Pulses Mission: दलहन आत्मनिर्भरता मिशन पर केंद्र की बड़ी समीक्षा, सरकार ने बनाई ये खास प्लानिंग

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कृषि मंत्रालय में अफसरों और वैज्ञानिकों ने बैठक की।

कृषि मंत्रालय में अफसरों और वैज्ञानिकों ने बैठक की।
– फोटो : सोशल मीडिया

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नई दिल्ली में कृषि भवन में केंद्र सरकार ने दलहन आत्मनिर्भरता मिशन की प्रगति पर विस्तृत समीक्षा करते हुए राज्यों को उत्पादन बढ़ाने के लिए ठोस और त्वरित कदम उठाने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में आठ प्रमुख राज्यों बिहार, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, असम, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और राजस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। केंद्र ने स्पष्ट संकेत दिया कि घरेलू मांग को देखते हुए दलहन उत्पादन बढ़ाना अब शीर्ष प्राथमिकता है और इसके लिए बीज आपूर्ति, तकनीकी सहायता, अनुसंधान सहयोग और जिलेवार रणनीति पर तेजी से काम किया जाएगा।बैठक में बीज आपूर्ति, उत्पादन चुनौतियों और जिलेवार कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा
कृषि मंत्रालय में संयुक्त सचिव (विस्तार एवं दलहन मिशन) संजय अग्रवाल ने वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने राज्यों से दाल उत्पादन से जुड़े ताजा आंकड़े, चुनौतियां, संभावित जरूरतें और आगामी फसल चक्र के लिए तैयारी का विस्तृत ब्योरा मांगा। बैठक में गुणवत्तापूर्ण और उन्नत किस्मों के बीजों की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि कई जिलों में मौसम, सिंचाई और बीज उपलब्धता से जुड़े मुद्दे सीधे उत्पादन को प्रभावित करते हैं, ऐसे में जिलेवार माइक्रो-एक्शन प्लान बनाने की आवश्यकता है। मंत्रालय ने निर्देश दिया कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए हर जिले में बीज वितरण, फसल कटाई प्रयोग, उत्पादक समूहों की भागीदारी और तकनीकी प्रशिक्षण की मॉनिटरिंग तेज की जाए।

उन्नत बीज किस्मों पर ICRISAT के साथ विशेष बैठक
दलहन उत्पादकता बढ़ाने के लिए एक अलग तकनीकी बैठक भी आयोजित हुई, जिसमें उन्नत और हाई-यील्डिंग किस्मों के विकास और उपयोग पर चर्चा हुई। बैठक में सचिव (DA&FW) देवेश चतुर्वेदी, ICAR-DACFW के महानिदेशक हिमांशु पाठक, ICRISAT के प्रतिनिधि संजय अग्रवाल और संयुक्त सचिव (पल्सेस मिशन) संजय कुमार अग्रवाल शामिल हुए।

इन मुद्दों पर हुई चर्चा

  • दलहन के लिए जलवायु-संगत उन्नत किस्मों का विकास
  • सीमांत और वर्षा आधारित क्षेत्रों में उत्पादकता बढ़ाने की रणनीति
  • ICRISAT और भारतीय संस्थानों के बीच अनुसंधान सहयोग
  • राज्य-विशेष बीज वितरण मॉडल को और सक्षम बनाने की आवश्यकता

केंद्र ने कहा कि अगले दो वर्षों में दलहन उत्पादन को आत्मनिर्भरता की दिशा में ले जाने के लिए बीज सुधार और वितरण सबसे निर्णायक कारक साबित होंगे।

राज्यों को स्पष्ट निर्देश: लक्ष्यों के अनुरूप जमीनी स्तर पर तेजी से कार्रवाई करें
कृषि मंत्रालय ने राज्यों को निर्देश दिया कि वे सभी संबंधित एजेंसियों, कृषि विज्ञान केंद्रों और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय मजबूत करें, ताकि मिशन के उद्देश्यों को समय पर पूरा किया जा सके। मंत्रालय आने वाले महीनों में प्रगति की समीक्षा फिर करेगा और जरूरत पड़ने पर राज्यों के लिए विशेष पैकेज या तकनीकी सहायता भी दे सकता है।