तेहरान। ईरान की खुफिया एजेंसी ने करमन प्रांत के सिर्जान जिले में 31 जासूसों को गिरफ्तार किया गया है। ये लोग चार अलग-अलग समूह में बंटे हुए थे।
इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग के स्वामित्व वाले प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, खुफिया मंत्रालय का आरोप है कि इनको अमेरिका और इजराइल का समर्थन था। इनका मकसद शहर में अशांति फैलाना और तोड़फोड़ करना था।
खुफिया मंत्रालय के अनुसार, इन लोगों ने किशोरों और नौजवानों को अपने जाल में फंसाने की योजना बनाई थी। वे बड़ी संख्या में पेट्रोल बम तैयार कर चुके थे।
इनका इस्तेमाल शहर के सीसीटीवी और कैमरों को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जाना था। कैमरे खराब करके वे सड़कों पर अशांति फैलाने और तोड़फोड़ करने की तैयारी कर रहे थे।
इन पर जनवरी में हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल होने का भी आरोप लगाया गया है। इन प्रदर्शनों में हजारों लोगों की जान चली गई।
ईरान सरकार ने इन पर विदेशी ताकतों से जुड़े होने का आरोप लगाया है। प्रेस टीवी के मुताबिक खुफिया मंत्रालय ने इनके नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। स्थानीय प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि कोई और घटना न हो।
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— Mnt News Bharat (@mntnewsbharat) October 3, 2026















