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सर्वांगीण विकास, अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण और जनकल्याण के लिए 42 हजार 490 करोड़ रूपये की स्वीकृति

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भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के चहुंमुखी विकास और बुनियादी ढांचे को गति देने के लिए 42,490 करोड़ रुपये से अधिक के कई बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इस बैठक में शिक्षा, परिवहन, कृषि, सिंचाई और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण से जुड़े तमाम फैसले लिए गए हैं।

समग्र शिक्षा और परिवहन विभाग के लिए बजट

स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए केंद्र प्रायोजित 'समग्र शिक्षा योजना' के आगामी पांच वर्षों के संचालन हेतु 36,006 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। वहीं, नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से परिवहन विभाग की 11 योजनाओं के लिए 1,166 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिनमें उड़नदस्ते, चेकपॉइंट और स्मार्ट कार्ड जैसी सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा किसानों की आय बढ़ाने के लिए उद्यानिकी विभाग की 8 योजनाओं हेतु 491 करोड़ रुपये की निरंतरता को भी हरी झंडी मिली है।

सिंचाई परियोजनाओं को मिली बड़ी सौगात

जल संसाधन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने तीन प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं पर मुहर लगाई है। इसके तहत उज्जैन की चितावद वृहद सिंचाई परियोजना, सिंगरौली की गौंड वृहद सिंचाई परियोजना और अशोकनगर की चंदेरी माईक्रो सिंचाई परियोजना के लिए कुल 2,600 करोड़ रुपये से अधिक स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश के 1 लाख 27 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि क्षेत्र में सिंचाई की क्षमता विकसित होगी।

प्रशासनिक मजबूती और नए पदों का सृजन

प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए नवगठित जिलों—मैहर, मऊगंज और पांदुर्णा में जिला कार्यालय (खनिज शाखा) की स्थापना के वास्ते कुल 21 नए पदों का सृजन किया गया है। इसके अलावा अनूपपुर और शहडोल जिलों में उन्नत किए गए 4 हाई स्कूलों के लिए भी 36 नियमित पदों की स्वीकृति दी गई है, जिससे शैक्षणिक कार्यों में और सुधार होगा।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय और राहत

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि रक्षाबंधन के अवसर पर लाड़ली बहनों को अगस्त महीने की राशि के साथ 250 रुपये की अतिरिक्त विशेष आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही, मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) को रबी विपणन वर्ष 2024-25 के साख-सीमा ऋण के भुगतान के लिए 2,220.62 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।

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