
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान।
– फोटो : गांव जंक्शन
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किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने और नकली बीज की समस्या पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रीय बीज निगम (NSC) को निर्देश दिया है कि वह देश के बीज बाजार में अपनी हिस्सेदारी मौजूदा 4 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत तक करे। उन्होंने कहा कि सरकार बीज निगम को और मजबूत बनाएगी ताकि निजी बीज कंपनियों के मुनाफा आधारित प्रभाव को कम किया जा सके।एनएससी को 25% बाजार हिस्सेदारी का लक्ष्य
दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में छह अत्याधुनिक बीज प्रसंस्करण संयंत्रों का उद्घाटन करते हुए चौहान ने कहा कि एनएससी को आने वाले वर्षों में एक विस्तृत रोडमैप तैयार करना चाहिए, जिससे उसकी बाजार हिस्सेदारी 25 प्रतिशत तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए निगम को अपने सामने आने वाली चुनौतियों की पहचान करनी होगी और उनके समाधान की दिशा में ठोस रणनीति बनानी होगी।
नकली और घटिया बीजों पर सख्त कार्रवाई
चौहान ने बताया कि खरीफ सीजन से पहले चलाए गए 15 दिवसीय ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के दौरान किसानों से सबसे ज्यादा शिकायतें नकली और घटिया बीजों को लेकर आई थीं। उन्होंने कहा, “गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है और एनएससी इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है। सरकार नकली बीज बेचने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है।”
कृषि उत्पादकता बढ़ाने में बीज प्रसंस्करण संयंत्रों की भूमिका
कृषि मंत्री ने कहा कि आधुनिक बीज प्रसंस्करण संयंत्र किसानों तक उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की पहुंच को आसान बनाएंगे। उन्होंने एनएससी मुख्यालय, पूसा (दिल्ली) में 1 टन प्रति घंटा क्षमता वाले सब्जी बीज प्रसंस्करण संयंत्र का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने वर्चुअली बरेली (उत्तर प्रदेश), धारवाड़, हासन, रायचूर (कर्नाटक) और सूरतगढ़ (राजस्थान) में स्थित पांच अन्य संयंत्रों का उद्घाटन भी किया। इन संयंत्रों की क्षमता 4 टन प्रति घंटा है। चौहान ने कहा कि इन संयंत्रों से किसानों को न केवल गुणवत्तापूर्ण बीज मिलेंगे, बल्कि कृषि उत्पादकता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
किसानों के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में नवाचार की अपील
कृषि मंत्री ने एनएससी से कहा कि किसानों की सुविधा के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में काम करने की व्यवस्था की जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि निजी कंपनियों का योगदान अपने स्थान पर है, लेकिन सार्वजनिक उपक्रमों की भूमिका किसानों के हित में ज्यादा व्यापक और स्थायी होती है।
हर जिले में एनएससी की पहुंच बढ़ाने के निर्देश
शिवराज सिंह चौहान ने एनएससी की अध्यक्ष मनिंदर कौर द्विवेदी को निर्देश दिया कि वर्तमान 550 जिलों से आगे बढ़कर अब निगम की उपस्थिति देश के हर जिले तक सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM-DDKY) के तहत अब तक शामिल न हुए 100 जिलों को प्राथमिकता दी जाए।
बीचौलियों पर रोक और किसानों से सीधे अनुबंध का निर्देश
कार्यक्रम में कृषि सचिव देवेश कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि एनएससी को अब बीचौलियों के माध्यम से बीज खरीदने की प्रक्रिया को पूरी तरह खत्म करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि निगम किसानों से सीधे अनुबंध करे और उन्हें ICAR के अनुसंधान संस्थानों से प्राप्त ब्रीडर बीज उपलब्ध कराए, जिन्हें आगे चलकर प्रमाणित बीजों में परिवर्तित किया जा सके।
सरकार का लक्ष्य : बीज क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और पारदर्शिता
कृषि मंत्री ने कहा कि बीज क्षेत्र में गुणवत्ता, पारदर्शिता और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए सरकार निरंतर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि एनएससी को न केवल बाजार में प्रतिस्पर्धी बनना है, बल्कि किसानों के भरोसेमंद साथी के रूप में अपनी भूमिका को और मजबूत करना है।





