ये था मामला
बताया जा रहा है कि गोपाल नगर दियारा क्षेत्र में अवैध रूप से कच्ची शराब बनाने का काम बड़े पैमाने पर किया जा रहा था। बिहार पुलिस की टीम ने नाव के सहारे दियारा इलाके में पहुंचकर सात अवैध शराब भट्ठियों को ध्वस्त किया और करीब 2000 लीटर लहन नष्ट किया। इसके साथ ही शराब बनाने के उपकरण और बर्तन भी जब्त किए गए। हालांकि, इस दौरान शराब कारोबार से जुड़े लोग झाड़ियों का फायदा उठाकर फरार हो गए और एक भी आरोपित पकड़ा नहीं जा सका।
गौरतलब है कि अवैध शराब के कारोबार को लेकर बीते महीने बलिया के पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह ने गोपाल नगर पुलिस चौकी को निलंबित कर दिया था। इसके बाद वहां नए चौकी प्रभारी और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की गई, लेकिन इसके बावजूद दियारा क्षेत्र में शराब माफियाओं के हौसले कम नहीं हो सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दियारा क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर शराब तस्कर पुलिस की पकड़ से बच निकलते हैं। नदी के बीच बसे टापुओं और घने जंगलनुमा इलाके के कारण पुलिस की नियमित निगरानी मुश्किल हो जाती है। इसका नतीजा यह है कि कई बार बिहार पुलिस को उत्तर प्रदेश की सीमा में आकर कार्रवाई करनी पड़ती है, जबकि यूपी पुलिस को इसकी जानकारी बाद में मिलती है।
क्षेत्राधिकारी ने कहा ये
इस संबंध में क्षेत्राधिकारी बैरिया मोहम्मद फहीम कुरैशी ने बताया कि सरयू नदी के दोनों पाटों के बीच का इलाका विवादित माना जाता है। अभी तक यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह क्षेत्र उत्तर प्रदेश के अंतर्गत आता है या बिहार के। इसी वजह से दोनों राज्यों की पुलिस वहां कार्रवाई करती रहती है। हालांकि, अवैध शराब पर प्रभावी नियंत्रण के लिए यूपी पुलिस की भूमिका को और मजबूत किए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है।












