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नीदरलैंड में यहूदियों को निशाना बनाकर हमला, दूर तक सुनाई दी धमाके की आवाज


नीदरलैंड में शनिवार को एक रिहायशी इलाके में स्थित यहूदी स्कूल पर जोरदार धमाका हुआ, जिसकी आवाज दूर तक सुनी गई। यह धमाका नीदरलैंड की राजधानी एम्सटर्डम में हुआ। एम्सटर्डम की मेयर फेमके हल्सेमा ने इस घटना की पुष्टि की है। उन्होंने इसे यहूदी समुदाय के खिलाफ जानबूझकर किया गया हमला बताया। 

 

हमले के बाद एम्सटर्डम शहर में सुरक्षा और सतर्कता कड़ी कर दी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आई जानकारी के मुताबिक, धमाका एम्सटर्डम के दक्षिणी हिस्से में हुआ। स्कूल में धमाके की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंच गईं। दोनों टीमों ने पहुंचकर स्कूल में नुकसान को सीमित कर दिया। गनीमत रही कि धमाका शनिवार तड़के सुबह हुआ। इस वक्त स्कूल में बच्चे नहीं थे, जिससे किसी की जान नहीं गई।

 

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सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

फेमके हल्सेमा ने हमले की निंदा करते हुए स्पष्ट किया कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि समुदाय को डराने के मकसद से किया गया हमला है। एम्सटर्डम पुलिस ने इलाके की घेराबंदी करके आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, जिससे कि हमलावरों की पहचान की जा सके। 

 

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यहूदी संस्थानों पर हमलों में आई तेजी

दरअसल, पिछले कुछ समय में यूरोप के अलग-अलग शहरों में यहूदी संस्थानों को निशाना बनाने की घटनाओं में तेजी देखी गई है। इस घटना ने स्थानीय यहूदी आबादी की चिंता बढ़ा दी है। बता दें कि इस समय दुनिया का सबसे बड़ी आबादी वाला देश इजरायल कई देशों में हमलों को अंजाम दे रहा है। ऐसे में इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि किसी संगठन ने बदले की भावना से यह हमला किया हो।

‘कांशीराम को मिले भारत रत्न’, राहुल गांधी ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी


उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के बीच विपक्षी नेता राहुल गांधी ने एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बहुजन समाज पार्टी (BSP) के संस्थापक मान्यवर कांशीराम को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न देने की मांग की। कांशीराम की जयंती के अवसर पर की गई इस मांग को यूपी की राजनीति में दलित वोटबैंक को साधने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

 

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर भी कांशीराम को सामाजिक न्याय का योद्धा बताते हुए कहा कि उन्हें सम्मानित करना उस पूरे आंदोलन का सम्मान होगा, जिसने करोड़ों लोगों को हक और हिस्सेदारी की राह दिखाई। उन्होंने तर्क दिया कि कांशीराम ने न केवल बहुजन समाज में चेतना पैदा की, बल्कि भारतीय राजनीति के स्वरूप को ही बदल दिया। लखनऊ में हाल ही में आयोजित संविधान सम्मेलन के बाद राहुल का यह कदम कांग्रेस की दलितों तक पहुंच बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

 

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आपको बता दें कि BSP संस्थापक द्वारा तैयार किया गया कैडर आधारित आंदोलन फिलहाल नेतृत्व और जनाधार के संकट से जूझ रहा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में शून्य पर सिमटने के बाद BSP का गैर-जाटव दलित वोटबैंक सपा-कांग्रेस गठबंधन की ओर झुका है। ऐसे में राहुल गांधी द्वारा कांशीराम को सम्मान दिलाने की पैरवी करना BSP के बचे-खुचे आधार में सेंध लगाने की एक सोची-समझी रणनीति है। अब सबकी नजरें केंद्र सरकार के रुख पर टिकी हैं कि वह इस संवेदनशील मांग पर क्या प्रतिक्रिया देती है।

 

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20% दलित वोटरों पर सबकी नजर

उत्तर प्रदेश की सियासत में करीब 20 प्रतिशत दलित मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। कांशीराम की विरासत पर अधिकार जताने की यह होड़ इसलिए भी तेज है क्योंकि कभी इस वोटबैंक पर एकछत्र राज करने वाली BSP का ग्राफ लगातार गिर रहा है।

 

राहुल गांधी की यह मांग सीधे तौर पर उन मतदाताओं को संदेश है जो मायावती के विकल्प की तलाश में हैं। यूपी के जिलों में इन दिनों कांशीराम के पोस्टर विपक्षी दलों के झंडों के साथ दिखना इस बात का प्रमाण है कि 2027 की बिसात बिछ चुकी है।

घबराहट भगाने के लिए खाई जाने वाली मिठाई, क्यों बढ़ाती है परेशानी?


