बस्ती जिले के दुबौलिया ब्लॉक में बारिश के बाद धान की तैयार फसल खेतों में गिर गई। नाचना, चिलमा, ऊंची बरसाव समेत कई गांवों के किसानों को नुकसान हुआ है।
स्थानीय किसान राजू सिंह ने बताया कि धान की फसल पककर तैयार थी और कटाई की तैयारी चल रही थी। बारिश के कारण फसल खेतों में गिर गई। उन्होंने कहा कि पानी में भीगी पकी फसल एक-दो दिन में खेत में ही अंकुरित होने लगती है। इससे फसल की गुणवत्ता खराब हो सकती है और किसानों को आर्थिक नुकसान हो सकता है।
किसान रामजोर ने बताया कि उन्होंने अपने दो बीघा खेत की धान की फसल काटकर खेत में रखी थी। बारिश से पूरी फसल भीग गई है। अब उसे सुरक्षित निकालना मुश्किल हो रहा है। क्षेत्र के अन्य किसानों की तैयार फसल भी बारिश से खराब हुई है।
किसानों ने बताया कि धान की खेती में बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी पर खर्च किया गया था। फसल तैयार होने के समय हुई बारिश से उन्हें नुकसान हुआ है।
किसानों ने जिला प्रशासन और शासन से मांग की है कि प्रभावित गांवों में राजस्व विभाग की टीम भेजकर फसल के नुकसान का सर्वे कराया जाए। उन्होंने पात्र किसानों को मुआवजा देने की भी मांग की है।
बस्ती में धान की तैयार फसल खेतों में गिरी:चिलमा, ऊंची; बरसाव समेत कई गांवों में नुकसान
महादेवा-विश्रामपुरवा मार्ग पर जलभराव और कीचड़:ग्रामीणों, राहगीरों और स्कूली बच्चों को आने-जाने में दिक्कत; जलनिकासी और सड़क मरम्मत की मांग
श्रावस्ती की ग्राम पंचायत महादेवा में महादेवा से विश्रामपुरवा जाने वाले मार्ग पर पानी जमा है और कीचड़ फैला है। इससे ग्रामीणों और राहगीरों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है।
इस रास्ते से रोज बड़ी संख्या में ग्रामीण, राहगीर और दोपहिया वाहन चालक गुजरते हैं। जलभराव के कारण पैदल चलने वालों और स्कूली बच्चों को भी परेशानी होती है।
ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग की खराब स्थिति के कारण रोजमर्रा का आवागमन मुश्किल हो रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और ग्राम पंचायत प्रशासन से जलनिकासी की व्यवस्था ठीक कराने और सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है।
MP राज्यसभा उपचुनाव के लिए हरदीप पुरी ने किया नामांकन, एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी सीट
डिजिटल डेस्क, भोपाल। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को मध्य प्रदेश से होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। इससे पहले पुरी ने भोपाल के करुणाधाम आश्रम का दौरा किया।
बुधवार को बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने मध्य प्रदेश से होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया। दीन दयाल उपाध्याय मार्ग स्थित बीजेपी के केंद्रीय कार्यालय से जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्रीय चुनाव समिति ने राज्य की ओर से उच्च सदन (राज्यसभा) की सीट के लिए पुरी की उम्मीदवारी को मंजूरी दे दी है।
एल, मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट
पार्टी के बयान में कहा गया है, “भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने मध्य प्रदेश में होने वाले आगामी राज्यसभा उपचुनाव 2026 के लिए हरदीप सिंह पुरी के नाम को मंजूरी दे दी है।” यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब मध्य प्रदेश की राज्यसभा की एक सीट के लिए तैयारियां चल रही हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद यह सीट खाली हो गई थी।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
