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रामलीला के चौथे दिन अहिल्या उद्धार का मंचन:श्रीराम-लक्ष्मण ने सुबाहु-ताड़का का वध किया, पुष्प वाटिका लीला देख दर्शक मंत्रमुग्ध

श्रावस्ती के कटरा स्थित श्रीराम जानकी मंदिर बड़की कुट्टी में चल रही रामलीला के चौथे दिन अहिल्या उद्धार का मंचन हुआ। कलाकारों ने विश्वामित्र के साथ वन गए श्रीराम-लक्ष्मण द्वारा यज्ञ में बाधा डालने वाले सुबाहु, ताड़का व मरीचि असुरों के वध को दर्शाया। मंचन में गौतम ऋषि के शाप से शिला बनी अहिल्या के उद्धार को दिखाया गया। विश्वामित्र के साथ आश्रम से गुजरते समय श्रीराम के चरणों के स्पर्श से शिला स्त्री में बदल गई और अहिल्या शापमुक्त हुईं। इसके बाद भगवान राम और लक्ष्मण के पुष्प वाटिका जाने की लीला का मंचन हुआ। सीता स्वयंवर में गुरु विश्वामित्र के साथ राम-लक्ष्मण पहुंचे थे। सीताजी पूजा के लिए फूल तोड़ने वाटिका गईं, जहां राम-लक्ष्मण भी फूल तोड़ने पहुंचे। राम के वाटिका में प्रवेश पर माली ने उन्हें रोका। माली ने बताया कि अंदर कई भंवरे हैं जो कमल जैसी आंखों और मुख पर मंडराते हैं। उसने राम से सीताजी की जय बोलकर जाने को कहा।

साइबर सुरक्षा के लिए 13 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत, डीपीडीपी कानून अगले से होगा लागू

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। इलेक्टॉनिक्स व आईटी मंत्रालय के संयुक्त सचिव के के सिंह ने कहा कि अभी देश में साइबर हमले से बचने के लिए पांच लाख प्रोफेशनल्स काम कर रहे हैं जबकि इस जोखिम से मुकाबले के लिए 13 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत है।

मंगलवार को ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (टीपीसीआई) की तरफ से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की उपयोगिता और साइबर सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर आयोजित एक कार्यक्रम में सिंह ने कहा कि अभी हमारे देश में साइबर सुरक्षा को लेकर अलग से कोई कानून नहीं है, लेकिन जरूरत पड़ी तो अलग से कानून भी बनाया जा सकता है।

वर्तमान में आईटी नियम के आधार पर साइबर हमलों से निपटा जाता है। कई साइबर हमलों की तो जानकारी सामने नहीं आती है।

सिंह ने बताया कि उनके मंत्रालय ने डिजिटल प्रोटेक्शन डाटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) कानून को अधिसूचित कर दिया है और अगले साल मध्य से यह कानून अमल में आ सकता है। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत इस कानून के मुताबिक अपनी तैयारी शुरू कर दिए होंगे और इस नियम के मुताबिक काम करने के लिए उद्योग जगत ऐसे सोल्यूशन लेकर आएंगे जो सस्ते होंगे।

इस मौके पर टीपीसीआई के चेयरमैन मोहित सिंगला ने कहा कि 47 प्रतिशत संस्थाएं एआई जेनरेटिव का इस्तेमाल कर रहे हैं और 93 प्रतिशत संगठन अगले 12 से 18 महीनों में एआई का इस्तेमाल शुरू करने जा रहे हैं। एआई का इस्तेमाल डीपफेक और साइबर हमले में भी किया जा रहा है।

वर्ष 2024 में साइबर फ्राड के कारण भारत में 22,845 करोड़ का नुकसान हुआ। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि डीपफेक के इस्तेमाल से कितना बड़ा फ्रॉड हो रहा है। डीपफेक के आधार पर अब सामूहिक नुकसान पहुंचाने का काम शुरू हो चुका है।

कॉस्मेटिक की दुकान में लगी आग, लाखों का सामान जलकर-राख:महराजगंज के इटहिया धाम में हादसा; ग्रामीणों ने दीये से आग लगने की जताई आशंका, कारण स्पष्ट नहीं