जब भी हमें घबराहट या तनाव महसूस होता है, हमारा दिमाग तुरंत आराम पाने की कोशिश करता है। ऐसे समय में दिमाग डोपामाइन नाम के ‘फील गुड हार्मोन’ की तलाश करता है, जो हमें अच्छा महसूस कराता है। जब हम चीनी या मीठी चीजें खाते हैं, तो दिमाग में डोपामाइन का लेवल अचानक बढ़ जाता है। इससे हमें कुछ समय के लिए सुकून और खुशी का एहसास होता है। इसी वजह से लोग अक्सर अनजाने में घबराहट या तनाव कम करने के लिए मीठी चीजों की ओर आकर्षित हो जाते हैं।

 

हालांकि, यह राहत बहुत कम समय के लिए होती है। जैसे ही शुगर लेवल गिरता है, शरीर इसे संकट का संकेत मानता है। इस स्थिति में शरीर इंसुलिन और कोर्टिसोल जैसे हार्मोन्स को सक्रिय कर देता है, जिससे दिल की धड़कन तेज होना, कंपकंपी और चिड़चिड़ापन शुरू हो जाता है। यह शारीरिक प्रतिक्रिया बिल्कुल वैसी ही होती है जैसी एक पैनिक अटैक के दौरान महसूस होती है।

 

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क्यों बढ़ जाती है परेशानी?

चीनी खाने के बाद शुगर लेवल में आने वाला ‘स्पाइक’ और फिर अचानक ‘क्रैश’ शरीर को तनाव की स्थिति में डाल देता है। ज्यादा मीठा शरीर में सूजन को बढ़ावा देता है, जिसका सीधा असर मेंटल हेल्थ और मूड स्विंग्स पर पड़ता है। शुगर के इस उतार-चढ़ाव से चिड़चिड़ापन और थकान महसूस होती है। 

 

ज्यादा शुगर से नींद की क्वालिटी भी खराब होती है। कम नींद लेना घबराहट और बेचैनी को बढ़ाने का सबसे बड़ा कारण है। मीठी चीजों में पोषक तत्व नहीं होते। जब शरीर में विटामिन्स जैसे मैग्नीशियम और विटामिन B12 की कमी होती है, तो दिमाग स्ट्रेस को झेलने में असमर्थ हो जाता है।

घबराहट कम करने के ऑप्शन

अगर आपको बार-बार घबराहट या बेचैनी महसूस होती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसे में आपको तुरंत किसी डॉक्टर से मिलकर सही सलाह और इलाज शुरू करना चाहिए। एंजायटी कई कारणों से हो सकती है। कभी-कभी यह शरीर में किसी पोषक तत्व की कमी की वजह से होती है, तो कभी किसी अंग में समस्या के कारण भी ऐसा हो सकता है। इसलिए इसका सही कारण जानना जरूरी है।

 

जब भी आपको घबराहट महसूस हो, तो तुरंत मीठी चीजें खाने की बजाय बेहतर विकल्प अपनाएं। आप हर्बल या ग्रीन टी पी सकते हैं। इसके अलावा बादाम, अखरोट, ओट्स, दलिया, नींबू पानी और नारियल पानी जैसे हल्के और सेहतमंद विकल्प भी ले सकते हैं। सही खान-पान और समय पर डॉक्टर की सलाह से इस समस्या को संभाला जा सकता है।

 

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हाल ही में जर्नल ऑफ ह्यूमन न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स की एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि जो लोग ज्यादा मीठा खाते हैं, उनमें चिंता और घबराहट की समस्या ज्यादा देखी जाती है। इसका मतलब यह है कि हमारा खान-पान सीधे तौर पर हमारे दिमाग और मानसिक सेहत को प्रभावित करता है।

 

अक्सर लोग सोचते हैं कि ज्यादा चीनी खाने से सिर्फ मोटापा या शुगर जैसी बीमारियां होती हैं लेकिन यह पूरी सच्चाई नहीं है। ज्यादा मीठा खाने से मानसिक परेशानी, जैसे एंजायटी, भी बढ़ सकती है। इसलिए बढ़ती चिंता को कम करने के लिए सिर्फ दवाओं पर निर्भर रहना काफी नहीं है। इसके साथ-साथ अपनी लाइफस्टाइल और खाने की आदतों में बदलाव करना भी बहुत जरूरी है।

बाबा विदेश्वरनाथ मंदिर को क्यों लोग कहते हैं छोटा देवघर?


