ये है मामला
मामला बागपत कोतवाली क्षेत्र के सिसाना गांव का है। गांव की रहने वाली नीतू ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई कि उसके मकान में चार सिपाही—धर्मेंद्र, कपिल शर्मा, प्रत्यक्ष और गौरव—किराए पर रह रहे हैं। आरोप है कि ये सभी सिपाही अक्सर शराब के नशे में रहते हैं और दिन-रात हंगामा करते हैं। जब मकान मालिक किराया मांगने या शराब पीने से मना करने जाती है, तो उसके साथ गाली-गलौज की जाती है।
पीड़िता का कहना है कि आरोपी सिपाही न सिर्फ उनके परिवार से अभद्रता करते हैं, बल्कि आसपास रहने वाले अन्य किराएदारों को भी धमकाते हैं। वे खुलेआम यह कहते हैं कि वे पुलिस में हैं, इसलिए उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इतना ही नहीं, पीड़िता ने आरोप लगाया कि सिपाही झूठे मुकदमे में फंसाने और जेल भिजवाने की धमकी भी देते रहे हैं।
पीड़िता ने यह भी बताया कि जब उसके ससुर ने सिपाहियों को शराब पीने से रोका, तो आरोपियों ने उनके दोनों बेटों को जान से मारने की धमकी दे डाली। मामले की सूचना डायल 112 पर भी दी गई, लेकिन वहां से पहुंची पुलिस टीम ने भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे पीड़ित परिवार का भय और बढ़ गया।
केस हुआ दर्ज
हालांकि, जब शराब के नशे में हंगामा करते सिपाहियों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, तब पुलिस प्रशासन हरकत में आया। पीड़िता की शिकायत के आधार पर बागपत कोतवाली में चारों सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और साथ ही विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। यह मामला पुलिस अनुशासन और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।











