सिद्धार्थनगर। रोडवेज प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गया है। चालकों को झपकी न आए और हादसों पर अंकुश लगे, इसके लिए बसों में एंटी स्लीप डिवाइस लगाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। चालकों को झपकी आते ही उनकी बॉडी लैंग्वेज से यह डिवाइस भांप लेगा और अलार्म बज उठेगा। इससे किसी अनहाेनी से पहले चालक सतर्क हो जाएंगे और लोग सुरक्षित सफर कर सकेंगे। डिपो से लंबे रूट पर संचालित होने वाली 10 से अधिक बसों में डिवाइस लगाई जा चुकी है।
डिपो के बेड़े में वर्तमान समय में लगभग 55 बसें हैं। इन बसों को विभिन्न मार्गों पर संचालित कराया जाता है। ज्यादातर बसें लांग रूट की होने पर रात तक सफर पूरा करके कहीं न कहीं खड़ी होती हैं। 25 से अधिक बसें ऐसी हैं, जिनका संचालन लंबे रूटों पर किया जा रहा है। दिल्ली व लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर, झांसी सहित अन्य शहरों के लिए रात में बसें संचालित होती हैं। रात में संचालित होने वाली बसों में चालकों को झपकी आने या नींद आने की समस्या रहती है। ऐसी दशा में हादसे होने की आशंका बढ़ जाती है। पायलट प्रोग्राम के तहत निगम ने रात में संचालित होने वाली बसों में एंटी स्लीप डिवाइस लगाने के निर्देश दिए हैं। डिपो से लांग रूट पर 25 से अधिक बसों का संचालन होता है। इसमें से 10 से अधिक बसों में यह डिवाइस लगाई गई है। इसमें चालक को झपकी आने पर बस में अलार्म बज उठेगा। इससे चालक व परिचालक दोनों ही सतर्क हो जाएंगे। इसका संकेत एआरएम कार्यालय व प्रदेश मुख्यालय तक पहुंचेगा।

