बिहार के मिथिलांचल में आस्था के कई केंद्र हैं लेकिन मधुबनी जिले के झंझारपुर में ‘विदेश्वरनाथ महादेव मंदिर’ या बाबा बिदेश्वर स्थान का स्थान इन सभी में मुख्य है।  पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर का सीधा संबंध विदेह के राजा जनक से है। ऐसी चर्चा है कि ‘विदेह’ शब्द से ही इस मंदिर का नाम ‘विदेश्वर’ पड़ा, जिसका अर्थ है ‘विदेह के स्वामी’। स्थानीय लोग इसे बाबा वैद्यनाथ धाम का छोटा भाई मानते हैं। लोगों में यह विश्वास है कि यहां जल चढ़ाने से वही फल मिलता है जो देवघर में मिलता है।

 

इतिहास की बात करें तो यह मंदिर न केवल धार्मिक बल्कि पुरातात्विक दृष्टिकोण से भी बहुत महत्वपूर्ण है। मंदिर की दीवारों पर ‘मिथिलाक्षर’ लिपि में शिलालेख मौजूद हैं, जो बताते हैं कि सन 1300 ईस्वी के आसपास इस पुराने मंदिर की फिर से मरम्मत करने का प्रयास किया गया था। 

 

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शिवलिंग और महाशिवरात्रि में आयोजन

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यहां स्थापित शिवलिंग ‘स्वयंभू’ है, जिसका अर्थ है कि यह स्वयं प्रकट हुआ है। पहली धारणा के अनुसार, मिथिलांचल के लोगों के लिए इस मंदिर का महत्व ‘छोटा देवघर’ के समान है जबकि कुछ लोग इसे काशी विश्वनाथ मंदिर के समान भी मानते हैं। कुल मिलाकर, अलग-अलग मान्यताओं के बावजूद यह स्थान शिव भक्तों के बीच बहुत श्रद्धा और आस्था का केंद्र है। लोग आज भी पूरी श्रद्धा से यहां की परंपराओं और विश्वासों का पालन करते हैं।

 

महाशिवरात्रि के दौरान यहां भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ता है। भक्त सुल्तानगंज से गंगाजल लाकर बाबा का जलाभिषेक करते हैं। मंदिर परिसर में मुख्य शिवलिंग के साथ माता पार्वती और नंदी की प्रतिमाएं स्थापित हैं। यहां की एक अनोखी परंपरा भगवान भैरवनाथ से जुड़ी है। कहा जाता है कि भाद्र पूर्णिमा के दिन यहाँ पूरे शिव परिवार का मिलन होता है, जिसे देखने दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं।

 

सावन के महीने और माघ की मकर संक्रांति के दौरान यहां मेले जैसा माहौल रहता है। लाखों भक्त यहां महादेव का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। यहां होने वाले मुंडन और उपनयन संस्कार विशेष फलदायी माने जाते हैं।

 

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कैसे पहुंचें? 

यह मंदिर झंझारपुर-दरभंगा स्टेट हाईवे के पास विदेश्वर गांव में स्थित है। ट्रेन से आने वाले यात्रियों के लिए लोहना रोड रेलवे स्टेशन सबसे नजदीकी विकल्प है।

 

नोट: इस खबर में लिखी गई बातें धार्मिक और स्थानीय मान्यताओं पर आधारित हैं। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

एपस्टीन के साथ पूर्व प्रिंस और दिग्गज नेता की फोटो, ब्रिटेन में मचा बवाल


अमेरिकी न्याय विभाग की नई तस्वीरों ने ब्रिटेन में खलबली मचा दी है। पहली बार ब्रिटिश नेता पीटर मंडेलसन और पूर्व राजकुमार एंड्रयू की फोटो यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ आई है। एपस्टीन फाइल्स के सार्वजनिक होने के बाद दोनों ही लोगों की ब्रिटेन में खूब आलोचना हो रही है। पिछले महीने ब्रिटिश पुलिस ने कदाचार के आरोप में पूर्व राजकुमार एंड्रयू और मैंडेलसन को गिरफ्तार किया था।