महराजगंज के निचलौल क्षेत्र स्थित इटहिया धाम में एक कॉस्मेटिक की दुकान में आग लगने से लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। आग से दुकानदार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। सूचना मिलने पर ग्रामीण मौके पर जुट गए। आग पर काबू पा लिया गया, हालांकि दुकान में रखे सामान को काफी नुकसान पहुंचा। इटहिया धाम में स्थित कॉस्मेटिक की दुकान में आग लगने की घटना हुई। आग की चपेट में आने से दुकान में रखा कॉस्मेटिक और अन्य सामान जल गया। ग्रामीणों के मुताबिक, दुकान में जल रहे दीये से आग लगने की आशंका है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारण की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस बोली- आग पर पाया काबू इस संबंध में थाना प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। नुकसान का सही आकलन भी नहीं हो पाया है।

इटहिया धाम में कॉस्मेटिक दुकान में लाखों का सामान जला:दुकानदार को भारी नुकसान, इलाके में अफरा-तफरी; पुलिस जांच में जुटी

निचलौल तहसील क्षेत्र के इटहिया धाम में मंगलवार रात को कॉस्मेटिक की एक दुकान में आग लगने से लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। आग इतनी भीषण थी कि दुकान में रखा कॉस्मेटिक समेत अन्य सामान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना से दुकानदार को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, इटहिया धाम स्थित कॉस्मेटिक की दुकान में अचानक आग लग गई। दुकान से आग की लपटें उठती देखकर आसपास के लोगों में हलचल मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर जुटने लगे। आग की चपेट में आने से दुकान में रखे कॉस्मेटिक उत्पादों सहित अन्य सामान को काफी नुकसान पहुंचा। देखते ही देखते दुकान में रखा सामान आग से बुरी तरह प्रभावित हो गया। घटना के बाद दुकानदार के सामने रोजी-रोटी और कारोबार को लेकर चिंता खड़ी हो गई है। दुकान में रखे सामान के जलने से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, नुकसान की वास्तविक राशि का आकलन अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। आग लगने के कारणों का पता नहीं कॉस्मेटिक की दुकान में आग आखिर किन परिस्थितियों में लगी, इसका कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। आग शॉर्ट सर्किट से लगी या इसके पीछे कोई अन्य वजह रही, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। घटना के कारणों का पता चलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस घटना ने दुकानदार को बड़ा आर्थिक झटका दिया है। स्थानीय स्तर पर आग लगने की घटना की चर्चा हो रही है। दुकान में हुए नुकसान के बाद पीड़ित दुकानदार को आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल आग लगने के कारण और नुकसान से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है।

श्रावस्ती में जनपद स्तरीय युवा उत्सव संपन्न, विजेता कलाकार मंडल स्तर पर करेंगे प्रतिभाग

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श्रावस्ती:। युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग के तत्वाधान में आज दिनांक 27/10/2026 को जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर, विकास भवन भिनगा में जनपद स्तरीय युवा उत्सव (कल्चरल ट्रैक) का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का उद्घाटन विधायक प्रतिनिधि श्रावस्ती श्री अवधेश पांडे द्वारा किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि, जिला विकास अधिकारी, जिला दिव्यांग कल्याण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन सुश्री आर्या तिवारी ने किया।

उत्सव में जनपद के विभिन्न संस्थानों – जवाहर नवोदय विद्यालय, केन्द्रीय विद्यालय, राजकीय बालिका विद्यालय, राजकीय विद्यालय, आश्रम पद्धति विद्यालय, अलक्षेन्द्र इंटर कॉलेज, जनता इंटर कॉलेज आदि के बच्चों ने प्रतिभाग किया।

पांच विधाओं में प्रतियोगिताएं संपन्न हुईं, जिसके परिणाम इस प्रकार रहे –

 

*1. कविता लेखन:* प्रथम – राम जी, द्वितीय – तौकीर आलम, तृतीय – नंदिनी यादव

*2. नुक्कड़ नाटक:* प्रथम – पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय, द्वितीय – राजकीय बालिका इंटर कॉलेज भिनगा, तृतीय – राजकीय इंटर कॉलेज वरगा बरगी

