सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस विक्रम नाथ ने बुधवार को कहा कि डर, हिंसा या परेशानी के बारे में बात करने वाली महिला की आवाज को न तो नजरअंदाज की जानी चाहिए और न ही इसे सामान्य माना जाना चाहिए।
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