 

सबसे पहले आईटीवी ने इस तस्वीर के बारे में रिपोर्ट प्रकाशित की। फोटो में एंड्रयू और पीटर मंडेलसन बाथरोब पहने लकड़ी की कुर्सी में बैठे हैं। दोनों के सामने एपस्टीन टी-शर्ट पहने बैठा है। यह पहली बार है जब पीटर मंडेलसन और पूर्व राजकुमार एंड्रयू की एकसाथ एपस्टीन के साथ फोटो आई है। सामने पेज पर तीन अमेरिकी झंडे वाले दिन कप रखे हैं। वहीं दो पानी के ग्लास भी हैं।

 

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जेल में हो चुकी एपस्टीन की मौत

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस तस्वीर को 1999 से 2000 के बीच खींची गई। इसकी लोकेशन मैसाचुसेट्स में स्थित मार्था वाइनयार्ड द्वीप की बताई जा रही है। जेफरी एपस्टीन को साल 2018 में यौन अपराधों का दोषी ठहराया गया था। साल 2019 में उसकी जेल में ही मौत हो गई।  

एंड्रयू और मैंडेलसन पर क्या आरोप?

पूर्व राजकुमार एंड्रयू 2001 से 2011 के बीच ब्रिटेन के व्यापार दूत थे। उन पर अपने कार्यकाल के दौरान ब्रिटेन के संवेदनशील दस्तावेज एपस्टीन के साथ साझा करने का आरोप है। वहीं मैंडेलसन पर आरोप है कि उन्होंने मंत्री रहते एपस्टीन को 2008 की आर्थिक मंदी समेत तमाम तरह की आधिकारिक जानकारी को लीक किया था। हालांकि दोनों बार-बार इन आरोपों का खंडन करते हैं।

 

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एंड्रयू से छीन लिया गया शाही खिताब

पिछले साल ही पूर्व राजकुमार एंड्रयू से शाही खिताब छीन लिया गया। इसके अलावा उन्हें अपना आधिकारिक घर भी छोड़ना पड़ा। उधर, एपस्टीन फाइल्स में नाम आने के बाद वाशिंगटन में ब्रिटेन के दूत के तौर पर तैनात मैंडेलसन को भी पद से हटा दिया गया है। पूर्व राजकुमार एंड्रयू की एक फोटो खूब वायरल हुई। इसमें एक महिला जमीन पर लेटी है और एंड्रयू उसके ऊपर झुके हैं। एक अन्य फोटो में वह कई महिलाओं की गोद में लेटे हैं।

 

‘सबको माफ करो, सबसे माफी मांगो, अब जाओ’, हरीश को दिल्ली एम्स लाया गया


सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद हरीश राणा को 14 मार्च को दिल्ली के एम्स लाया गया है। दिल्ली एम्स में डॉक्टरों और परिवार के सामने हरीश राणा को जीवन से मुक्त किया जाएगा। हरीश राणा को कभी न ठीक होने वाली बीमारी है, इसी वजह से वह पिछले 13 सालों से वेजिटेटिव स्टेट में थे। पिछले 13 वर्षों से हरीश राणा संघर्ष भरा जीवन काट रहे थे। हरिश को जल्द ही संसार और शारीरिक दर्द से मुक्ति दी जाएगी।

 

हरीश राणा का परिवार के साथ एक वीडियो सामने आई है। इस वीडियो में हरीश की बहन उन्हें शहद खिला रहे हैं। इस वीडियो में हरीश की बहन उनसे कहती है कि सबको माफ करते हुए और सबसे माफी मांगते हुए जाओ। इस वीडियो को देखकर कई लोग भावुक हो रहे हैं। बता दें कि हरीश राणा को इंजेक्शन या दवाई देकर इच्छामृत्यु नहीं दी जाएगी, बल्कि उनका लाइफ सपोर्ट हटा दिया जाएगा, जिससे उनकी प्राकृतिक मृत्यु हो जाएगी।

 

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मां और बहन समेत पूरे परिवार की आंखें नम

जब हरीश को गाजियाबाद से दिल्ली एम्स ले जाया जा रहा था, तब हरीश की मां, बहन और छोटा भाई भावुक थे। हरीश के पिता अशोक ने कहा, ‘हम सबसे माफी मांगते हैं। ईश्वर ने यह सब हमें देखने के लिए दिया है। आगे हम यही चाहते हैं कि हमारा बेटा जहां भी रहे, जिस परलोक में रहे, हम उसे कभी भूल नहीं पाएंगे। हमारे रिश्तेदारों, डॉक्टरों और कोर्ट के वकीलों ने हमारा बेहद सहयोग दिया है। उसके लिए हम सबके आभारी हैं।’