*3. सामूहिक लोकगीत:* प्रथम – जवाहर नवोदय विद्यालय, द्वितीय – अलक्षेन्द्र इंटर कॉलेज

*4. सामूहिक लोक नृत्य:* प्रथम – जनता इंटर कॉलेज, द्वितीय – राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय, तृतीय – अलक्षेन्द्र इंटर कॉलेज

*5. पेंटिंग:* प्रथम – गरिमा, द्वितीय – करीना बानो, तृतीय – सुनीता देवी

 

निर्णायक मंडल में श्रीमती मांडवी तिवारी, श्रीमती पारिजात त्रिपाठी, श्रीमती काजल श्रीवास्तव, श्रवण कुमार सायक और श्री शिव कुमार विश्वकर्मा शामिल रहे। पुरस्कार और प्रमाण पत्र वितरण जिला दिव्यांग कल्याण अधिकारी और जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि द्वारा किया गया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यक्रम प्रभारी क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी माता प्रसाद जायसवाल, अतुल कुमार, रवि कुमार, सैयद राजा इमाम रिजवी, सुश्री नंदिनी सिंह, शिव शरन यादव, प्रमोद कुमार और पीआरडी जवानों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

जिला युवा कल्याण अधिकारी प्रदीप कुमार त्रिपाठी ने बताया कि जनपद स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले कलाकार अब मंडल स्तरीय युवा उत्सव में प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने सभी विजेताओं को अभी से तैयारी शुरू करने के लिए कहा ताकि वे मंडल स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल हो सकें।

प्राइड होटल्स लिमिटेड ने श्रावस्ती में शुरू किया प्राइड एलीट होटल, उत्तर प्रदेश में बढ़ाया अपना नेटवर्क

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श्रावस्ती,। भारत के प्रमुख हॉस्पिटैलिटी समूहों में शामिल प्राइड होटल्स लिमिटेड उत्तर प्रदेश में अपने होटल नेटवर्क का लगातार विस्तार कर रहा है। समूह की ग्रेटर नोएडा, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और आगरा जैसे प्रमुख शहरों में मौजूदगी है। इसी विस्तार के तहत, समूह ने प्राइड एलीट श्रावस्ती होटल शुरू करने की घोषणा की है। इसके साथ ही समूह ने भारत के सबसे महत्वपूर्ण बौद्ध तीर्थस्थलों में से एक श्रावस्ती में भी अपने आतिथ्य नेटवर्क का विस्तार किया है।बलरामपुर–बहराइच हाईवे पर स्थित यह नया होटल उत्तर प्रदेश के उभरते व्यावसायिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन बाजारों में ब्रांडेड हॉस्पिटैलिटी सेवाओं के विकास पर प्राइड होटल्स के फोकस को और मजबूत करता है।

उत्तर प्रदेश में प्राइड होटल्स के विस्तार पर टिप्पणी करते हुए, प्राइड होटल्स लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक श्री अतुल उपाध्याय ने कहा, -“उत्तर प्रदेश हमारी राष्ट्रीय विस्तार रणनीति का एक प्रमुख बाजार है। यहां व्यावसायिक, धार्मिक, विरासत और घूमने-फिरने के लिए पर्यटन के विविध अवसर उपलब्ध हैं। हम पूरे राज्य में होटलों का एक मजबूत नेटवर्क विकसित कर रहे हैं। ग्रेटर नोएडा व्यावसायिक और एमआईसीई (बैठक, प्रोत्साहन, सम्मेलन और प्रदर्शनियां) क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करता है, जबकि लखनऊ और कानपुर जैसे शहरों में व्यावसायिक अवसरों की अपार संभावनाएं हैं। वहीं, वाराणसी, आगरा और श्रावस्ती जैसे पर्यटन स्थल अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के कारण पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।बौद्ध सर्किट में अंतरराष्ट्रीय महत्व के कारण श्रावस्ती हमारे लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। प्राइड एलीट श्रावस्ती के माध्यम से हमारा लक्ष्य इस क्षेत्र में पेशेवर प्रबंधन वाली आवास सुविधाओं की बढ़ती मांग को पूरा करना और पर्यटन बुनियादी ढांचे के विकास में योगदान देना है। हमारा उद्देश्य उत्तर प्रदेश में होटलों का एक ऐसा सुदृढ़ और बेहतर तरीके से जुड़ा नेटवर्क स्थापित करना है, जो प्रत्येक पर्यटन स्थल की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करे और साथ ही प्राइड होटल्स के मानकों के अनुरूप सेवाएं प्रदान करे।”

