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Pension New Update: पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर, 5 अक्टूबर को होगी सुनवाई, बिना कोर्ट-कचहरी सुलझेंगे पेंशन के 897 मामले

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Pension New Update: सालों तक पेंशन की फाइल एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर घूमती रहे, तो सबसे ज्यादा परेशानी उसी बुजुर्ग को होती है जिसे हर महीने की रकम पर घर चलाना है। इसी दिक्कत के लिए सरकार ने पेंशन अदालत की व्यवस्था की है। 5 अक्टूबर 2026 को पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग की तरफ से 17वीं राष्ट्रीय पेंशन अदालत का आयोजन किया जा रहा है।

कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अधीन इस विभाग की यह अदालत केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में होगी। इसमें 24 मंत्रालयों और विभागों के रिटायर कर्मचारियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों की 897 लंबित शिकायतों की सीधी सुनवाई होगी। आयोजन नई दिल्ली में भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (IIPA) के टी.एन. चतुर्वेदी मेमोरियल हॉल में बताया गया है।

सीधा जवाब

यह अदालत क्या है? यह कोई कानूनी कोर्ट नहीं, बल्कि एक प्रशासनिक मंच है, जहां शिकायतकर्ता, विभाग के अधिकारी, लेखा विभाग और बैंक के प्रतिनिधि एक ही जगह बैठकर मामले सुलझाते हैं।

कौन जुड़ सकता है? जिनकी शिकायत इस बार की सूची में है, वे व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ सकेंगे।

क्या हर कोई अभी शिकायत जोड़ सकता है? नहीं। इस अदालत के मामले पहले से तय हो चुके हैं। नई शिकायत वाले अगली अदालत के लिए CPENGRAMS पर दर्ज कराएं।

आज क्या-क्या होगा?

आपके दिए विवरण के अनुसार इस आयोजन में तीन चीजें खास रहेंगी:

  • हाइब्रिड भागीदारी। देश के किसी भी कोने से वरिष्ठ पेंशनभोगी, पारिवारिक पेंशनभोगी या उनके अधिकृत रिश्तेदार वीडियो लिंक से अपनी बात रख सकेंगे।
  • 16वीं अदालत की उपलब्धियों का दस्तावेज। डॉ. जितेंद्र सिंह 13 मई 2026 को हुई 16वीं पेंशन अदालत का आधिकारिक दस्तावेज जारी करेंगे।
  • पारिवारिक पेंशन पर FAQ पुस्तिका। पारिवारिक पेंशनर्स, खासकर विधवाओं और आश्रितों को नियम समझाने के लिए अक्सर पूछे जाने वाले सवालों की पुस्तिका जारी होगी।

आयोजन के बाद बचे हुए मामलों के लिए इसी महीने अंतर-मंत्रालयी समीक्षा बैठक होगी।

कौन से मामले लिए गए हैं?

इस बार उन शिकायतों को प्राथमिकता दी गई है जो CPENGRAMS पोर्टल पर लंबे समय से दर्ज थीं। इनमें रेलवे, रक्षा, डाक, दूरसंचार और गृह मंत्रालय जैसे विभाग शामिल बताए गए हैं। आमतौर पर पेंशन की गड़बड़ियां, ग्रेच्युटी और पारिवारिक पेंशन के दावे ऐसी अदालतों में सुने जाते हैं।

अब तक का रिकॉर्ड कैसा रहा है?

आपके दिए आंकड़ों के मुताबिक, अदालत की शुरुआत 2017 में हुई थी। पिछले 16 आयोजनों में कुल 28,797 शिकायतें दर्ज हुईं और उनमें से 20,676 का मौके पर ही निपटारा किया गया, यानी करीब 71.8%। मीडिया रिपोर्ट्स में भी कुल मिलाकर करीब 71% की बात आई है।

हाल का उदाहरण देखें तो आउटलुक मनी की रिपोर्ट के अनुसार 12-13 मई 2026 की 16वीं अदालत में 45 दिन से ज्यादा पुराने 985 मामले लिए गए और उनमें से 729 मौके पर सुलझे, यानी करीब 74%। उस अदालत में 37 मंत्रालय शामिल थे।

मेरी राय में, आंकड़ों को सिर्फ “सफलता दर” की तरह नहीं, एक राहत की तरह भी देखना चाहिए। जिन मामलों में पहले चिट्ठी-पत्री से 10-15 साल लग जाते थे, वे अगर एक दिन में सुलझ जाएं, तो किसी बुजुर्ग के लिए यही सबसे बड़ी बात है। पर बचे हुए 28 प्रतिशत मामलों के साथ क्या होता है, यही असली परीक्षा है।

पुराने तरीके और अब में फर्क

पहले शिकायत का जवाब चिट्ठियों से आता था और महीनों लग जाते थे। आपके विवरण के अनुसार 2026 में CPENGRAMS 7.0 के डिजिटल एकीकरण के बाद शिकायत की ट्रैकिंग बेहतर हुई है, और विभाग खुद पेंशनर से संपर्क करके अदालत की तारीख, समय और वीडियो लिंक भेजता है। इस अदालत में सचिव स्तर तक के अधिकारी मौजूद रहते हैं, जिससे नियमों का बहाना बनाकर मामला टालना मुश्किल हो जाता है।

अगर आपकी शिकायत पेंशन से जुड़ी है, तो क्या करें?

