कोच्चि मर्सिडीज हिट-एंड-रन केस: पीड़ित की बेटी ने जज की जमानत पर उठाए सवाल, सबूत मिटाने का आरोप

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डिजिटल डेस्क, कोच्चि। केरल के कोच्चि में हुए मर्सिडीज हिट-एंड-रन मामले में पीड़ित परिवार निराश है। केरल हाईकोर्ट ने आरोपी नाबालिग के पिता (एक जज) को अग्रिम जमानत दे दी है।

पीड़ित की बेटी भद्रकीर्ति ने कहा कि जज होने के कारण उन्हें विशेष रियायत मिल रही है। उन्होंने जज और उनके परिवार पर सबूत मिटाने का भी आरोप लगाया।

रविवार (25 अक्टूबर) सुबह करीब 2 बजे चेरानल्लूर इलाके में घटना हुई। इरिंजालकुडा कोर्ट के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के 17 वर्षीय बेटे ने कथित तौर पर तेज रफ्तार मर्सिडीज-बेंज कार से 55 वर्षीय जयबालाकृष्णन के स्कूटर को टक्कर मार दी।

जयबालाकृष्णन मौके पर ही मौत हो गई। कार जज के नाम पर रजिस्टर्ड थी। जयबालाकृष्णन सड़क किनारे 30 साल से छोटा खाने का ठेला चलाते थे और परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे।

बेटी का आरोप

भद्रकीर्ति ने कहा कि हमने हाईकोर्ट पर उम्मीद लगाई थी। जमानत का फैसला निराशाजनक है। जज और उनके बेटे के खिलाफ सबूत हैं, फिर भी कानून उनका साथ दे रहा है। क्यों? सिर्फ इसलिए कि वे जज हैं? क्या आम आदमी को भी यही सुविधा मिलती?

उन्होंने आरोप लगाया कि माता-पिता घटनास्थल पर कई घंटे रहे और सबूत छिपाए या मिटाए गए। जज ने हाईकोर्ट में याचिका में दावा किया था कि उनके बेटे ने उनकी जानकारी के बिना कार निकाली थी, इसलिए वे जिम्मेदार नहीं हैं।

भद्रकीर्ति ने इस दावे पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जज ने पहले यह भी कहा था कि उनका बेटा यूट्यूब वीडियो देखकर गाड़ी चलाना सीखा। लेकिन सोशल मीडिया पर नाबालिग के अकाउंट पर पहले तेज रफ्तार (200 किमी/घंटा तक) से गाड़ी चलाते हुए कई रील्स पोस्ट थे, जो दुर्घटना के कुछ घंटों में ही डिलीट कर दिए गए और अकाउंट प्राइवेट कर दिया गया।

जयबालाकृष्णन की मौत के बाद परिवार न्याय की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने जज की गिरफ्तारी और पुलिस द्वारा मामले को दबाने के आरोप लगाए हैं। भद्रकीर्ति ने कहा कि मेरे पिता जज नहीं थे, वे आम आदमी थे। उन्होंने हमें अच्छे संस्कार दिए। इसलिए हम न्याय के लिए लड़ रहे हैं।

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