उत्तर प्रदेश पुलिस की तत्परता और तकनीकी सतर्कता का एक सराहनीय उदाहरण बिजनौर में देखने को मिला। एक महिला ने पारिवारिक तनाव के चलते सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर कीटनाशक पीते हुए वीडियो साझा कर दिया। यह मामला सामने आते ही डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से संबंधित सूचना उच्च स्तर तक पहुंची और तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई।
ये था मामला
सूचना मिलते ही पुलिस मुख्यालय ने स्थानीय पुलिस को अलर्ट किया। शहर कोतवाली की टीम बिना समय गंवाए सक्रिय हुई और महज दस मिनट के भीतर महिला के घर पहुंच गई। मौके पर पहुंचकर पुलिसकर्मियों ने देखा कि महिला की तबीयत बिगड़ रही थी।
उन्होंने तत्काल दरवाजा खुलवाकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला और बिना देरी किए अस्पताल पहुंचाया। समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच सकी।
महिला की कराई काउंसलिंग
इस पूरी कार्रवाई में पुलिस की संवेदनशीलता भी साफ झलकती है। केवल कानूनी प्रक्रिया तक सीमित न रहकर पुलिस ने महिला की काउंसलिंग कराई और उसके परिजनों से भी बातचीत की, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर आने वाली ऐसी गंभीर सूचनाओं को बेहद गंभीरता से लिया जाता है और प्रत्येक जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।













