
ट्रैक्टर
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भारतीय ट्रैक्टर उद्योग ने वर्ष 2025 में नया इतिहास रच दिया है। ट्रैक्टर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (TMA) के आंकड़ों के अनुसार, कैलेंडर वर्ष 2025 में घरेलू ट्रैक्टर बिक्री बढ़कर 10.90 लाख यूनिट (1.09 मिलियन) हो गई, जो 2024 में 9.10 लाख यूनिट थी। इस तरह घरेलू बाजार में सालाना आधार पर करीब 20 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।उद्योग जगत के मुताबिक, बिक्री में इस उछाल के पीछे अनुकूल मौसम, कम जीएसटी दरें, मजबूत खरीफ उत्पादन और किसानों की बेहतर क्रय क्षमता प्रमुख कारण रहे।
निर्यात में भी पहली बार ऐतिहासिक आंकड़ा
सिर्फ घरेलू बाजार ही नहीं, बल्कि निर्यात मोर्चे पर भी 2025 यादगार रहा। ट्रैक्टर निर्यात बढ़कर 1,05,006 यूनिट तक पहुंच गया, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 97,745 यूनिट था। इस तरह निर्यात में सालाना आधार पर करीब 7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और पहली बार एक लाख यूनिट का आंकड़ा पार हुआ।
दिसंबर में जबरदस्त तेजी
दिसंबर 2025 में ट्रैक्टर बिक्री ने खास तौर पर जोरदार प्रदर्शन किया। घरेलू बिक्री दिसंबर 2024 के 50,993 यूनिट के मुकाबले 35 प्रतिशत बढ़कर 69,890 यूनिट रही। वहीं निर्यात भी दिसंबर में 22 प्रतिशत उछलकर 9,815 यूनिट पर पहुंच गया, जो पिछले साल इसी महीने 8,074 यूनिट था।
कंपनियों का क्या कहना है?
एस्कॉर्ट्स कुबोटा ने अपने बिजनेस अपडेट में कहा कि दिसंबर में घरेलू ट्रैक्टर उद्योग ने मजबूत प्रदर्शन जारी रखा। सरकार की सहायक नीतियां, कम जीएसटी दरें और राज्यों की सब्सिडी योजनाओं ने किसानों के लिए ट्रैक्टरों को अधिक किफायती बनाया। मजबूत खरीफ उत्पादन, बेहतर रबी बुवाई, जल उपलब्धता और सकारात्मक ग्रामीण माहौल ने खुदरा मांग को बढ़ावा दिया।
महिंद्रा एंड महिंद्रा के फार्म इक्विपमेंट बिजनेस के प्रेसिडेंट वीजय नाकरा के अनुसार, खरीफ फसल के बाद बाजार में नकदी प्रवाह बेहतर हुआ है। अनुकूल मौसम और अच्छे जलाशय स्तरों के चलते रबी बुवाई क्षेत्र में बढ़ोतरी हुई है, जिससे आने वाले महीनों में भी ट्रैक्टर मांग मजबूत बने रहने की उम्मीद है।
सीएनएच इंडिया के प्रेसिडेंट एवं एमडी नरिंदर मित्तल ने कहा कि सितंबर-अक्टूबर में त्योहारी सीजन के दौरान आई तेज मांग के बाद नवंबर-दिसंबर में हल्की मौसमी सुस्ती स्वाभाविक है। यह किसी संरचनात्मक कमजोरी का संकेत नहीं है, बल्कि खरीदारी के समय में बदलाव को दर्शाता है।
रेटिंग एजेंसी का आकलन
क्रिसिल रेटिंग्स की डायरेक्टर पूनम उपाध्याय ने कहा कि 2025 में ट्रैक्टर बिक्री का 20 प्रतिशत का उछाल एक सकारात्मक आश्चर्य है और यह केवल त्योहारी मांग तक सीमित नहीं, बल्कि व्यापक ग्रामीण रिकवरी का संकेत देता है। बेहतर मानसून, मजबूत खरीफ फसल, कम जीएसटी और ऊंचे एमएसपी ने किसानों की आय और क्रय क्षमता में सीधा सुधार किया है।
उनके अनुसार, निर्यात में 7 प्रतिशत की अपेक्षाकृत सीमित वृद्धि के बावजूद एक लाख यूनिट का आंकड़ा पार करना अहम उपलब्धि है। अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे बाजारों में अच्छी मांग बनी रही, हालांकि कुछ विकसित बाजारों में नरमी देखने को मिली।
आगे का आउटलुक
विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में उद्योग के सामने आधार ऊंचा रहेगा, जिससे वृद्धि की रफ्तार कुछ धीमी होकर लो-टू-मिड सिंगल डिजिट में आ सकती है। हालांकि जलाशयों की बेहतर स्थिति, ग्रामीण आय में सुधार और सरकारी समर्थन से ट्रैक्टर उद्योग की मध्यम अवधि की संभावनाएं मजबूत बनी हुई हैं।