  • CPENGRAMS पर शिकायत दर्ज करें। इसी पोर्टल से मामले अदालत में आते हैं।
  • अपनी शिकायत की स्थिति जांचते रहें। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नंबर से स्टेटस देखा जा सकता है।
  • पूरे कागज तैयार रखें। PPO नंबर, बैंक खाता, पेंशन भुगतान का विवरण और संबंधित पत्राचार।
  • मोबाइल और ईमेल चालू रखें। विभाग की तरफ से तारीख और लिंक वहीं आ सकते हैं।
  • सिर्फ अधिकृत व्यक्ति को ही प्रतिनिधि बनाएं। किसी एजेंट या बिचौलिए को पैसा न दें, यह सेवा मुफ्त है।
  • पारिवारिक पेंशनर्स आज जारी होने वाली FAQ पुस्तिका जरूर देखें। इससे कागजी प्रक्रिया समझने में मदद मिलेगी।

आउटलुक मनी की रिपोर्ट में बताया गया है कि आम तौर पर विभाग अदालत की तारीख और जगह की सूचना पहले मीडिया में देता है और शिकायत 90 दिन के भीतर भेजनी होती है। यह नियम अलग-अलग अदालतों में अलग हो सकता है, इसलिए अगली अदालत की सूचना विभाग की वेबसाइट पर देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. पेंशन अदालत क्या होती है?
यह पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग का एक मंच है, जहां लंबित पेंशन शिकायतें सीधे सुनी और निपटाई जाती हैं।

2. क्या इसके लिए वकील चाहिए?
नहीं। शिकायतकर्ता खुद या अपने अधिकृत रिश्तेदार के जरिए बात रख सकता है।

3. क्या ऑनलाइन जुड़ सकते हैं?
हां, इस बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा बताई गई है।

4. क्या आज नई शिकायत जोड़ी जा सकती है?
नहीं। इस अदालत की सूची तय हो चुकी है। नई शिकायत CPENGRAMS पर दर्ज करें।

5. अगर आज मामला नहीं सुलझा तो?
बचे हुए मामलों के लिए संबंधित विभागों के साथ इसी महीने अंतर-मंत्रालयी समीक्षा बैठक होगी।

6. कौन से मामले आते हैं?
पेंशन विसंगतियां, ग्रेच्युटी और पारिवारिक पेंशन के दावे जैसे लंबित मामले।

7. क्या हर मामला सुलझ जाएगा?
नहीं, इसकी गारंटी नहीं है। पिछले आयोजनों में लगभग 71% से 74% मामले मौके पर निपटे हैं।

17वीं पेंशन अदालत उन 897 पेंशनर्स के लिए उम्मीद की किरण है जिनकी फाइलें सालों से अटकी थीं। यह कोई जादू नहीं है, पर पिछले आंकड़े बताते हैं कि जब सारे अधिकारी एक जगह बैठते हैं, तो ज्यादातर मामले एक ही दिन में सुलझ जाते हैं। अगर आप या आपके परिवार में कोई पेंशनर है जिसका मामला अटका है, तो CPENGRAMS पर शिकायत दर्ज करें और उसकी स्थिति देखते रहें।


आधिकारिक स्रोत

  • पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग: https://doppw.gov.in
  • CPENGRAMS पोर्टल: https://pgportal.gov.in/Pension
  • PIB: https://pib.gov.in
  • मीडिया रिपोर्ट: आउटलुक मनी (16वीं पेंशन अदालत और पेंशन अदालत की प्रक्रिया पर लेख)


डिस्क्लेमर

 इस लेख में दी गई जानकारी सरकारी वेबसाइट, मीडिया रिपोर्ट और सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है, और इसका उद्देश्य सिर्फ जानकारी देना है। हम कोई सरकारी संस्था नहीं हैं। पेंशन अदालत की तारीख, स्थान, मामलों की संख्या और प्रक्रिया विभाग द्वारा बदली जा सकती है। अपने मामले से जुड़ी सटीक जानकारी के लिए पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग या अपने विभाग के पेंशन अनुभाग से संपर्क करें। पेंशन दिलाने के नाम पर किसी को पैसे न दें।

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