श्रावस्ती का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व अत्यंत व्यापक है। यह भगवान बुद्ध से जुड़े प्रमुख स्थलों में से एक है। मान्यता है कि भगवान बुद्ध ने यहां कई वर्षावास बिताए थे और महत्वपूर्ण उपदेश दिए थे। जेतवन विहार, सहेत-महेत और अंगुलिमाल स्तूप जैसे प्रमुख बौद्ध विरासत स्थल यहां स्थित हैं। ये स्थल देशभर के श्रद्धालुओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बौद्ध समुदायों के पर्यटकों को भी आकर्षित करते हैं।बौद्ध सर्किट में श्रावस्ती के विशेष महत्व के साथ-साथ आध्यात्मिक और विरासत पर्यटन में बढ़ती रुचि इस क्षेत्र में सुव्यवस्थित हॉस्पिटैलिटी सेवाओं के विकास के लिए व्यापक अवसर प्रदान करती है।

प्राइड एलीट श्रावस्ती में 78 सुव्यवस्थित कमरे हैं, जिन्हें तीर्थयात्रियों, व्यक्तिगत यात्रियों, परिवारों और समूहों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इन कमरों में आधुनिक साज-सज्जा के साथ एयर कंडीशनिंग, निःशुल्क वाई-फाई, फ्लैट-स्क्रीन टेलीविजन, चाय और कॉफी बनाने की सुविधा सहित अन्य आवश्यक आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, ताकि मेहमानों का अनुभव आरामदायक और सुविधाजनक हो सके ।

होटल में कैफे प्राइड भी शुरू किया गया है, जो 130 लोगों के बैठने की क्षमता वाला मल्टी-क्यूज़ीन रेस्टोरेंट है। यहां पूरे दिन भारतीय और अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों की विविधता उपलब्ध रहेगी। होटल में ठहरने वाले मेहमानों के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए भी तैयार किए गए इस रेस्टोरेंट में नाश्ते, दोपहर और रात के भोजन के लिए एक स्वागतपूर्ण माहौल मिलेगा। यहां व्यक्तिगत यात्रियों, परिवारों और समूहों की पसंद के अनुरूप भोजन के विकल्प उपलब्ध होंगे।

शादियों और अन्य समारोहों के लिए होटल में 12,000 वर्ग फुट का इम्पीरियल लॉन है, जो एक विशाल खुला आयोजन स्थल है। यह विवाह समारोहों, रिसेप्शन, सामाजिक आयोजनों और कॉर्पोरेट कार्यक्रमों के लिए उपयुक्त है। इसके अलावा, होटल में जल्द ही बड़े स्तर पर इनडोर बैंक्वेट सुविधाएं भी शुरू की जाएंगी, जिससे बड़े समारोहों, सम्मेलनों और व्यावसायिक कार्यक्रमों के आयोजन की क्षमता में और विस्तार होगा।होटल की विशेषताओं और क्षेत्रीय संभावनाओं पर बात करते हुए, प्राइड होटल्स लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट – नार्थ , श्री मोहम्मद शोएब ने कहा, “श्रावस्ती में पर्यटन की एक विशिष्ट प्रकृति है। यहां बौद्ध तीर्थयात्रियों के समूहों, अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों, घरेलू परिवारों और उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा करने वाले पर्यटकों से मांग आती है। इस बाजार में एक प्रमुख आवश्यकता ऐसी आवास सुविधाओं की है, जो व्यवस्थित रूप से आने वाले बड़े समूहों की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ भरोसेमंद भोजन, आरामदायक कमरे और पेशेवर अतिथि सेवाएं भी उपलब्ध करा सकें। प्राइड एलीट श्रावस्ती को इन्हीं आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।

तीर्थ पर्यटन के अलावा, हमें स्थानीय शादियों और सामाजिक आयोजनों के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं दिखाई देती हैं। हमारा लक्ष्य स्थानीय स्तर पर बेहतर जुड़ाव, सेवाओं में निरंतरता और मेहमानों को यादगार अनुभव प्रदान करके प्राइड एलीट श्रावस्ती को शहर के पसंदीदा होटलों में से एक के रूप में स्थापित करना है।”

GST रजिस्ट्रेशन का नया नियम: 1 नवंबर से होगा लागू; क्या-क्या बदलेगा?

