BREAKING NEWS
खबरें लोड हो रही हैं...
Home क्राइम केतन की मौत के बाद क्या सर्च कर रही थी सिया? चार्जशीट...

केतन की मौत के बाद क्या सर्च कर रही थी सिया? चार्जशीट में ऑनलाइन गतिविधियों का खुलासा

0
0

मुंबई| पुणे के लोहगढ़ किले की चट्टान से घाटी में गिरकर हुई केतन अग्रवाल की मौत कोई साधारण हादसा नहीं, बल्कि ठंडे दिमाग से रचा गया एक भयानक षड्यंत्र था—यह सनसनीखेज खुलासा पुणे पुलिस द्वारा अदालत में दाखिल 5,053 पन्नों की चार्जशीट से सामने आया है। इस बहुचर्चित मामले में पुलिस ने सिया गोयल, उसके साथी चेतन चौधरी और रितेश हांगे के खिलाफ पुख्ता डिजिटल सबूत इकट्ठा किए हैं। आरोपियों ने अपने अपराध का कोई भी निशान न छूटे, इसके लिए मोबाइल से कई महत्वपूर्ण मैसेज पूरी तरह से मिटा दिए थे। हालांकि, साइबर फॉरेंसिक टीम ने तकनीकी मदद से 1,801 चैट का डेटा सफलतापूर्वक रिकवर कर लिया है, जिसमें व्हाट्सएप से डिलीट की गई 11 बेहद संवेदनशील बातचीत भी शामिल हैं। इसके अलावा, चैटजीपीटी पर की गई 81 सर्च, व्हाट्सएप पर 367, इंस्टाग्राम पर 248, स्नैपचैट पर 128 और बायोमी व फेसबुक जैसे अन्य सोशल मीडिया ऐप्स के डेटा की भी फॉरेंसिक टीम द्वारा गहन जांच की गई है।

1,801 चैट हुई रिकवर, हत्या से पहले की गई थी पूरी रेकी

पुलिस की विस्तृत जांच रिपोर्ट के अनुसार, 18 जून को जिस स्थान से केतन को नीचे गहरी घाटी में धकेला गया था, उस जगह की रेकी सिया ने काफी दिन पहले ही पूरी कर ली थी। 31 मई को वह केतन को लोहगढ़ घुमाने के बहाने वहां ले गई थी। वहां बने बांध के पानी और प्राकृतिक नजारों को देखने के नाम पर उसने केतन को चट्टान के बिल्कुल मुहाने पर खड़ा कर दिया और पीछे से अलग-अलग एंगल से उसकी तस्वीरें खींचीं। पुलिस को पूरा संदेह है कि इस खौफनाक हत्या की साजिश को अंजाम देने के लिए ही यह पूरी तैयारी की जा रही थी। चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि 14 जून को भी सिया ने उसे लोहगढ़ से नीचे धकेलने का प्रयास किया था, लेकिन उस समय उसकी यह योजना सफल नहीं हो पाई थी।

सिया ने चैटजीपीटी पर सर्च की थीं अजीबोगरीब चीजें

इस मामले की तफ्तीश में सबसे ज्यादा हैरान करने वाला पहलू आरोपियों के इंटरनेट सर्च का सामने आया है। केतन की मां के साथ विवाद होने के बाद अपनी सास से भावनात्मक रूप से माफी कैसे मांगी जाए और पति का गुस्सा कैसे शांत किया जाए—यहाँ से लेकर पति की मौत के बाद दुख का नाटक कैसे रचा जाए और दुनिया के सामने संवेदनाएं कैसे जताई जाएं, इसकी सलाह सिया ने सीधे चैटजीपीटी से मांगी थी। इतना ही नहीं, हत्या के बाद समाचार पत्रों में ऐसी खबरें किस तरह छपती हैं और क्या पुलिस सचमुच डिलीट की गई चैट को ढूंढ सकती है, इसकी जानकारी भी गूगल पर बड़े पैमाने पर तलाशी गई थी।

अपराध और सस्पेंस से भरी फिल्मों का लिया गया था सहारा

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इस पूरी साजिश को रचते समय 'बदला', 'इत्तेफाक', 'हिट: द फर्स्ट केस' और 'चोर निकल के भागा' जैसी सस्पेंस और क्राइम पर आधारित फिल्मों का पूरा सहारा लिया गया था। आम लोगों के दिमाग से खेलकर उन्हें गुमराह किस तरह किया जाए, इससे जुड़े कई पॉडकास्ट भी सुने गए थे। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि वर्ष 2025 में लोहगढ़ में ही हुई एक अन्य पर्यटक की मौत की घटना और मेघालय के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की विस्तृत जानकारी भी आरोपियों ने इंटरनेट पर खंगाली थी। इस अंधेरे में डूबे अपराध की तह तक पहुँचने के लिए पुलिस ने करीब 9,200 वीडियो फुटेज खंगाले, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि घटना के समय वहाँ मौजूद अन्य पर्यटकों के कैमरों में भी ये सभी आरोपी कैद हो गए थे।

संबंधित खबरें

केतन ने अपनी महिला दोस्त से साझा की थी अपनी आंतरिक पीड़ा

चार्जशीट में दर्ज गवाही के अनुसार, इस घटना से ठीक एक महीने पहले यानी 16 मई को केतन अपनी एक पुरानी महिला मित्र के घर गया था। उसकी सगाई के मौके पर मिलने गए केतन ने बेहद परेशान होकर सिया के अस्वस्थ व्यवहार के बारे में बताया था। उसने अपनी उस दोस्त के सामने अपना दर्द बयां करते हुए कहा था कि सिया को शराब की बुरी लत लग चुकी है, वह उस पर लगातार मानसिक दबाव बनाती है और उसने अपनी पढ़ाई-लिखाई के बारे में भी उससे झूठ बोला है।

एक तरफ थी जन्मदिन की भव्य तैयारी, दूसरी तरफ रची जा रही थी मौत की साजिश

एक तरफ जहाँ सिया के शातिर दिमाग में केतन को रास्ते से हटाने की खौफनाक योजना चल रही थी, वहीं दूसरी तरफ सीधा-सादा केतन उसके जन्मदिन के लिए एक बहुत बड़े आयोजन की तैयारियों में जुटा हुआ था। आगामी 19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए उसने महाबलेश्वर के एक प्रतिष्ठित और बड़े होटल में 25 कमरे और एक प्राइवेट स्विमिंग पूल बुक करा रखा था। इसके लिए करीब 3 लाख रुपये का खर्च आने वाला था और केतन ने 50 हजार रुपये की अग्रिम राशि (एडवांस) भी जमा कर दी थी। व्हाट्सएप पर 'जून 19 बर्थडे सेलिब्रेशन' नाम से एक विशेष ग्रुप भी बनाया गया था। हालाँकि, जिस व्यक्ति ने उसके जन्मदिन के लिए इतनी बड़ी तैयारियाँ की थीं, उसकी 18 जून को लोहगढ़ से रहस्यमयी तरीके से गिरकर मौत होने के बाद सिया उसके अंतिम दर्शन करने के लिए भी वहाँ नहीं पहुँची। पुणे पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट के भीतर बेहद मजबूत तकनीकी और डिजिटल साक्ष्य संलग्न किए हैं।

Posts by mntnewsbharat
@mntnewsbharat
Follow @mntnewsbharat