हरीश का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

हरीश इस समय दिल्ली एम्स में हैं। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में हरीश के साथ उनकी मां और बहन खड़ी दिखाई दे रही हैं। इस वीडियो में हरीश की बहन उन्हें शहद चटा रही है। वीडियो में जहां एक तरफ परिवार हरीश के लिए दुखी है, वहीं दूसरी तरफ इस वीडियो को देखकर कई लोग भावुक हो उठे हैं। एक्स अकाउंट पर कई लोगों ने कमेंट भी किया।

 

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कपिल गौर ने लिखा, ‘हरीश राणा की कहानी सिर्फ एक मेडिकल केस नहीं है, बल्कि यह अटूट ममता, धैर्य और मानवीय संवेदनाओं की पराकाष्ठा है। 13 साल एक लंबा अरसा होता है। एक पूरा दशक बीत गया, दुनिया बदल गई, लेकिन उस कमरे में वक्त जैसे ठहर गया था। हरीश को दी जा रही यह विदाई दुखद तो है।’

 

 

दूसरे व्यक्ति तनवीर अहमद ने कहा, ‘वाकई मुझे यह दृश्य देखकर रोना आ रहा है। मां-बाप खुद अपने बेटे के लिए मृत्यु मांगकर लाए, कैसा होगा वह पल जब कोर्ट ने आदेश दिया। इच्छामृत्यु शब्द ही बुरा है, लेकिन हरीश भाई का 13 साल का बीता हुआ समय बेहद पीड़ादायक रहा। साथ ही माता-पिता दोनों इस दुख की घड़ी में यह सफर करते रहे।’

अचानक से शुगर बढ़ने पर डायबिटीक मरीज को क्या करना चाहिए? डॉक्टर से जानिए


भारत को ‘डायबिटीज कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड’ कहा जाता है। दुनियाभर में 54 करोड़ से ज्यादा लोग डायबिटीज से पीड़ित है। यह बीमारी किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। यह बीमारी शरीर में इंसुलिन हार्मोन की गड़बड़ी की वजह से होती है। इस बीमारी के बारे में अगर सही समय पर पता नहीं चला तो आपके दिल, किडनी समेत अन्य अंग खराब हो सकते हैं।

 

इस बीमारी से पीड़ित लोगों को ब्लड शुगर नियंत्रित करने की सलाह दी जाती है। ब्लड में शुगर का लेवल बढ़ने से परेशानियां बढ़ जाती हैं। कई बार ऐसा होता है कि डायबिटीज के मरीज में अचानक से शुगर का लेवल बढ़ जाता है। हमने इस बारे में बेंगलुरु के एस्टर सीएमआई अस्पताल के एंडोक्रोनोलॉजिस्ट डॉक्टर महेश डी. एम से बात की।

 

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अचानक से क्यों बढ़ जाता है शुगर?

डायबिटीज के मरीज में शुगर बढ़ने का मुख्य कारण हाई कार्बोहाइड्रेट और शुगर वाली चीजों का सेवन अधिक करना है। इसके अलावा इंसुलिन और डायबिटीज की दवाई नहीं लेने का कारण ब्लड में शुगर का लेवल बढ़ जाता है। इसके अलावा शारीरिक गतिविधियां कम करने, हार्मोनल बदलाव, पर्याप्त नींद नहीं लेना और स्टेरॉयड सेमत कुछ दवाओं को लेने से भी शुगर बढ़ सकता है। इन लोगों को तनाव लेने से बचना चाहिए।

शुगर को कंट्रोल करने के लिए क्या करें?

