लंदन: जिस 'स्टोलिचनेया' वोदका को कभी सोवियत संघ की वैश्विक पहचान और शान माना जाता था, आज उसी प्रतिष्ठित ब्रांड के वारिस को अपनी जान और संपत्ति बचाने के लिए यूरोपीय खुफिया एजेंसियों के दरवाजे खटखटाने पड़ रहे हैं।
दुनिया के सबसे मशहूर और चर्चित वोदका ब्रांड्स में शुमार 'स्टोली' के ब्रिटिश-रूसी अरबपति मालिक यूरी शेफलर ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और लातविया के पूर्व प्रधानमंत्री एंडरिस शेकेले पर मॉस्को से मिलकर उनका अरबों डॉलर का ड्रिंक्स साम्राज्य और कारोबार छीनने की गहरी साजिश रचने का खुला आरोप लगाया है। 59 वर्षीय शेफलर ने दावा किया है कि उनके प्रमुख कारोबारी समूह 'एसपीआई ग्रुप' का जबरन अधिग्रहण करने की खूफिया तैयारियां की जा रही हैं।
क्रेमलिन का दो दशक पुराना राजनीतिक बदला
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पूरा विवाद क्रेमलिन (रूस सरकार) द्वारा साधे जा रहे उस पुराने बदले का हिस्सा है, जो 2000 के दशक में शेफलर द्वारा अपनी कंपनी का राष्ट्रीयकरण करने की राष्ट्रपति पुतिन की कोशिशों का खुलकर विरोध करने के बाद शुरू हुआ था। इसके अलावा, साल 2022 में यूक्रेन के खिलाफ छेड़े गए युद्ध की सार्वजनिक रूप से निंदा करने के बाद से रूस में उनके खिलाफ दबाव और अधिक बढ़ गया है।
लातवियाई खुफिया एजेंसी को सौंपा 22 पन्नों का गोपनीय डोजियर
अपनी जान और कारोबार को खतरे में देख अरबपति यूरी शेफलर ने लातविया की खुफिया सेवा 'वीडीडी' को 22 पन्नों का एक बेहद गोपनीय डोजियर सौंपा है। इस डोजियर में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एंडरिस शेकेले की मॉस्को के साथ गुप्त सांठगांठ और खुद को मिल रही गंभीर धमकियों की उच्च स्तरीय जांच कराने की पुरजोर मांग की है। इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय व्यापार और राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल मच गई है।
मॉस्को: जिस 'स्टोलिचनेया' वोदका को कभी सोवियत संघ की वैश्विक पहचान और शान माना जाता था, आज उसी प्रतिष्ठित ब्रांड के वारिस को अपनी जान और संपत्ति बचाने के लिए यूरोपीय खुफिया एजेंसियों के दरवाजे खटखटाने पड़ रहे हैं।
दुनिया के सबसे मशहूर और चर्चित वोदका ब्रांड्स में शुमार 'स्टोली' के ब्रिटिश-रूसी अरबपति मालिक यूरी शेफलर ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और लातविया के पूर्व प्रधानमंत्री एंडरिस शेकेले पर मॉस्को से मिलकर उनका अरबों डॉलर का ड्रिंक्स साम्राज्य और कारोबार छीनने की गहरी साजिश रचने का खुला आरोप लगाया है। 59 वर्षीय शेफलर ने दावा किया है कि उनके प्रमुख कारोबारी समूह 'एसपीआई ग्रुप' का जबरन अधिग्रहण करने की खूफिया तैयारियां की जा रही हैं।
क्रेमलिन का दो दशक पुराना राजनीतिक बदला
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पूरा विवाद क्रेमलिन (रूस सरकार) द्वारा साधे जा रहे उस पुराने बदले का हिस्सा है, जो 2000 के दशक में शेफलर द्वारा अपनी कंपनी का राष्ट्रीयकरण करने की राष्ट्रपति पुतिन की कोशिशों का खुलकर विरोध करने के बाद शुरू हुआ था। इसके अलावा, साल 2022 में यूक्रेन के खिलाफ छेड़े गए युद्ध की सार्वजनिक रूप से निंदा करने के बाद से रूस में उनके खिलाफ दबाव और अधिक बढ़ गया है।
लातवियाई खुफिया एजेंसी को सौंपा 22 पन्नों का गोपनीय डोजियर
अपनी जान और कारोबार को खतरे में देख अरबपति यूरी शेफलर ने लातविया की खुफिया सेवा 'वीडीडी' को 22 पन्नों का एक बेहद गोपनीय डोजियर सौंपा है। इस डोजियर में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एंडरिस शेकेले की मॉस्को के साथ गुप्त सांठगांठ और खुद को मिल रही गंभीर धमकियों की उच्च स्तरीय जांच कराने की पुरजोर मांग की है। इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय व्यापार और राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल मच गई है।
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— Mnt News Bharat (@mntnewsbharat) October 5, 2026