इससे पहले 22 अक्टूबर को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मुरुगन के इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए होने वाले उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया। चुनाव आयोग द्वारा जारी एक प्रेस नोट के अनुसार, मुरुगन के इस्तीफे के बाद 14 अक्टूबर, 2026 को यह सीट खाली हो गई थी। उच्च सदन (राज्यसभा) में उनका कार्यकाल मूल रूप से 2 अप्रैल, 2030 को समाप्त होने वाला था।
आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, इस उपचुनाव के लिए अधिसूचना 26 अक्टूबर, 2026 को जारी की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 2 नवंबर, 2026 है और नामांकन पत्रों की जांच 3 नवंबर, 2026 को होगी। उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि 5 नवंबर, 2026 तय की गई है।
मतदान 12 नवंबर को सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे के बीच होगा और उसी दिन शाम 5:00 बजे वोटों की गिनती की जाएगी। चुनाव आयोग ने बताया कि पूरी चुनाव प्रक्रिया 16 नवंबर से पहले पूरी कर ली जाएगी।
सिसवा में धान की फसल गिरी:फसल गिरने से किसानों का नुकसान
महराजगंज के सिसवा ब्लॉक में शुक्रवार सुबह से रुक-रुककर तेज बारिश हुई। शनिवार सुबह किसान खेत देखने पहुंचे तो धान की पकी फसल जमीन पर गिरी मिली और खेतों में पानी भरा था।
बारिश के कारण सड़कों पर भी पानी भर गया। इससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत हुई।
पकड़ी चौबे, रुद्रापुर और शीतलापुर समेत कई इलाकों में धान की फसल गिरी मिली। इस समय धान की कटाई का सीजन चल रहा है। बेमौसम बारिश से किसानों को नुकसान की आशंका है।
सम्भू नाथ, सुभाष, संतोष सिंह, कमरुद्दीन, प्रदीप कुमार, रजा अली और सरफुद्दीन अंसारी समेत दर्जनों किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा है।
स्थानीय किसानों ने प्रशासन से खेतों का सर्वे कराने और मुआवजा देने की मांग की है।
बेमौसम बारिश से धान और गन्ने की फसल गिरी:बस्ती के कप्तानगंज ब्लॉक में किसानों ने नुकसान का सर्वे और मुआवजा मांगा
बस्ती जिले के कप्तानगंज ब्लॉक में बेमौसम बारिश से धान, गन्ने और सब्जियों की फसलों को नुकसान हुआ है। किसानों ने प्रशासन से फसल नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की है। स्थानीय किसान जसराम चौधरी ने बताया कि बारिश से उनकी करीब पांच बीघा धान की फसल खेत में गिर गई। उनका अनुमान है कि गिरी हुई फसल में करीब 50 प्रतिशत नुकसान हुआ है। फसल पूरी तरह तैयार थी। पोखरा निवासी किसान रामलोट यादव ने बताया कि खेतों में खड़ी गन्ने की फसल भी गिर गई है। उन्होंने कहा कि बारिश का असर अलग-अलग फसलों पर पड़ा है। किसान रामवृक्ष के मुताबिक, आलू की बुवाई की तैयारी कर रहे और पहले ही बुवाई कर चुके किसानों को भी नुकसान की आशंका है। सब्जियों की खेती करने वाले किसान भी बारिश से हुए नुकसान को लेकर चिंतित हैं। कृषि वैज्ञानिक राघवेंद्र सिंह ने बताया कि आम तौर पर इस समय बारिश नहीं होती है। चक्रवात के असर से असामान्य बारिश हुई, जिससे तैयार धान, गन्ने और सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचा। किसानों की मांग है कि प्रभावित इलाकों में फसल नुकसान का सर्वे कराया जाए और उन्हें मुआवजा दिया जाए, ताकि वे आर्थिक नुकसान से उबर सकें।
कर्नाटक: पार्टी नेताओं के ‘स्टिंग ऑपरेशन’ पर कांग्रेस सख्त, कृपा अल्वा को पार्टी से किया निष्कासित
डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) ने राज्य के कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाने वाले एक स्टिंग ऑपरेशन में शामिल होने के आरोपों के चलते पार्टी की पूर्व महासचिव कृपा अल्वा को तत्काल प्रभाव से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है।
