किसानों के लिए वरदान सुपर सीडर – फोटो : गांव जंक्शन
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रबी सीजन की बुवाई शुरू हो चुकी है, और इस बार किसानों में आधुनिक कृषि यंत्रों के प्रति खासा उत्साह देखा जा रहा है। पारंपरिक तरीकों की जगह अब किसान सुपर सीडर मशीन का इस्तेमाल कर रहे हैं। पराली की समस्या से निजात पाने के लिए सुपर सीडर मशीन वरदान की तरह है। इस मशीन से बुवाई कम समय व कम खर्च में की जा सकती है। इसके अतिरिक्त सुपर सीडर से बुवाई करने पर अधिक उत्पादन भी प्राप्त किया जा सकता है।सुपर सीडर : एक मशीन, अनेक फायदे
सुपर सीडर मशीन का उपयोग धान, गन्ना, गेहूं, मक्का आदि की जड़ों डंठलों को हटाने के लिए भी किया जा सकता है। यह मशीन ट्रैक्टर से जुड़कर चलती है और धान या गेहूं की कटाई के बाद खेत में बचे फसल अवशेषों को मिट्टी में दबाकर अगली फसल की बुवाई करती है। इससे पराली जलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती, साथ ही ये अवशेष जैविक खाद का काम करते हैं और मिट्टी की नमी बनाए रखते हैं।किसानों का अनुभव : समय और लागत दोनों की बचत
जसवंती गांव के किसान राकेश बताते हैं कि सुपर सीडर से उन्होंने अपने खेत में धान की कटाई के बाद गेहूं की बुवाई की। उन्होंने बताया, “इस मशीन की मदद से हम पराली को मिट्टी में मिला देते हैं। इससे खेत तैयार करने, जुताई और बुवाई, सब कुछ एक साथ हो जाता है।” उन्होंने आगे कहा कि यह मशीन 35 से 65 हॉर्सपावर वाले ट्रैक्टर से चलाई जा सकती है और इससे किसान बीज की गहराई और दूरी दोनों को नियंत्रित कर सकते हैं। इसमें रोटावेटर और जीरो-टिल सीड ड्रिल सिस्टम लगा होता है, जिससे खेत की तैयारी और बीज बोना एक ही बार में हो जाता है।कृषि विशेषज्ञों की राय
कृषि वैज्ञानिक डॉ. वीरेन्द्र राठी के अनुसार, सुपर सीडर एक सीड प्लांटर और रोटरी टिलर का संयोजन है जो प्रेस व्हील्स के साथ आता है। यह न केवल गेहूं, बल्कि धान, मक्का, गन्ना, कपास और केला जैसी फसलों की बुवाई में भी उपयोगी है। डॉ. राठी ने बताया, “सुपर सीडर कृषि अवशेष जलाने से रोकता है और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है। इसमें डायरेक्ट मॉनिटरिंग सिस्टम होता है जिससे बीज की बर्बादी नहीं होती।” यह मशीन जुताई, बुवाई, मल्चिंग और खाद फैलाने का काम एक साथ करती है, जिससे खेत की तैयारी पूरी तरह वैज्ञानिक तरीके से होती है।सुपर सीडर के फायदे
- फसल अवशेषों को मिट्टी में प्रभावी ढंग से मिलाकर जैविक खाद में बदल देता है।
- एक बार की जुताई में फसलों की बुवाई संभव।
- उत्पादन में लगभग 5% तक वृद्धि और लागत में 50% तक की कमी।
- सिंचाई जल की बचत और खरपतवारों में कमी।
- यह मशीन 10–12 इंच ऊंची पराली को दबाकर सीधे गेहूं की बुआई करने में सक्षम है।





