Mumbai Powai Studio Hostage,Mumbai Hostage Case: पांच लीटर पेट्रोल-केरोसीन, क्या था रोहित आर्या का मंसूबा, किसकी सूझबूझ ने टाला हादसा? – mumbai child hostage case what was film maker rohit arya plan in ra studio powai how friend inform police to crack his plan know all

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Mumbai Powai Studio Hostage,Mumbai Hostage Case: पांच लीटर पेट्रोल-केरोसीन, क्या था रोहित आर्या का मंसूबा, किसकी सूझबूझ ने टाला हादसा? - mumbai child hostage case what was film maker rohit arya plan in ra studio powai how friend inform police to crack his plan know all

Mumbai Children Hostage Case: मुंबई के पवई स्थित एक स्टूडियों में 17 बच्चाें को बंधक बनाने की घटना के बाद हर कोई सकते में है। शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा में जे जे हॉस्पिटल में हॉस्टेज बनाने वाले रोहित आर्या का पोस्टमार्टम हुआ। इस घटना के दूसरे कई सवालों के जवाब सामने आए। इसमें पता चला है कि रोहित आर्या ने पवई रा स्टूडियो में बड़ा धमाका करने की योजना बना ली थी।

मुंबई: मुंबई पुलिस ने पवई एनकाउंटर में मारे गए रोहित आर्या के संदिग्ध इरादों के बारे में भंडाफोड़ किया है। पुलिस का कहना है कि वह कथित तौर पर 5 लीटर पेट्रोल और केरोसिन के अलावा काफी मात्रा में पटाखे जमा कर कथित तौर पर वह कुछ बड़ा करने की योजना बना रहा था। हालांकि, वहां क्या करने वाला था और उसकी मंशा क्या थी, इसकी जांच जारी है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि रोहित आर्या ने हाल के दिनों में काफी मात्रा में पेट्रोल और पटाखे खरीदे थे। ये सामग्री किस जगह से खरीदी गई थी, इसकी जानकारी जुटाई जा रही हैं।

मुंबई में 17 बच्चों को किडनैप करने वाले रोहित आर्या का एनकाउंटर से पहले का वीडियो, बताया क्यों उठाया कदम

वेब सीरीज शूटिंग का दिया था हवाला
पवई पुलिस से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान रोहित आर्या के दोस्त रोहन आहेर के जरिए रोहित आर्या द्वारा पेट्रोल और पटाखे के बारे में उन्हें जानकारी मिली। रोहन आहेर ने पुलिस को बताया कि रोहित ने उसे मैसेज भेजकर कहा था कि उसके लिए 5 लीटर पेट्रोल और काफी मात्रा में पटाखा लेकर वह रा स्टूडियो में आए जाए क्योंकि वहां उसे एक वेब सीरीज शूटिंग के लिए ये सब सामग्रियां चाहिए होगा। हालांकि, वहां इन सामग्रियों को लेकर वह नहीं गया था लेकिन रोहित आर्या की इस मांग से उसे संशय हुआ।


गेट बाहर से बंद करने का भेजा था मैसेज
साथ ही, आहेर ने पुलिस को बताया कि उसको मैसेज करके रोहित ने यह भी बताया कि जब वह स्टूडियो में रहे तो दरवाज़ा बाहर से बंद कर देना। उसकी इस अजीबोगरीब बात से उसका संशय शक में बदल गया और उसने तुरंत पुलिस तथा आसपास के बच्चों के अभिभावकों को रोहित आर्या के इस अजीबोगरीब हरकत के बारे में सूचित किया। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंचकर मोर्चाबंदी की और सभी बच्चों को सकुशल बाहर निकाला। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि रोहित आर्या इन सामग्रियों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से करने जा रहा था, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस उसके मोबाइल और डिजिटल उपकरणों की भी जांच कर रही है।


