मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में आज ठाकरे परिवार की एकजुटता का बड़ा संदेश देखने को मिला। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने चुनाव आयोग के खिलाफ मुंबई में संयुक्त विरोध मार्च निकाला। दोनों नेताओं के साथ बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता भी मार्च में शामिल हुए।
इस संयुक्त प्रदर्शन को महाराष्ट्र की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है। लंबे समय बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ सार्वजनिक मंच पर नजर आए। मार्च के दौरान चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विरोध जताया गया।
चुनाव आयोग के खिलाफ एकजुट हुए ठाकरे बंध
उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। दोनों नेताओं के समर्थकों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए।
ठाकरे बंधुओं के इस संयुक्त मार्च ने महाराष्ट्र की सियासत में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। राजनीतिक जानकार इसे आगामी चुनावों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
मुंबई में दिखी समर्थकों की बड़ी भीड़
विरोध मार्च के दौरान मुंबई की सड़कों पर ठाकरे समर्थकों की बड़ी मौजूदगी देखने को मिली। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए।
राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस प्रदर्शन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे परिवार की आगे की रणनीति को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
क्या महाराष्ट्र की राजनीति में बनेगा नया समीकरण?
उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का एक मंच पर आना लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। ऐसे में दोनों नेताओं का संयुक्त विरोध प्रदर्शन आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति पर कितना असर डालता है, यह देखने वाली बात होगी।
MNT News Bharat | मुंबई