डॉक्टर महेश के अनुसार अगर किसी व्यक्ति का शुगर एकदम से बढ़ गया तो उसे सबसे पहले शुगर चेक करवाना चाहिए। साथ में डायबिटीज की दवा लेनी चाहिए। 

  • शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। 
  • अधिक कार्बोहाइड्रेट और शुगर वाली ड्रिंक्स को पीने से परहेज करना चाहिए।
  • प्रोटीन और फाइबर वाली चीजों का सेवन करें।
  • हल्की एक्सरसाइज और वॉक पर जाएं।
  • लगातार शुगर की जांच करें।
  • अगर आपको उल्टी या कमजोरी जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

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शुगर को बढ़ने से रोकने के लिए लाइफस्टाइल में करें बदलाव

डायबिटीज के मरीज को चीनी वाली चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। खासतौर से मिठाइयां, केक, शुगर वाली ड्रिंक्स, सफेद चावल का सेवन कम करें।

  • रात में ज्यादा खाना खाने से बचना चाहिए।
  • शराब और सिगरेट से दूर रहें।
  • खाना जरूर खाएं। भूखे पेट न रहें।
  • तनाव को कम करने के लिए योग करें।
  • घंटों एक ही जगह पर न बैठे रहे।
  • पर्याप्त नींद लें।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज करें।

शुगर को नियंत्रित रखने के लिए क्या खाएं?

  • संतुलित आहार का सेवन करें। अपनी डाइट में ब्राउन राइस और साबूत अनाज को शामिल करें।
  • इसके अलावा हरी सब्जियां, दालें, बींस, अंडा, मछली, लीन मीट, हेल्दी फैट वाले नट्स और सीड्स खाएं। इन दोनों चीजों की मात्रा कम रखें। 
  • सेब और अमरूद का सेवन करें।
  • नियमित रूप से आहार लें।
  • चीनी वाली चीजों का सेवन करने से परहेज करें।
  • तली-भूनी चीजों को खाने से बचें।

 

 HbA1c टेस्ट कराने को क्यों कहता है डॉक्टर?

 

HbA1c टेस्ट एक दिन की रीडिंग देने के बजाय पिछले दो से तीन महीनों में औसत ब्लड शुगर को दिखता है और यह समझने में मदद करता है समय के साथ किसी व्यक्ति के मधुमह को कितने अच्छे तरीके से नियंत्रित कर रहा है? किस तरह की दवाओं को देने की जरूरत है? कहीं भविष्य में किडनी, आंखों को खतरा तो नहीं है।

 

 

 

महाशिवरात्रि के दिन बदलेगा आपका भाग्य, क्या कह रहीं हैं राशियां? पढ़ें राशिफल


महाशिवरात्रि है। ब्रह्मांड में ग्रहों का संयोग बदल रहा है। फाल्गुन मास की चतुर्दशी तिथि और 15 फरवरी यानी रविवार का दिन होने के साथ-साथ मूलांक 6 का है जो कि ज्योतिष दृष्टि से बहुत खास है। अंक ज्योतिष के अनुसार, 6 नंबर का स्वामी शुक्र होता है जो सुख-सुविधाओं और प्रेम का प्रतीक है। ऐसे में यह दिन कला, परिवार और आपसी रिश्तों को सुधारने के लिए सबसे सटीक है। 

 

जहां तक चंद्रमा की बात करें वह कुंभ राशि में रहेंगे जो हमें लीक से हटकर सोचने और समाज के लिए कुछ नया करने की प्रेरणा देंगे। आइए जानते हैं कि सितारों की चाल किस राशि के लिए क्या खास लेकर आई है। 

 

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सभी 12 राशियों का हाल

मेष राशि

आज का दिन जोश और नई उमंग से भरा है। आपको नए मौके मिलेंगे। 
क्या करें:  बस गुस्से पर काबू रखें और जल्दबाजी में पैसा कहीं न फंसाएं।
क्या न करें: परिवार के साथ समय बिताना अच्छा रहेगा।

वृष राशि

आर्थिक रूप से आज का दिन मजबूत है। 
क्या करें: निवेश की प्लानिंग करें और अपनों की सलाह लें। 
क्या न करें: फालतू के खर्चों और बहसबाजी से दूर रहना ही समझदारी होगी।

मिथुन राशि

आपकी बातों का जादू आज लोगों पर चलेगा। 
क्या करें: नेटवर्किंग और नई चीजें सीखने के लिए दिन अच्छा है। 
क्या न करें: व्यर्थ की गपशप में समय बर्बाद न करें।

कर्क राशि

आज घर-परिवार में खुशियां रहेंगी। 
क्या करें: मन को शांत रखने के लिए योग करें। 
क्या न करें: भावुक होकर कोई भी बड़ा फैसला लेने से बचें।

सिंह राशि

आपकी लीडरशिप क्वालिटी आज लोगों को प्रभावित करेगी। 
क्या करें: दोस्तों के साथ मिलकर कोई नया काम शुरू कर सकते हैं। 
क्या न करें: बस अपने भीतर अहंकार न आने दें।


