नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी को लेकर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की कथित चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने रविवार को कहा कि कैप्टन स्मित ने विमान में अदम्य साहस का परिचय देकर कई लोगों की जान बचाई, लेकिन गांधी परिवार की ओर से उनके लिए अब तक एक भी शब्द, पोस्ट या प्रेस वक्तव्य सामने नहीं आया है।
सुधांशु त्रिवेदी ने यहां भाजपा मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कैप्टन स्मित से बात कर चुके हैं और इजरायल तथा अमेरिका के राष्ट्राध्यक्षों ने भी उनकी बहादुरी की सराहना की है। ऐसे में गांधी परिवार की चुप्पी सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि आखिर कैप्टन स्मित के साहस पर कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई।
उन्होंने कहा कि मीडिया में आरोपी पायलट इमाम अल हमामी को लेकर अल-कायदा की ओर से कथित समर्थन की खबरें भी सामने आई हैं। इसके बावजूद सोनिया, प्रियंका और राहुल ने कैप्टन स्मित के साहस को लेकर कोई बयान नहीं दिया। उन्होंने बाटला हाउस मुठभेड़ का जिक्र करते हुए कहा कि जिन लोगों ने उस घटना के आरोपितों के प्रति सहानुभूति दिखाई थी, उनकी ओर से कैप्टन स्मित के लिए करुणा का कोई भाव दिखाई नहीं दे रहा है।
त्रिवेदी न कहा कि राहुल गांधी गाजा के मुद्दे पर ‘एक्स’ पोस्ट, कांग्रेस कार्यसमिति के प्रस्तावों और अखबारों में लेखों के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते रहे हैं, लेकिन कैप्टन स्मित के मामले में उनकी ओर से एक शब्द नहीं आया। कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व अपने कथित वोट बैंक के दबाव में इस मामले पर चुप है। पूरे देश को कांग्रेस के सर्वोच्च नेतृत्व के इस आचरण को देखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जो लोग जाकिर नाइक को शांति का मसीहा बताते थे, अफजल गुरु को परिस्थितियों का शिकार और बुरहान वानी को भटका हुआ युवा बताते थे, याकूब मेमन की फांसी को ‘न्यायिक हत्या’ कहते थे और बाटला हाउस मुठभेड़ पर सवाल उठाते थे, वे कैप्टन स्मित के मामले में अब एक शब्द क्यों नहीं बोल रहे हैं।
त्रिवेदी ने इसे दो विचारधाराओं का टकराव बताते हुए कहा कि एक विचारधारा कथित तौर पर आतंक के प्रति नरम रुख रखती है, जबकि दूसरी विचारधारा देश और लोगों की सुरक्षा के लिए जोखिम उठाने को तैयार है। उन्होंने कैप्टन स्मित को इसका उदाहरण बताते हुए कहा कि उन्होंने विमान में सवार लोगों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली।
भाजपा सांसद ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस में इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की जयंती के दिन कांग्रेस ने यह नियुक्ति की। उन्होंने इमरान मसूद के 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर दिए गए कथित ‘बोटी-बोटी’ बयान का भी उल्लेख किया और कांग्रेस के फैसले पर सवाल उठाए।
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर भी निशाना साधते हुए उनके पार्टी अध्यक्ष के चुनाव को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लगातार चुनावी हार की हताशा में खरगे राहुल गांधी की कथित विकृत मानसिकता को क्यों अपना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि खरगे के कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के समय कई कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचक मंडल की सूची सार्वजनिक करने की मांग की थी, लेकिन पार्टी ने सूची नहीं दी। इसी आधार पर उन्होंने खरगे के चुनाव की वैधता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नामांकन के दौरान परिवार के अन्य सदस्य नामांकन कक्ष में मौजूद थे, जबकि खरगे को अंदर जाने की अनुमति नहीं दिए जाने की बात सामने आई थी। त्रिवेदी ने कांग्रेस से कहा कि कानूनी और गैरकानूनी की बात करने से पहले उसे अपने भीतर भी झांकना चाहिए।
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— Mnt News Bharat (@mntnewsbharat) October 3, 2026















