
सांकेतिक तस्वीर – फोटो : सोशल मीडिया
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टमाटर की फसल में फल फटने की समस्या किसानों को बड़ा नुकसान करती है। इस समस्या के कारण किसान अपनी मेहनत और निवेश के बावजूद आर्थिक नुकसान झेलते हैं। जब टमाटर का फल फट जाता है, तो उसका बाजार मूल्य न के बराबर रह जाता है और किसान को कम भाव में फसल बेचनी पड़ती है। ऐसे में फसल की गुणवत्ता और उपज दोनों प्रभावित होती हैं।दो कारणों से फटता है टमाटर
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, टमाटर का फल फटने के मुख्य दो कारण हैं। पहला, असंतुलित या अनियमित सिंचाई। जब पौधों को पानी अचानक अधिक मिलता है या लंबे समय तक नहीं मिलता, तो फलों में जल का दबाव बढ़ जाता है, जिससे फल फट जाते हैं। दूसरा प्रमुख कारण बोरोन की कमी है। बोरोन एक आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व है, जो पौधों में कोशिकाओं के विकास और फल की मजबूती के लिए जरूरी है। इसकी कमी से फल कमजोर और आसानी से फटने योग्य हो जाते हैं।
समस्या से ऐसे पाएं समाधान
इस समस्या के समाधान के लिए किसान कुछ आसान और प्रभावी उपाय अपना सकते हैं। सबसे पहले, फसल में सिंचाई को नियमित रूप से करें और अचानक अधिक या कम पानी देने से बचें। इसके साथ ही, पौधों को आवश्यक पोषक तत्व देने के लिए बोरोन और कैल्शियम नाइट्रेट का छिड़काव करें। बुआई से पहले 10 किलोग्राम बोरेक्स पाउडर प्रति हेक्टेयर भुरकाव करने से पौधों में बेसल डोज के रूप में पोषण सुनिश्चित होता है।
फलों की बढ़ती है मजबूती
खड़ी फसल में छिड़काव करते समय प्रति लीटर पानी में 2 ग्राम बोरोन और 1 ग्राम कैल्शियम नाइट्रेट मिलाकर छिड़काव करना चाहिए। यह उपाय फलों की मजबूती बढ़ाने और फल फटने की समस्या को कम करने में कारगर साबित होते हैं। नियमित देखभाल और पोषण देने से न केवल फसल सुरक्षित रहती है, बल्कि किसान को बेहतर उत्पादन और बाजार मूल्य भी प्राप्त होता है।
इस प्रकार, सिंचाई की नियमितता और पोषक तत्वों का सही प्रयोग टमाटर की फसल में फल फटने की समस्या का सरल और प्रभावी समाधान प्रदान करता है। किसानों को चाहिए कि वे इन आसान उपायों को अपनाकर अपनी फसल की सुरक्षा सुनिश्चित करें और आर्थिक नुकसान से बचें।