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कन्या राशि

आपकी पुरानी मेहनत का फल आज मिल सकता है। 
क्या करें: अपनी सेहत और काम के व्यवस्थित तरीके पर ध्यान दें। 
क्या न करें: छोटी-छोटी बातों की चिंता छोड़ दें।

तुला राशि

कला और संगीत में रुचि बढ़ेगी। रिश्तों के लिए आज का दिन बहुत प्यारा है। 
क्या करें: खान-पान का ध्यान रखें। 
क्या न करें: फैसले लेने में ज्यादा देर न करें।

वृश्चिक राशि 

आज आपकी मानसिक शक्ति बढ़ेगी। 
क्या करें: आध्यात्मिक कार्यों में मन लगेगा। 
क्या न करें: मन में किसी के प्रति कड़वाहट न रखें और सेहत का ख्याल रखें।

धनु राशि

कुछ नया सीखने और कहीं घूमने जाने का प्लान बन सकता है। 
क्या करें: सकारात्मक रहें। 
क्या न करें: पैसों के मामले में कोई बड़ा रिस्क न लें।


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मकर राशि

करियर में तरक्की के योग बन रहे हैं। 
क्या करें: अनुशासन के साथ अपने लक्ष्यों पर काम करें। 
क्या न करें: काम के चक्कर में परिवार और सेहत को नजरअंदाज न करें।

कुंभ राशि 

आज आपके दिमाग में नए और अनोखे आइडिया आएंगे। 
क्या करें: समाज में मेल-जोल बढ़ाने से फायदा मिलेगा। 
क्या न करें: ध्यान रहे कि अपनी बात मनवाने के चक्कर में अपनों से न उलझें।

मीन राशि 

कल्पना शक्ति और अध्यात्म के लिए दिन सबसे अच्छा है। 
क्या करें: रचनात्मक काम करें और जरूरतमंदों की मदद करें। 
क्या न करें: हकीकत से मुंह न मोड़ें और अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें।

 

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।

70 सेकंड में 16 करोड़ की लूट, अमेरिका में भारतीय मूल के ज्वैलर्स को बनाया निशाना


अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के फ्रेमोंट शहर में एक भारतीय-अमेरिकी परिवार के ज्वेलरी शोरूम ‘कुमार ज्वेलर्स’ में  बड़ी डकैती की घटना हुई है। यहां लगभग 20 से 25 नकाबपोश बदमाशों ने एक साथ धावा बोलकर महज 70 सेकंड के अंदर करीब 16 करोड़ रुपये से ज्यादा के सोने और हीरे के गहने लूट लिए। इस पूरी वारदात का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हमलावर हथौड़ों और कुल्हाड़ियों से कांच के काउंटर तोड़ते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं।

 

सीसीटीवी फुटेज के अनुसार यह घटना तब हुई जब अचानक शोरूम के बाहर कई गाड़ियां आकर रुकीं। उनमें से दर्जनों नकाबपोश युवक निकले। सभी ने हुडी पहन रखी थी। वे सीधे शोरूम के अंदर घुसे और बिना किसी देरी के हथौड़ों से गहनों के डिस्प्ले केस तोड़ने लगे। बदमाशों ने मात्र 70 सेकंड के अंदर दुकान का लगभग 80 प्रतिशत कीमती सामान अपने बैगों में भरकर भाग निकले। 

 

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मालिक और कर्मचारी ने दुकान से भागकर बचाई जान

यह शोरुम वर्मा परिवार का है, जो लंबे समय से फ्रेंमोंट में अपना बिजनेस चला रहे हैं। जिस समय यह हमला हुआ, उस वक्त शोरुम के मालिक और एक कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए दुकान के पिछले हिस्से की ओर भाग गए थे। राहत की बात यह रही कि इस पूरी लूटपाट के दौरान किसी को कोई चोट नहीं आई, लेकिन पूरा परिवार गहरे सदमे में है।

पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी

घटना की सूचना मिलते ही फ्रेमोंट पुलिस ने तुरंत मामला संभाला और लुटेरों की एक संदिग्ध गाड़ी का पीछा किया। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी उम्र 19 से 20  साल के बीच बताई जा रही है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अफातुपेताइकी फासिसिला, जोस हेराडा-आरागॉन, एंड्रेस फिलिस्तीनो और टॉम पार्कर डोनेगन के रूप में हुई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह किसी बड़े ग्रुप का हिस्सा हैं।