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। एक नवंबर से जीएसटी पंजीयन से लेकर जीएसटी मामले में आने वाले नोटिस के नियम बदलने जा रहे हैं। नए नियम के मुताबिक को-वर्किंग प्लेस से अगर कोई कारोबार कर रहा है तो उस पते को देकर भी जीएसटी पंजीयन कराया जा सकता है।

कारोबारी को को-वर्किंग प्लेस के मेंबरशिप की कॉपी अपलोड करनी होगी। कॉपी में यह स्पष्ट होना चाहिए कि वह को-वर्किंग प्लेस कहां पर है और कारोबारी को को-वर्किंग प्लेस का कौन सा डेस्क काम करने के लिए दिया गया है।

एक नवंबर से GST रजिस्ट्रेशन का बदलेगा नियम 

नए नियम के मुताबिक आधार नंबर के आधार पर पंजीयन लेने पर अधिकारी उस पते की छानबीन करने नहीं जाएगा। अगर कोई जालसाजी या अन्य गंभीर गड़बड़ी का शक होने पर ही पते की छानबीन की जाएगी। जिस पते पर पंजीयन कराया जा रहा है और वह संपत्ति किसी पूर्वज की है तो उस पूर्वज का मृत्यु प्रमाण पत्र देना होगा।

पते को साफ तौर दिखाने के लिए बिजली बिल, हाउस टैक्स जैसे बिल साथ में संलग्न करना होगा। विभाग के कर्मचारी किसी भी प्रकार का अतिरिक्त दस्तावेज नहीं मांग सकेंगे। जीएसटी नेटवर्क के पोर्टल पर पंजीयन के लिए आवेदन करने से पहले नए नियम के बारे में आवेदक तमाम जानकारी ले सकते हैं।

गत आठ अक्टूबर को जीएसटी काउंसिल की बैठक में जीएसटी पंजीयन को बिल्कुल सरल बनाने का फैसला किया गया था। मंगलवार को इस फैसले पर अप्रत्यक्ष कर विभाग ने सर्कुलर जारी किया है। इसके साथ अन्य सात नियम को लेकर भी सर्कुलर जारी किए गए हैं और सभी नियम आगामी एक नवंबर से लागू होने जा रहे हैं।

जीएसटी धोखाधड़ी नोटिस के लिए अब सबूत जरूरी

जीएसटी पंजीयन के सरलीकरण, अपील को लेकर फी-जमा करने, नोटिस के कारण बिल्कुल स्पष्ट बनाने, रिफंड को आसान बनाने, फ्राड कहने के लिए स्पष्ट साक्ष्य जैसे नियम शामिल हैं। काउंसिल में लिए गए जिन फैसलों को लागू करने के लिए जीएसटी कानून में संशोधन की जरूरत है, उन पर अगले साल एक अप्रैल से अमल होगा।

अभी जीएसटी अधिकारी कई बार कारोबारी को जीएसटी का बकाया होने पर उन्हें जीएसटी को लेकर फ्राड करने का नोटिस थमा देते हैं। एक नवंबर से जीएसटी अधिकारी यह नहीं कर पाएंगे। उन्हें उस नोटिस के साथ यह भी साक्ष्य देना होगा कि उस कारोबारी ने जीएसटी को लेकर क्या फ्राड किया है।

जीएसटी बकाया होने का मतलब फ्राड करना नहीं है। इस प्रकार के नोटिस को भेजने से पहले अधिकारी को अपने वरिष्ठ अधिकारी से मंजूरी लेनी होगी। अगर कोई नोटिस जारी होता है तो नोटिस में पूरा तथ्य होना चाहिए। अभी नोटिस के एक प्रारूप होता है और समान प्रकार की भाषा का इस्तेमाल किया जाता है। अब नोटिस में हर साल के बकाए के साथ पूरा तथ्य रखना होगा।