केपीसीसी के उपाध्यक्ष एम. नारायणस्वामी द्वारा जारी निष्कासन आदेश में कहा गया है कि मीडिया में आई नकारात्मक खबरों और प्रतिक्रियाओं के कारण इस विवाद से पार्टी को भारी असहजता और शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है।
आदेश के अनुसार, ‘चूंकि इस स्टिंग ऑपरेशन मामले में आपका नाम सामने आया है और इस मामले में आपका आचरण पार्टी विरोधी गतिविधियों के दायरे में आता है, इसलिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश पर आपको छह साल की अवधि के लिए तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित किया जाता है’।
कारण बताओ नोटिस का नहीं दिया जवाब
पार्टी के आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि इस मामले में भूमिका को लेकर कृपा अल्वा को पहले कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। हालांकि, उनकी ओर से अब तक कोई जवाब या स्पष्टीकरण दाखिल नहीं किया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने इस अपमानजनक वीडियो के पीछे कृपा अल्वा का हाथ बताया था। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया संस्थानों द्वारा इस वीडियो के प्रसारण और प्रकाशन पर अदालत से रोक भी हासिल कर ली थी।
यौन शोषण के आरोप मनगढ़ंत
सिद्धरमैया के खिलाफ अपमानजनक सामग्री वाले कथित स्टिंग ऑपरेशन की जांच कर रही बेंगलुरु पुलिस ने गुरुवार को खुलासा किया कि वीडियो में लगाए गए यौन शोषण के आरोप पूरी तरह से मनगढ़ंत और जानबूझकर रची गई साजिश का हिस्सा हैं।
गड़रियन पुरवा में कूड़े से मच्छर बढ़े:बस स्टैंड के पास गंदगी; लोगों ने सफाई और दवा छिड़काव की मांग की
श्रावस्ती जिले के जमुनहा में फतेहपुर बनगई के मजरा गड़रियन पुरवा में जगह-जगह कूड़ा जमा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाई न होने से कूड़ा सड़ रहा है और मच्छर बढ़ गए हैं। लोगों के मुताबिक, मार्ग की पटरी पर लंबे समय से कूड़ा-कचरा पड़ा है। इससे इलाके में गंदगी और बदबू फैली है। दिन में भी मच्छरों के झुंड मंडराते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं को गंदगी के बीच से गुजरना पड़ता है। उनका कहना है कि इससे डेंगू, मलेरिया और दूसरी संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा है। लोगों ने जिला प्रशासन और खंड विकास अधिकारी से मार्ग किनारे सफाई कराकर कूड़ा हटवाने और मच्छरों से बचाव के लिए दवा छिड़कने की मांग की है।
बेंगलुरु: 5 स्टार होटल के स्विमिंग पूल में दौड़ा करंट, दो विदेशी नागरिकों की मौत
डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। बेंगलुरु के एक फाइव-स्टार होटल में शुक्रवार शाम को एक चौंकाने वाली घटना घटी, जिसमें होटल के स्विमिंग पूल में कथित तौर पर करंट लगने से दो विदेशी नागरिकों की मौत हो गई। यह घटना शहर के कॉनराड फाइव-स्टार होटल में हुई।
मृतकों की पहचान जर्मनी और स्लोवाकिया के नागरिकों के रूप में हुई है, जो होटल में ठहरे हुए थे। इन दो लोगों के अलावा उन्हें बचाने की कोशिश में दो अन्य लोग भी घायल हो गए। होटल में ठहरे एक अमेरिकी नागरिक और पूल पर तैनात एक भारतीय कर्मचारी दोनों को बचाने की कोशिश के दौरान घायल हो गए।
मृतकों की हुई पहचान
जर्मन नागरिक की पहचान 57 वर्षीय अलेक्जेंडर मैक्सिमिलियन थीस के रूप में हुई है, जो लुफ्थांसा एयरलाइंस में क्रू मेंबर थे। इसके अलावा जान गंवाने वाले स्लोवाकियाई नागरिक 45 वर्षीय जुराज होर्वाट थे, जो टेक कंपनी आईबीएम में प्रोजेक्ट मैनेजर के तौर पर काम करते थे।
