सिद्धार्थनगर जिले में लगातार हो रही बारिश से नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. शुक्रवार को जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. ने कई नदियों, जैसे कूड़ा नदी, घोघी नदी, तेलार नाला और राप्ती नदी के बंधों का निरीक्षण किया. उन्होंने सिंचाई विभाग को तत्काल कटान स्थलों की मरम्मत करने का निर्देश दिया।
सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही की वजह से यह स्थिति बनी है. उन्होंने कहा कि विभाग ने समय पर बंधों की मरम्मत का काम नहीं किया, जिससे अब हजारों बीघा धान की फसलें डूबने की कगार पर हैं. किसानों का कहना है कि अगर समय रहते काम हुआ होता तो यह नौबत नहीं आती।
किसानों पर संकट
इस लापरवाही का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है, जिनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं. ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी गुस्सा है कि अधिकारी सिर्फ आपदा आने के बाद ही सक्रिय होते हैं. डीएम के साथ उपजिलाधिकारी नौगढ़ कल्याण सिंह मौर्य और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे. ग्रामीणों ने एक बार फिर सिंचाई विभाग को इस गंभीर स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया है।












