ये है मामला
दरअसल, नानपारा कोतवाली पुलिस को हालिया लूट की घटनाओं के बाद लगातार सूचना मिल रही थी कि बाइक सवार बदमाश दोबारा इलाके में घूम रहे हैं। इसी आधार पर पुलिस टीम ने आधी रात के बाद रणनीतिक तरीके से इलाके में घेराबंदी की। जैसे ही एक संदिग्ध बाइक नाकेबंदी की ओर बढ़ी, पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया।
खुद को फंसता देख बाइक सवारों ने रफ्तार बढ़ाई और इसी दौरान एक बदमाश ने बिना किसी चेतावनी के पुलिस पर गोली चला दी। हालात बेहद नाजुक हो गए, लेकिन पुलिसकर्मियों ने संयम बनाए रखते हुए मोर्चा संभाला। जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जिससे वह भाग नहीं सका। वहीं उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से निकल गया।
घायल बदमाश को तत्काल हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस के मुताबिक, उसके पास से वह बाइक बरामद हुई है, जो पहले दर्ज लूट के मामले से जुड़ी बताई जा रही है। शुरुआती पूछताछ में यह भी साफ हुआ कि बदमाश लंबे समय से सीमावर्ती इलाकों में वारदातों को अंजाम दे रहा था।
बढ़ाई गई गश्त
इस मुठभेड़ के बाद पूरे क्षेत्र में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। फरार आरोपी की तलाश के लिए टीमों को अलग-अलग दिशाओं में लगाया गया है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
नानपारा में हुआ यह हाफ एनकाउंटर सिर्फ एक बदमाश के पकड़े जाने की कहानी नहीं है, बल्कि यह संकेत है कि अब अपराधियों के पास भागने या बच निकलने की गुंजाइश कम होती जा रही है। पुलिस साफ कर चुकी है—अगर गोली चलेगी, तो जवाब भी उसी अंदाज में मिलेगा।