 

 

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भारतीय लोगों में बढ़ी चिंता

कैलिफोर्निया में आजकल दुकान का कांच तोड़कर सामान लूटने की घटनाएं बहुत बढ़ गई हैं। पिछले कुछ महीनों में कई बार उन दुकानों को निशाना बनाया गया है, जिनके मालिक भारतीय या एशियाई देशों के रहने वाले हैं। इस ताजा डकैती के बाद वहां रह रहे भारतीय दुकानदारों और व्यापारियों के मन में सुरक्षा को लेकर काफी खौफ बैठ गया है। वे डरे हुए हैं कि अगली बार उनके साथ ऐसा न हो जाए।

8 की जगह 2 चरणों में क्यों होगी बंगाल में वोटिंग? चुनाव आयोग ने वजह बता दी


भारत निर्वाचन आयोग ने रविवार यानी 15 मार्च को पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का ऐलान कर दिया है। अबकी बार बंगाल विधानसभा चुनाव में आयोग ने एक बड़ा बदलाव किया है। 

 

2021 में जहां पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर 8 चरणों में मतदान हुआ था तो वहीं अबकी इसे घटाकर मात्र दो चरणों में समेट दिया गया है। बंगाल में पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल और दूसरे चरण की 29 अप्रैल को होगी।

 

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने तारीखों का एलान करते हुए साफ किया कि बंगाल के साथ-साथ असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के चुनावी नतीजे भी 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

 

बंगाल में चरणों की संख्या में इस भारी कटौती को प्रशासनिक और सुरक्षा प्रबंधन के लिहाज से एक बड़े सुधार के तौर पर देखा जा रहा है। आयोग का मानना है कि इससे न केवल चुनाव प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि सुरक्षा बलों के प्रबंधन में भी आसानी होगी।

 

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चरणों को घटाने के पीछे क्या है आयोग का तर्क?

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब मुख्य चुनाव आयुक्त से चरणों को 8 से घटाकर 2 करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह फैसला काफी सोच-विचार और चर्चा के बाद लिया गया है।

 

उन्होंने बताया, ‘आयोग ने विस्तृत विचार-विमर्श किया और पाया कि चरणों को कम करना सभी पक्षों के लिए सुविधाजनक होगा।’ आयोग का उद्देश्य चुनाव को कम समय में और अधिक सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है, ताकि आम जनता और चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मियों को लंबी प्रक्रिया से राहत मिल सके।

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पश्चिम बंगाल 2026 चुनाव फुल शेड्यूल

चुनाव से जुड़ा कार्यक्रम पहला चरण (152 सीटें) दूसरा चरण (142 सीटें)
गजट नोटिफिकेशन जारी 30 मार्च 2026 (सोमवार) 2 अप्रैल 2026 (गुरुवार)
नामांकन की आखिरी तारीख 6 अप्रैल 2026 (सोमवार) 9 अप्रैल 2026 (गुरुवार)
नामांकन पत्रों की जांच 7 अप्रैल 2026 (मंगलवार) 10 अप्रैल 2026 (शुक्रवार)
नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 9 अप्रैल 2026 (गुरुवार) 13 अप्रैल 2026 (सोमवार)
मतदान की तारीख 23 अप्रैल 2026 (गुरुवार) 29 अप्रैल 2026 (बुधवार)
मतगणना (काउंटिंग) 4 मई 2026 (सोमवार) 4 मई 2026 (सोमवार)
चुनाव प्रक्रिया पूरी होने की अंतिम तारीख 6 मई 2026 (बुधवार) 6 मई 2026 (बुधवार)

 

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पांच राज्यों का चुनावी शेड्यूल

आयोग ने बंगाल के अलावा अन्य राज्यों के लिए भी तारीखें साफ कर दी हैं। बंगाल को छोड़कर अन्य सभी राज्यों में मतदान एक ही दिन में संपन्न होगा।

  • असम, केरल और पुडुचेरी: यहां 9 अप्रैल को एक ही चरण में वोट डाले जाएंगे।
  • तमिलनाडु: 234 सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान होगा।
  • पश्चिम बंगाल: 294 सीटों के लिए 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में वोटिंग होगी।

सभी राज्यों में कुल मिलाकर 2.18 लाख पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे, ताकि मतदाता बिना किसी बाधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।