गौशालाओं में गोवंशो को ठंड से बचाव हेतु की जाए मुकम्मल व्यवस्था-जिलाधिकारी
गो आश्रय स्थलों का नियमित निरीक्षण कर लेते रहे जायजा-जिलाधिकारी
श्रावस्ती। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग की अध्यक्षता में निराश्रित गोवंश की समस्या के निदान हेतु गोवंश आश्रय स्थल की जनपद स्तरीय गोसंरक्षण, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की समीक्षा बैठक नोडल अधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि गो-संरक्षण स्थलों में रहने वाले गोवंशों के लिए चारा-पानी एवं उनके रहने के लिए छाया की व्यवस्था भी सुनिश्चित रहनी चाहिए, ताकि उन्हें गो-आश्रय केन्द्रों में कोई दिक्कत न होने पाए। जिन गौशालाओं में लाईट की व्यवस्था नहीं है, वहां पर सोलर लाईट की व्यवस्था की जाए। जिन गौशालाओं में बारिश के दौरान कीचड़ की दिक्कतें होती है, उनमें खड़ंजा लगवाने की कार्यवाही की जाए। इसके अलावा वर्मी कम्पोज्ड की बिक्री एवं पंजिका आदि व्यवस्थित रखी जाए। उन्होने सभी खण्ड विकास अधिकारियों एवं उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि गौशालाओ का नियमित निरीक्षण कर जायजा लेते रहे और जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है कि गोवंश के भरण-पोषण का भुगतान समय से किया जाना चाहिए। सभी गौशाला में गोवंशों को हरे चारे की समुचित व्यवस्था की जाए। सहभागिता योजनान्तर्गत जिन गोवंशों की आख्या अप्राप्त है, उसे अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि शीत ऋतु के दृष्टिगत गोवंश को ठंड से बचाव हेतु पर्याप्त उपाय किया जाना सुनिश्चित करें। कितने गौशालाओं में ठंड से बचाव की तैयारी पूर्ण कर ली गई है, उसकी रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करें। आश्रय स्थलों की समुचित साफ-सफाई सुनिश्चित करायी जाए।
बैठक का संचालन मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 सुनील कुमार सिंह ने किया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी शाहिद अहमद, अपर जिलाधिकारी न्यायिक अशोक कुमार, उपजिलाधिकारी रवेन्द्र कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी आलोक सिंह, डी0सी0 एन0आर0एल0एम0 संदीप कुमार, डी0सी0 मनरेगा, जिला पंचायत राज अधिकारी निलेश प्रताप सिंह सहित समस्त खण्ड विकास अधिकारीगण एवं अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