चेंबूर सोसायटी में मिली
संदिग्ध सामग्री
पुणे निवासी रोहित आर्या के दोस्त के चेंबूर स्थित एक हाई प्रोफाइल सोसायटी के नौवें मंजिल पर स्थित उसकी अस्थाई आवास से भी कुछ चीजें पुलिस ने जब्त की हैं, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कुछ दस्तावेज हैं। उपकरणों की जांच कालीना स्थित फॉरेंसिक लैब को भेज दी गई है। साथ ही, पवई के रा स्टुडियो, जिनमें कल रोहित आर्या का कथित एनकाउंटर हुआ था, वहां से बरामद किए गए केरोसिन, पेट्रोल, केमिकल्स और एयरगन समेत अन्य सामग्रियों की जांच के लिए लैब में भेजा गया है।

17 बच्चे ही क्यों बनाए बंधक, जांच जारी
पुलिस सूत्र बताते हैं कि आर्यन ने सभी बच्चों को बंधक बनाने से पहले उनके अभिभावकों को एक मैसेज भेजा था। जिसमें लिखा था कि आज की शूटिंग में समय लगेगा, इसलिए दस मिनट बाद में बच्चों से मिलना होगा। इसके बाद उसने दरवाजा बंद कर बच्चों को बंधक बना लिया और अपना विडियो जारी किया। दोस्त रोहन पगारे ने भी पुलिस को बताया कि शूटिंग के लिए सौ से अधिक बच्चों को बुलाया गया था लेकिन 17 बच्चे को ही उसने कथित तौर पर क्यों बंधक बनाकर रखा था, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।

पुलिस को देखकर फायर किया, जख्मी
पुलिस का दावा है कि सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड के साथ उनकी टीम जब अंदर गई तो करीब ढाई घंटे तक रोहित आर्या से बात करती रही। इस दौरान रोहित के पास पेट्रोल केरोसिन जैसा ज्वलनशील पदार्थ और काफी मात्रा में पटाखे दिखाई दिए। पवई पुलिस स्टेशन के एटीसी सेल के API अमोल वाघमारे सादे कपड़ों में रा स्टुडियो के पिछले हिस्से के खिड़की से अंदर गए। वाघमारे ने रोहित आर्या को अपने बैग से हथियार निकालकर गोली चलाने की तैयारी करते देखा था। गन से वह बार-बार बच्चों की ओर तान दिया करता था। ऐसे करने से रोके जाने और बातचीत करने के बावजूद उसने पुलिस की ओर फायर कर दिया, जिसके बाद मुठभेड़ हुई और रोहित आर्या जख्मी हो गया। उसे इलाज के लिए जोगेश्वरी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गई। इस बाबत पवई पुलिस केस दर्ज कर जांच कर रही है, लेकिन इस मामले की आगे की जांच सीपी के आदेश पर अब क्राइम ब्रांच सौंप दिया गया है।

रियल लाइफ वाला ‘अ थर्सडे’ फिल्म
2022 में आई फिल्म ‘अ थर्स-डे’ भले ही रिल लाइफ की कहानी थी, लेकिन गुरुवार यानी थर्स डे को मुंबई के पवई के रा स्टुडियो में घटी घटना रियल लाइफ वाली थर्स-डे फिल्म जैसी थी। फिल्म में टीचर नैना जायसवाल बनी यामी गौतम ने जिस तरह से पीएम से बात करने के लिए 16 बच्चों को बंधक बनाकर उन्हें मारने की धमकी दी थी, ठीक उसी तरह से रोहित आर्या ने भी पवई के रा स्टुडियो में 17 बच्चों को कथित तौर पर बंधक बना कर सरकार से बात करने की मांग की थी। हालांकि, बच्चों के बंधक बनाए जाने की सूचना मिलने पर पवई पुलिस कमाडों के साथ मौके पर पहुंची, जहां उसकी रोहित आर्या से मुठभेड़ (एनकाउंटर) हुई और उसमें वह मारा गया।


कौन था रोहित आर्या
पुणे निवासी रोहित आर्या एक बैंक में काम करता था। बाद में, वह फिल्म निर्देशक के तौर पर काम करने था। उसने कई गुजराती फिल्मों का निर्देशन किया था। बच्चों पर आधारित फिल्म लेट्स चेंज (2013) और स्वाभिमान (2019) में रोहित आर्या ने बनाया था। बाद में, महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर बच्चों पर आधारित शॉर्ट फिल्म, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण अभियान चलाने लगा था। नागपुर में रोहित ने कई स्कूलों में अभियान चलाया था।