
चाय बागान
– फोटो : गांव जंक्शन
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देश के प्रमुख चाय बाजारों में से एक कुनूर चाय नीलामी में इस बार चाय की आवक में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। चाय उगाने वाले इलाकों में सर्दी दस्तक देने लगी है, जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ा है। व्यापारियों के अनुसार, इस बार पेश की गई चाय की मात्रा में करीब 10 फीसदी तक कमी दर्ज की गई है और आने वाले दौर में यह गिरावट और बढ़ सकती है।गत नीलामी में कम मात्रा आने के बावजूद बेहतर कीमतों के संकेत मिले हैं। कारोबारियों का कहना है कि आवक कम होने से आगामी दौर की नीलामियों में दाम और मजबूत रहेंगे। वहीं, मिश्रण तैयार करने वाली कंपनियों और निर्यातकों की ओर से अच्छी खरीदारी के चलते पिछले चरण की नीलामी में भी कीमतों को सहारा मिला।
आवक में कमी, गुणवत्ता को लेकर चुनौतियां
नीलामी में कुल 13,56,512 किलोग्राम पत्तियों वाली चाय पेश की गई, जिसमें से लगभग 15 फीसदी चाय बिक नहीं सकी। व्यापारियों के अनुसार, कुछ विक्रेता घटिया क्वॉलिटी की चाय को भी ऊंचे दाम पर बेचने की कोशिश करते हैं, जिसके चलते स्टॉक बिक नहीं पाया। वहीं, डस्ट श्रेणी में 3,79,109 किलोग्राम चाय पेश की गई, जिसमें करीब 85 फीसदी बिक्री हुई।
ग्रेड के अनुसार कीमतों में उतार-चढ़ाव
- उच्च गुणवत्ता वाली चाय की कीमतें 2 से 3 रुपये तक बढ़ीं।
- कुछ विशेष लॉट में कीमतें इससे अधिक रही।
- प्राइमरी होल लीफ ग्रेड 5 से 6 रुपये तक कमजोर होकर बिके, साथ ही कई लॉट वापस ले लिए गए।
सीटीसी डस्ट श्रेणी में निम्नलिखित रुझान रहे—
- उच्च गुणवत्ता वाले डस्ट की दरें करीब 2 से 3 रुपये बढ़ीं।
- ऑर्थोडॉक्स डस्ट ग्रेड की कीमतें 6 से 8 रुपये तक नीचे आईं।
- सेकेंडरी और फाइनर ग्रेड 1 से 2 रुपये तक कमजोर रहे।
घटती आवक असर डाल सकती है अगले राउंड पर
व्यापारियों को उम्मीद है कि ठंड बढ़ने के कारण फसल की पत्तियों में और कमी आएगी। इससे नीलामी में पेश होने वाली मात्रा में गिरावट देखने को मिलेगी। ऐसे में कीमतों के और मजबूत रहने की संभावना है। निर्यातकों और ब्लेंडिंग यूनिट्स की मौजूदगी कीमतों को संतुलित रखे हुए है।




