प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित प्रमुख धार्मिक व्रतों में शामिल है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक शिव-पार्वती की पूजा करने से भक्तों को सुख, समृद्धि और मनचाही सफलता का आशीर्वाद मिलता है. पंचांग के अनुसार, प्रदोष व्रत महीने में दो बार, शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को आता है. इस दिन श्रद्धालु सूर्योदय से व्रत रखते हैं और प्रदोष काल में भगवान शिव का पूजन करते हैं. शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित कर आरती की जाती है. धार्मिक मान्यता है कि विधिपूर्वक पूजा से नकारात्मकता दूर होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
मान्यता है कि इस व्रत को करने वाली विवाहित महिलाओं के जीवन में सुख, शांति और सौभाग्य बढ़ता है. वहीं जो अविवाहित लोग सच्चे मन से यह व्रत रखते हैं, उनके विवाह के योग जल्दी बनने लगते हैं. उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, प्रदोष व्रत पर किए गए विशेष उपाय शादी में आ रही बाधाओं को दूर कर सकते हैं. अगर विवाह में देरी हो रही है, तो इस दिन श्रद्धा से उपाय जरूर अपनाना चाहिए.
कब रखा जाएगा आश्विन माह का प्रदोष व्रत?
वैदिक पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 7 अक्टूबर को रात में 11 बजकर 16 मिनट पर शुरू होगी. इस तिथि का समापन 8 अक्टूबर को रात में 10 बजकर 15 मिनट होगा. ऐसे में प्रदोष मुहूर्त के आधार पर अक्टूबर का पहला प्रदोष व्रत 8 अक्टूबर को रखा जाएगा और इस दिन गुरुवार होने से यह गुरु प्रदोष कहलाएगा.
विवाह में बाधा के लिए उपाय
1. यदि आप अपने मनपसंद जीवनसाथी की इच्छा रखते हैं, तो प्रदोष व्रत का यह उपाय आपके लिए शुभ हो सकता है. इस दिन भगवान शिव का कच्चे दूध से अभिषेक करें और सच्चे मन से प्रार्थना करें. मान्यता है कि इससे कुंडली में चंद्रमा मजबूत होता है, जिससे विवाह के योग बनते हैं और मनचाहा जीवनसाथी मिलने की संभावना बढ़ती है.
2. यदि किसी कारणवश विवाह में बार-बार रुकावटें आ रही हों, तो प्रदोष व्रत का यह उपाय लाभकारी माना जाता है. इस दिन स्नान के बाद लाल वस्त्र पहनकर भगवान शिव और माता पार्वती की श्रद्धापूर्वक पूजा करें. पूजा के दौरान माता को सिंदूर अर्पित करें और उसी सिंदूर को माथे पर लगाकर शीघ्र विवाह की प्रार्थना करें. इससे बाधाएं दूर होने की मान्यता है.
3. विवाह में देरी के पीछे कई कारण हो सकते हैं लेकिन यदि इसकी वजह ग्रहों की नकारात्मक स्थिति है, तो प्रदोष व्रत का यह उपाय लाभकारी माना जाता है. इस दिन स्नान के बाद गंगाजल में काले तिल मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें. मान्यता है कि इससे कुंडली के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और विवाह के योग जल्द बनने लगते हैं, जिससे रिश्तों में सकारात्मकता आती है.
4. यदि कुंडली में शुक्र ग्रह की कमजोरी के कारण विवाह में रुकावटें आ रही हैं, तो प्रदोष व्रत का दिन आपके लिए विशेष फलदायी हो सकता है. इस दिन स्नान और दान के बाद जल में शहद और सुगंध मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें. मान्यता है कि इस उपाय से शुक्र मजबूत होता है और विवाह संबंधी बाधाएं धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं.
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— Mnt News Bharat (@mntnewsbharat) October 5, 2026