बचाने की कोशिश में दो घायल
बताया जा रहा है कि यह घटना शुक्रवार शाम को होटल की तीसरी मंजिल पर बने स्विमिंग पूल में हुई, जब वे दोनों वहां तैरने गए थे। होटल में ठहरे 41 वर्षीय अमेरिकी नागरिक मैथ्यू डेसैंटिस और पूल अटेंडेंट राहुल तिवारी (28) दोनों पीड़ितों को बचाने की कोशिश में घायल हो गए। दोनों घायलों को मणिपाल अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि वे अब खतरे से बाहर हैं।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच की जा रही है। इस घटना पर होटल प्रबंधन की ओर से अब तक कोई टिप्पणी नहीं आई है। शनिवार सुबह होटल की वेबसाइट पर जानकारी दी गई कि उनका स्विमिंग पूल 31 अक्टूबर से 30 नवंबर तक रखरखाव के लिए बंद रहेगा।
कॉनराड हिल्टन ग्रुप का एक 24 मंजिला लग्जरी फाइव-स्टार होटल है। इस घटना ने होटल की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक स्टैंडर्ड कमरे में रुकने का खर्च कम से कम 25,000 रुपये प्रति रात है।
बस्ती: रुधौली विकासखंड में ‘VBGरामजी’ कार्यों में बड़ा फर्जीवाड़ा! बारिश के बीच कागजों पर दौड़ रहे मजदूर, धरातल पर शून्य
रिपोर्ट:सुशील शर्मा।
बस्ती/रुधौली।जिले के रुधौली विकासखंड में सरकारी धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां ‘VBGरामजी’ योजना के तहत कराए जा रहे विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगा है। आलम यह है कि प्रकृति के नियमों को ठेंगा दिखाते हुए कागजों पर ऐसे कारनामे हो रहे हैं, जो प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।एक तरफ आसमान से झमाझम बारिश बरस रही थी, तो दूसरी तरफ सरकारी अभिलेखों में मजदूरों के पसीने बहते दिखाए जा रहे थे।

गेनरिया खुर्द और गेनरिया कला में खुली पोल।
ताजा मामला रुधौली विकासखंड के अंतर्गत आने वाले गेनरिया खुर्द और गेनरिया कला गांवों का है। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के मुताबिक, इन गांवों में मौके पर एक भी मजदूर धरातल पर काम करता नजर नहीं आया, जबकि सरकारी मस्टर रोल और अभिलेखों में दर्ज मजदूरों की संख्या भारी-भरकम है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब हकीकत में कोई काम हुआ ही नहीं, तो आखिर कागजों पर इतनी बड़ी संख्या में उपस्थिति किसकी और कैसे दर्ज हो रही है?
शिकायतों पर अधिकारियों की चुप्पी, मिलीभगत की आशंका।
यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की अनियमितता सामने आई हो। ग्रामीणों का आरोप है कि रुधौली ब्लॉक के कई अन्य गांवों में भी यही खेल चल रहा है।काम कागजों पर तेज गति से दौड़ रहा है, और मौके पर सन्नाटा पसरा रहता है।
सबसे बड़ा सवाल खंड विकास अधिकारी (BDO) और क्षेत्रीय तकनीकी सहायकों की भूमिका पर है। ग्रामीणों का दावा है कि इस पूरे फर्जीवाड़े की शिकायत खंड विकास अधिकारी को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से अब तक कोई प्रभावी और ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायतों पर पर्दा डालने की यह प्रवृत्ति कहीं न कहीं भ्रष्ट कर्मियों और अधिकारियों की मिलीभगत की ओर इशारा करती है।
अब इन बड़े सवालों के घेरे में प्रशासन।
जब मौके पर एक भी मजदूर मौजूद नहीं था, तो मस्टर रोल में हाजिरी किसने और कैसे प्रमाणित की।क्या संबंधित अधिकारियों ने कार्यस्थलों का भौतिक सत्यापन करना भी मुनासिब नहीं समझा।क्या बिना जांच के कागजी फाइलों के जरिए सरकारी खजाने की राशि का खुलेआम बंदरबांट किया जा रहा है।
ग्रामीणों की दो टूक मांग, निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई।