Mung Bean: फायदे का सौदा है अगेती मूंग की खेती, किसानों को कम लागत में मिलेगा ज्यादा मुनाफा

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मूंग की खेती

मूंग की खेती
– फोटो : सोशल मीडिया

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मूंग की अगेती खेती किसानों के लिए मुनाफे का सौदा साबित हो सकती है। जनवरी के तीसरे सप्ताह से फरवरी के दूसरे सप्ताह तक बुवाई कर किसान कम लागत में दोगुना लाभ कमा सकते हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, मूंग की खासियत यह है कि इसमें कम पानी लगता है और फसल केवल 60-65 दिनों में तैयार हो जाती है। प्रति एकड़ 12 से 15 हजार रुपये की लागत में 50 से 55 हजार रुपये तक की आमदनी संभव है। बेहतर पैदावार के लिए जनवरी अंत या फरवरी की शुरुआत में खेत की 2-3 गहरी जुताई कर समतलीकरण जरूरी है। अधिक उत्पादन के लिए SML-668, IPM 02-14 और PDM 139 (बंसी गोल्ड) जैसी उन्नत किस्में अपनानी चाहिए।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, प्रति एकड़ 8-10 किलो बीज पर्याप्त होता है। खाद और उर्वरक प्रबंधन की बात करें तो प्रति एकड़ 20 किलो नाइट्रोजन, 40 किलो फास्फोरस और 20 किलो पोटाश की आवश्यकता होती है। बुवाई के समय 50 किलो डीएपी और 15 से 20 किलो पोटाश डालना उपयुक्त माना जाता है। खरपतवार नियंत्रण के लिए बुवाई के तुरंत बाद पेंडीमेथलीन का छिड़काव करना चाहिए। पहली सिंचाई बुवाई के 25 से 30 दिन बाद पर्याप्त रहती है।

मूंग की औसत उपज 4-6 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। बाजार में मूंग दाल 150-180 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है, जिससे किसानों को 35-40 हजार रुपये तक का शुद्ध लाभ मिल रहा है। फसल अवशेषों से कंपोस्ट बनाकर अतिरिक्त आय भी अर्जित की जा सकती है।