महराजगंज में साइबर ठगी का आरोपी गिरफ्तार:गोरखपुर से पकड़ा गया, ऑनलाइन झांसा देकर बैंक खाते में मंगाता था पैसे

महराजगंज साइबर क्राइम पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के एक आरोपी को गोरखपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी वसीमुल्लाह उर्फ वसीम (26) महराजगंज के भिटौली थाना क्षेत्र के वरियारपुर गांव का रहने वाला है।
पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ 27 अक्टूबर 2026 को साइबर क्राइम थाने में मुकदमा अपराध संख्या 26/2026 दर्ज हुआ था। आरोपी पर ऑनलाइन लोगों से संपर्क कर उन्हें झांसे में लेने और उनके बैंक खातों से पैसे अपने खाते में मंगाने का आरोप है।
जांच के दौरान संदिग्ध लेन-देन सामने आने पर उसकी भूमिका का पता चला। यह कार्रवाई साइबर क्राइम थाना के नोडल अधिकारी और अपर पुलिस अधीक्षक महराजगंज के निर्देश पर हुई।
आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की कई धाराओं में केस दर्ज है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

बस्ती में दोनों पैरों से दिव्यांग ने नहीं मानी हार:कबाड़ खरीदकर चला रहे परिवार की आजीविका, बने आत्मनिर्भरता की मिसाल

बस्ती के खलवा निवासी आनंद सिंह दोनों पैरों से दिव्यांग हैं। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी है। वह कबाड़ खरीदने का काम करते हैं।
इस काम से वह अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। आनंद सिंह ने अपनी शारीरिक चुनौतियों को कमजोरी नहीं बनने दिया।
वह अपनी मेहनत के दम पर आजीविका चला रहे हैं। उनका संघर्ष बताता है कि मुश्किल हालात में भी हिम्मत से आगे बढ़ा जा सकता है।
आनंद सिंह का उदाहरण दिखाता है कि पहचान शारीरिक सीमाओं से नहीं, बल्कि हौसले और मेहनत से बनती है।
ऐसे मेहनती लोगों को सरकारी योजनाओं का सहयोग मिलना चाहिए, ताकि वे सम्मान से जीवन जी सकें।

प्राइड होटल्स ने श्रावस्ती में नया होटल शुरू किया:यूपी में नेटवर्क बढ़ाया, बौद्ध तीर्थस्थल पर आतिथ्य सेवाओं का विस्तार

प्राइड होटल्स लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश में अपना नेटवर्क बढ़ाया है। समूह ने 27 अक्टूबर 2026 को श्रावस्ती में ‘प्राइड एलीट श्रावस्ती होटल’ शुरू करने का एलान किया। यह होटल बलरामपुर-बहराइच हाईवे पर स्थित है।
श्रावस्ती भारत के महत्वपूर्ण बौद्ध तीर्थस्थलों में से एक है। प्राइड होटल्स की ग्रेटर नोएडा, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और आगरा जैसे शहरों में पहले से मौजूदगी है। यह नया होटल यूपी के व्यावसायिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन बाजारों में हॉस्पिटैलिटी सेवाओं को मजबूत करेगा।
प्राइड होटल्स लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक अतुल उपाध्याय ने बताया कि उत्तर प्रदेश उनकी राष्ट्रीय विस्तार रणनीति का अहम बाजार है। यहां व्यावसायिक, धार्मिक और विरासत पर्यटन के कई अवसर हैं। बौद्ध सर्किट में अंतरराष्ट्रीय महत्व के कारण श्रावस्ती खास है।
प्राइड एलीट श्रावस्ती के जरिए कंपनी का लक्ष्य इस क्षेत्र में अच्छी आवास सुविधाओं की बढ़ती मांग को पूरा करना और पर्यटन ढांचे के विकास में योगदान देना है। श्रावस्ती भगवान बुद्ध से जुड़े प्रमुख स्थलों में से एक है।