तीमारदारों की समस्याओं को अस्पताल प्रशासन तक पहुंचाने का एक अहम जरिया होती है। इसके न होने से लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि वे अपनी शिकायतें कहां दर्ज कराएं। इस मामले पर सीएचसी गौर के अधीक्षक पुनीत पांडेय ने बताया कि शिकायत पेटिका जल्द ही दोबारा लगवा दी जाएगी। इससे मरीज और तीमारदार अपनी शिकायतें और सुझाव आसानी से दे पाएंगे। अब देखना होगा कि शिकायत पेटिका कब तक लगाई जाती है और मरीजों की शिकायतें दर्ज कराने की व्यवस्था कितनी जल्दी ठीक होती है।
Category: उत्तर प्रदेश
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दुर्गावती देवी इंटर कॉलेज की नई प्रबंधकारिणी का गठन:सुधा मिश्रा प्रबंधक, ठाकुर प्रसाद रौनियार अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए, 11 सदस्य भी निर्विरोध
पूर्वांचल किसान शिक्षा समिति भैंसा-भिटौली की नई प्रबंधकारिणी का चुनाव गोरखपुर में हुआ। यह चुनाव सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स, गोरखपुर मंडल भूपेंद्र कुमार सिंह की देखरेख में पूरा हुआ। कई महीनों से रुका हुआ चुनाव अब जाकर संपन्न हुआ है। संस्था द्वारा चलाए जा रहे दुर्गावती देवी इंटर कॉलेज, प्रयाग नगर, महराजगंज में नई नियुक्तियां हुई हैं। सुधा मिश्रा को प्रबंधक चुना गया है। वह उपेंद्र मिश्र की पत्नी और बेसिक शिक्षा परिषद में एआरपी हैं। वहीं, पूर्व सांसद प्रतिनिधि गोरखपुर और भाजपा जिला मंत्री महाराजगंज ठाकुर प्रसाद रौनियार को अध्यक्ष पद पर निर्विरोध चुना गया है। इनके अलावा, उप प्रबंधक और उपाध्यक्ष सहित कुल चार पदाधिकारी भी निर्विरोध चुने गए। सात सदस्यों का भी निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। नई प्रबंधकारिणी के बनने से संस्था से जुड़े लोगों में खुशी है। चुने गए पदाधिकारियों और सदस्यों ने ईमानदारी से काम करने का संकल्प लिया है। उन्होंने दुर्गावती देवी इंटर कॉलेज को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की बात कही है।
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किस्त चुकाने के बाद भी मोबाइल लॉक:शाप पर युवक ने लगाए गंभीर आरोप, थाने में दी तहरीर
बभनगावां कला के रहने वाले बृजेश चौधरी ने गौर थाने में राजन मोबाइल शाप के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। बृजेश का आरोप है कि समय पर किस्तें चुकाने के बावजूद उनके फाइनेंस किए गए मोबाइल को लॉक कर दिया गया। बृजेश ने बताया कि उन्होंने बभनान स्थित राजन मोबाइल शाप से एक फोन फाइनेंस करवाया था। नियमानुसार, यदि कोई चीज 16 से 30 तारीख के बीच फाइनेंस होती है, तो उसकी किस्त अगले महीने के बाद वाले महीने से शुरू होनी चाहिए। उनका मोबाइल 26 मार्च को फाइनेंस हुआ था। इस हिसाब से किस्त मई से शुरू होनी थी, लेकिन राजन मोबाइल शाप ने अप्रैल से ही किस्तें लेना शुरू कर दिया। बृजेश चौधरी के अनुसार, उन्होंने अपनी सभी किस्तें राजन के मोबाइल नंबर पर ऑनलाइन भेजी हैं। उनकी कोई भी किस्त बाउंस नहीं हुई है। इसके बावजूद राजन मोबाइल शाप ने उनके फोन को फर्जी तरीके से EMI ID के जरिए लॉक कर दिया। बृजेश ने बताया कि राजन मोबाइल शाप से बात करने पर कभी 1500, कभी 500, 400 या 300 रुपये की मांग की जाती है। उन्हें आज तक उनकी लोन ID भी नहीं दी गई है। जब राजन मोबाइल शाप को थाने में शिकायत दर्ज होने की जानकारी मिली, तो उन्होंने अपनी छवि बचाने के लिए फोन को अनलॉक कर दिया। इस मामले में गौर थाना प्रभारी अतुल अंजान ने बताया कि मौके पर जांच चल रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सिसवा में प्रेम मंदिर की भव्यता में विराजेंगी मां दुर्गा:90 फीट ऊंचे पंडाल में दिखेगा वृंदावन का प्रेम और सूर्य उपासना का दिव्य संगम
मां दुर्गा की आराधना, वृंदावन का प्रेम और सूर्य उपासना की आस्था। इस बार सिसवा का दुर्गा पूजा महोत्सव श्रद्धा के इन तीन रंगों से भक्तों को आध्यात्मिक अनुभूति कराएगा। पूर्वांचल में पिछले दो दशकों से अपनी भव्यता और अनूठी झांकियों के लिए विशेष पहचान बना चुके सिसवा के दुर्गा पूजा महोत्सव को लेकर पूजा समितियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। दूरभाष केंद्र स्थित श्रीबाल दुर्गा पूजा सेवा समिति इस बार प्रेम मंदिर वृंदावन की थीम पर भव्य पंडाल तैयार करा रही है। करीब 90 फीट ऊंचे पंडाल में भक्तों को धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत संसार देखने को मिलेगा। पंडाल के मध्य तीन भागों में बंगाली साज-सज्जा के बीच मां दुर्गा की भव्य और आकर्षक प्रतिमा विराजमान होगी। मां के दिव्य स्वरूप के दर्शन के साथ पंडाल का ऊपरी हिस्सा राधा-कृष्ण की मनोरम झांकी से सजेगा। राधा-कृष्ण की यह झांकी भक्तों को वृंदावन की प्रेम और भक्ति परंपरा से जोड़ेगी। पंडाल के दूसरे तल पर इस बार विशेष धार्मिक संदेश देखने को मिलेगा। यहां भगवान गणपति, कार्तिकेय, माता लक्ष्मी, माता सरस्वती, इंद्र सहित अन्य देवी-देवताओं को सूर्य उपासना के महापर्व छठ की आराधना करते हुए दिखाया जाएगा। एक ही परिसर में शक्ति की आराधना, राधा-कृष्ण की प्रेम भक्ति और सूर्य देव की उपासना का संगम श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। समिति अध्यक्ष गंगासागर जायसवाल, संरक्षक लवकुश विश्वास और संयोजक रोशन मद्धेशिया के अनुसार पंडाल निर्माण का कार्य करीब दो माह से चल रहा है। इसके निर्माण में लगभग छह लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। समिति की नींव वर्ष 1995 में पड़ी थी। वर्ष 2006 में सदस्यों ने दुर्गा पूजा पंडाल को वृहद स्वरूप देते हुए विशाल मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ शक्तिपीठों और देवी-देवताओं की झांकियां सजाने की परंपरा शुरू की। वर्ष 2010 से समिति ने धार्मिक आयोजन को सामाजिक जागरूकता का माध्यम भी बनाया। हर वर्ष पंडाल की झांकियों के जरिए दहेज प्रथा, बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ, माता-पिता की सेवा और वृद्धाश्रम जैसी सामाजिक चुनौतियों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाता है। साथ ही भक्तों को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया जाता है।
