नई दिल्ली: दिल्ली के सीमापुरी इलाके में न्यू सीमापुरी स्थित ईदगाह मछली मंडी के पास एक एक पांच मंजिला इमारत गिर गई. जिसमें अबतक 4 लोगों की मौत की खबर है. इसमें 12 वर्षीय बच्ची, एक गर्भवती महिला व एक बच्चा शामिल है. जबकि घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है. बचाव कार्य़ अभी जारी है.
बता दें कि घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया. फायर कंट्रोल रूम को दोपहर 3:15 बजे बिल्डिंग गिरने की कॉल मिली. सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया.
और पढ़ें› नाना पाटेकर के निधन से सदमे में सिनेमा जगत, आधी रात दोस्त को किया था आखिरी मैसेज › नेपाल-ऑस्ट्रेलिया में शिक्षा, व्यापार और जलवायु सहयोग पर चर्चा › ‘फार्मा कंपनियों की गलत मार्केटिंग प्रैक्टिस रोकें’, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दिया कमेटी बनाने का आदेश › 'फार्मा कंपनियों की गलत मार्केटिंग प्रैक्टिस रोकें', सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दिया कमेटी बनाने का आदेश
मिली जानकारी के मुताबिक, घायलों को तुरंत राजीव गांधी अस्पताल ले जाया गया है. जहां उनका इलाज कराया जा रहा. हादसे के बाद का वीडियो सामने आया है. वीडियो में दिख रहा है कि सैकड़ों स्थानीय लोग मलबे को हटाने की कोशिश कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस के जवान भी रेस्क्यू ऑपरेशन कर रहे हैं. फायर विभाग के मुताबिक, शुरुआती तौर पर मौके पर 3 वॉटर टेंडर (WT) और एक इंसिडेंट रिस्पांस टीम (IRT) को रवाना किया गया. STO मनोज त्यागी की ओर से वरिष्ठ अधिकारी की मांग भी की गई. चीफ फायर ऑफिसर ए.के. मलिक ने घटना को लेकर जानकारी दी है.
बताया जा रहा है कि यह इमारत गली के बिल्कुल अंदर की ओर है और पिछले साल ही बनी थी. इस पांच मंजिला इमारत में ग्राउंड फ्लोर पर दुकानें और ऊपर की ओर चार मंजिलें बनी हुई थीं, जिनमें अलग- अलग परिवार रहते थे. बिल्डिंग मालिक और उसका परिवार भी इसी इमारत में रहता था और उसके भी दबने की खबर है. दो बच्चों को स्थानीय लोगों ने मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया.
बता दें कि, 6 सितंबर को दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन के पास एक बहुमंजिला इमारत ढह गई थी. इस हादसे में 7 लोगों की जान चली गई थी. जबकि कई लोग घायल हो गए थे. इस हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए जर्जर इमारतों को सील करने का निर्देश दिया था. आज 7 अक्टूबर 2026 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी इलाके में एक और बहुमंजिला इमारत ढह गई है.
स्थानीय निवासी सलीम ने कहा कि यह हमारा घर था. यह अचानक ढह गया. हमने काफी लोगों को बाहर निकाल लिया. मेरा दामाद भी अंदर फंसा हुआ था, लेकिन उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. मेरी बेटी भी अंदर थी, उसे भी सुरक्षित निकाल लिया गया है. झिलमिल के नगर पार्षद पंकज लूथरा कहते हैं, हमें सूचना मिली कि लगभग 40-50 साल पुरानी एक इमारत ढह गई है. मलबे से चार-पांच लोगों को पहले ही बचाया जा चुका है. हम हर संभव कोशिश कर रहे हैं, ताकि कोई और घटना न हो और हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहे हैं.
शाहदरा के DCP राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया, 3:40 बजे हमें सूचना प्राप्त हुई. यह चार मंजिला इमारत है, जो 25 स्क्वायर यार्ड की है. इसमें अभी तक 7 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है. उनकी हालत खतरे से बाहर है. रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. सभी एजेंसियां मौके पर हैं, एम्बुलेंस, दिल्ली फायर सर्विस का स्टाफ तैनात है.
दिल्ली नगर निगम का बयान
हादसे को लेकर दिल्ली नगर निगम ने बयान जारी कर कहा कि हादसे के कारण मलबे के आसपास की स्थिति भी प्रभावित हुई. पास की एक अन्य इमारत की दीवार गिरकर क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि नजदीक स्थित मस्जिद की चारदीवारी भी इमारत गिरने के प्रभाव से ढह गई. राहत एवं बचाव अभियान के दौरान अब तक आठ लोगों को अस्पताल भेजा गया है. NDRF, एमसीडी, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस और DDMA की संयुक्त टीमें मलबा हटाने के साथ ही प्रभावित क्षेत्र में लगातार तलाशी अभियान चलाया.
आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि बीती रात आए भूकंप के बाद इमारत में दरारें आ गई थीं. स्थानीय लोगों के अनुसार, इमारत के मालिक ने इसे खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी. हालांकि, इमारत गिरने की वजह और भूकंप के बीच संबंध की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. घटना के बाद सभी संबंधित एजेंसियों ने संयुक्त रूप से बचाव कार्य तेज कर दिया.
“खबर वही, जो सबसे पहले आप तक पहुँचे!
भारत की अपनी खबर, आपके अपने अंदाज़ में
📲 ब्रेकिंग • लोकल • ट्रेंडिंग खबरों के लिए अभी जुड़ें:
👉 https://t.co/g7ivX40QAK“आपकी खबर, आपका MNT”
https://t.co/vwEVHjJMzQ https://t.co/z3JMz4j0Td
— Mnt News Bharat (@mntnewsbharat) October 5, 2026





















