Rohit Arya Hostage Case,17 बच्चों के मुंह पर टेप, बंधे हाथ-पांव, रोहित आर्या की लिखी स्क्रिप्ट पर पवई के स्टूडियो में काम, फिर खौफनाक खुलासा – powai hostage crisis mumbai police encounter rohit arya full inside studio story

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मुंबई के पवई में एक हाई-वोल्टेज ड्रामा उस समय शुरू हुआ जब 17 बच्चों को बंधक बना लिया गया। यह सब किया रोहित आर्या नाम के एक शख्स ने। घंटों ड्रामे के बाद पुलिस ने रोहित का एनकाउंटर कर दिया। पुलिस ने दावा किया कि रोहित ने पहले गोली चलाई थी। बाद में उन्होंने आत्मरक्षा में गोली चलाई।

पवई के स्टूडियो में रोहित आर्या का एनकाउंटर
 
मुंबई: पवई के एक स्टूडियो में गुरुवार को 17 बच्चों को अचानक बंधक बना लिया गया। यह सब किया रोहित आर्य नाम के शख्स ने। उसने अपने वीडियोग्राफर से कहा था कि वे बच्चों को बंधक बनाए जाने के हालात की शूटिंग करेंगे। तब वीडियोग्राफर को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि आर्य के दिमाग में क्या चल रहा है और वह असल में ऐसी साजिश रच रहा है। दरअसल इस पूरे घटनाक्रम की पटकथा लगभग एक महीने पहले ही लिख ली गई थी। लेकिन रोहित आर्य के अलावा किसी को उसके खौफनाक प्लान की भनक नहीं थी।रिकॉर्डिंग स्टूडियो में 17 बच्चों के हाथ बांध दिए गए और उनके मुंह पर टेप लगा दिया गया। सभी को लग रहा था कि किसी वेब सीरीज़ के लिए बंधक बनाए जाने वाला सीन फिल्माया जा रहा है। फिर अचानक जब सबको रोहित आर्य की करतूत की भनक लगी तो उनके होश उड़ गए।

रोहित ने कर रखी थी खौफनाक तैयारी

पीड़ितों के दिल दहला देने वाले बयानों के अनुसार, दहशत तब फैली जब अपहरणकर्ता रोहित आर्या ने बंदूक और लोहे की रॉड निकालकर बच्चों को जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने बताया कि रोहित आर्य पूरी तैयारी के साथ आया था। उसने सोचा था कि अगर कुछ गड़बड़ हुई तो प्लान बी काम करेगा। उसने आग लगाने के लिए डुप्लेक्स स्टूडियो और फर्श पर रसायनों से सने कपड़े बिछाए गए थे, मुख्य द्वार पर मोशन डिटेक्टर लगाए गए थे और सभी मंजिलों पर मूविंग कैमरे लगाए गए थे।

36 का ऑडिशन, 23 चुने और पहुंचे 17 बच्चे

एक पुलिसकर्मी ने बताया कि आर्य ने 36 उम्मीदवारों को ऑडिशन के लिए बुलाया था। इस दौरान 23 शॉर्टलिस्ट किए गए बच्चों और उनके अभिभावकों को अपनी वेब सीरीज़ की पटकथा पढ़कर सुनाई थी और उन्हें यकीन दिलाया था कि पांच दिनों की शूटिंग के आखिरी दिन एक बंधक सीन फिल्माया जाएगा। उन्होंने कहा कि चार दिनों तक स्टूडियो में तैयारियों के लिए 23 में से केवल 17 बच्चे ही मौजूद रहे। सुबह 8 बजे स्टूडियो पहुंचे 10 से 15 साल की उम्र के आठ लड़कों और नौ लड़कियों को सुरक्षा का झूठा एहसास दिलाया।

बच्ची ने बताया क्या हुआ

कुछ घंटों बाद, कुछ बच्चों को लगा कि कुछ गड़बड़ है और वे चीखने-चिल्लाने लगे। एक पुलिसवाले ने बताया कि इससे रोहित आर्या को गुस्सा आ गया। एक लड़की ने याद करते हुए कहा कि उसने हम पर एयरगन और लोहे की रॉड लहराना शुरू कर दिया और चिल्लाने लगा कि वह हम सबको मार डालेगा। तभी हमें एहसास हुआ कि यह कोई शूटिंग नहीं है।

दो घंटे तक क्या-क्या हुआ

जब पुलिस अंदर घुसी, तो उन्होंने बच्चों के मुंह पर टेप चिपका हुआ पाया और कुछ के हाथ बंधे हुए थे। रोहित आर्या उन्हें एक कमरे से दूसरे कमरे में ले जाता रहा और उन्हें घंटों खाना नहीं दिया गया। एक अधिकारी ने कहा कि फ़ोन पर बातचीत करते समय, हम बच्चों की चीखें सुन सकते थे। वह काले पर्दों वाले बंद स्लाइडिंग कांच के दरवाज़ों के पीछे से हमें देख रहा था। बीच-बीच में, वह कमरे में वापस दौड़ता और पांच बच्चों को बाहर खींच लेता। यह लगभग दो घंटे तक चलता रहा।

पेट्रोल भरा डिब्बा भी लिए था

कम से कम 15 बच्चे ऊपरी मंज़िल के एक कमरे में बंद थे। अधिकारी ने बताया कि स्टूडियो दो मंज़िला था। निचली मंज़िल पर दो कमरे, एक संकरा रास्ता और एक छोटा हॉल था, जबकि ऊपरी मंज़िल पर दो कमरे, एक हॉल, एक रास्ता और एक शौचालय था। आरोप है कि आर्या बच्चों को धमकाने के लिए पेट्रोल का डिब्बा लेकर आया था। एक लड़की की 75 वर्षीय दादी भी अंदर फंसी हुई थीं।

रोहित आर्या के प्रोडक्शन असिस्टेंट ने क्या कहा

आर्या के प्रोडक्शन असिस्टेंट, रोहन अहेर को एक अलग कमरे में बंद कर दिया गया और बंदूक की नोक पर धमकाया गया। अहेर ने पुलिस को बताया कि उसे आर्या की योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। आर्या को सीरीज़ का निर्माता, पटकथा लेखक और योजनाकार बताया गया था। अहेर ने कहा कि हमें नहीं पता था कि उसके पास हथियार या ज्वलनशील पदार्थ हैं। उन्होंने आगे कहा कि जब आर्या दूसरे कमरे में पुलिस और उसके माता-पिता से बात कर रहा था, तब वह एक खिड़की से पुलिस अधिकारियों से बात करने में कामयाब रहा।

परिचितों को भेजा वीडियो

आर्या ने एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था जिसमें उसने बताया था कि उसने आत्महत्या के विचार त्याग दिए हैं और अपनी मांगों को पूरा करने के लिए बच्चों को बंधक बनाने की योजना बनाई थी। पुलिस ने बताया कि यह वीडियो गुरुवार दोपहर 1.45 बजे ऑडिशन के दौरान दो परिचितों को वॉट्सऐप पर भेजा गया। उन्होंने वीडियो पुलिस को भेजा। एक टीम दोपहर 2.15 बजे घटनास्थल पर पहुंची और लगभग दो घंटे की बातचीत के बाद, शाम 4 बजे तक आर्या की मौत के साथ ऑपरेशन समाप्त हो गया।