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मेष से मीन तक, ग्रहों की बदल रही चाल, किस राशि की बदलेगी दशा? राशिफल पढ़ें


उन लोगों के लिए आज का दिन बेहद शानदार है जो अपनी मेहनत और बुद्धिमत्ता के दम पर कुछ बड़ा करना चाहते हैं। अनुशासन के प्रतीक शनि और संवाद के कारक बुध की जुगलबंदी की वजह से आज आपके रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं और अचानक कोई अच्छी खबर मिल सकती है।

 

आज के दिन उन लोगों के लिए बेहद खास रहने वाला है जो लोग बातचीत में थोड़े बेहतर होते हैं और अपनी बात लोगों को सामने अच्छे से रख पाते हैं। सभी राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है, आइए जानते हैं-

 

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कैसा रहेगा आपकी राशि का हाल

मेष राशि

क्या करें: आज आपका लीडर बनकर काम करने का दिन है। नई प्लानिंग पर जोर दें। छोटी यात्रा आपके लिए बड़े फायदे के दरवाजे खोल सकती है।

क्या न करें: गुस्से में आकर कोई फैसला न लें। पुराने झगड़ों को फिर से न कुरेदें।

वृषभ राशि

क्या करें: कहीं भी निवेश को लेकर सोच-समझकर कदम उठाए और परिवार को समय दें। आज भाग्य आपके बैंक बैलेंस को मजबूत कर सकता है।

क्या न करें: हाथ खोलकर फिजूलखर्ची न करें। फिलहाल किसी को पैसा उधार देने से बचें।

मिथुन राशि

क्या करें: अपनी बातों से लोगों का दिल जीतें और नए लोगों से मेल-जोल बढ़ाएं। आज आपको अपनी क्रिएटिविटी के लिए कोई बड़ा इनाम मिल सकता है।

क्या न करें: सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा न करें। ज्यादा सोचने में अपना समय खराब न करें।

कर्क राशि

क्या करें: घर की सजावट के साथ-साथ मरम्मत पर ध्यान दें। अपनी मां के साथ समय बिताएं। आज आपको मानसिक शांति और सुकून मिलेगा।

क्या न करें: बीती हुई कड़वी बातों को याद न करें। घर में किसी से बहस करने से बचें।

सिंह राशि

क्या करें: कॉन्फिडेंस के साथ आगे बढ़ें और ऑफिस में जिम्मेदारी संभालें। आज समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा।

क्या न करें: अपने काम में घमंड न आने दें। दूसरों की भावनाओं का मजाक न उड़ाएं।

कन्या राशि

क्या करें: काम को बारीकी से चेक करें। अपनी सेहत का ख्याल रखें। आपकी एक छोटी सी सही प्लानिंग बड़ा मुनाफा दिला सकती है।

क्या न करें: सब कुछ परफेक्ट करने के चक्कर में काम को लटकाएं नहीं और दूसरों की बुराई करने से बचें।

तुला राशि

क्या करें: बिजनेस पार्टनर के साथ रिश्ते सुधारें और क्रिएटिव कामों में समय दें। आज आपको लाइफ में कुछ मजेदार मौके मिल सकते हैं।

क्या न करें: कंफ्यूजन में पड़कर अपना कीमती समय बर्बाद न करें और बेवजह की बहस से दूर रहें।

वृश्चिक राशि

क्या करें: अपने जरूरी प्रोजेक्ट्स को किसी को न बताएं और सोच-समझकर निवेश करें। आज आपकी सूझ-बूझ आपको सफलता दिलाएगी।

क्या न करें: बात-बात पर गुस्सा न करें और किसी का भरोसा तोड़ने वाली गलती न करें।

 

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धनु राशि

क्या करें: पढ़ाई या कहीं घूमने जाने का प्लान बनाएं और अच्छे कामों में हिस्सा लें। किस्मत आज आपको किसी नई और बेहतर दिशा की ओर ले जाएगी।

क्या न करें: बिना सोचे-समझे बड़ा रिस्क न लें और किसी से किया हुआ वादा न तोड़ें।

मकर राशि

क्या करें: अपने काम और करियर पर पूरा फोकस रखें। चंद्रमा आपकी ही राशि में है, इसलिए आपकी मेहनत का पूरा फल मिलने का समय आ गया है।

क्या न करें: खुद को अकेला न समझें। साथ ही काम के चक्कर में अपनी सेहत को नजरअंदाज न करें।

कुंभ राशि

क्या करें: दोस्तों से मिलें और नए आइडियाज पर काम शुरू करें। आज लोगों से मेल-जोल बढ़ाना आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा।

क्या न करें: नियमों को तोड़ने की कोशिश न करें और जिद्दी स्वभाव से बचें।

मीन राशि

क्या करें: पूजा-पाठ और दान-पुण्य में मन लगाएं। अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर फैसले लें। आज आपको अचानक कहीं से धन का सुख मिल सकता है।

क्या न करें: मन में किसी भी तरह का भ्रम न पालें। किसी के साथ दिखावा या धोखा न करें।

 

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।

ईरान का बड़ा दावा, होर्मुज के पास मार गिराया दुश्मन का F-15 फाइटर जेट


मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने एक बड़ा दावा किया है। ईरानी सेना के अनुसार, उसने अपने एयर डिफेंस सिस्टम का उपयोग करके देश के दक्षिणी तट और होर्मुज के पास एक F-15 लड़ाकू विमान को मार गिराया है। यदि यह दावा सच साबित होता है तो इसे संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के साथ जारी टकराव में एक महत्वपूर्ण घटना माना जाएगा।

 

ईरान की सरकारी मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इस एडवांस जेट को जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल से निशाना बनाया गया। साथ ही, एक वीडियो भी जारी किया गया है, जिसमें एयर डिफेंस सिस्टम के जेट को लॉक करने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, अमेरिका या उसके सहयोगी देशों की तरफ से अभी तक इस घटना की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

 

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ईरान द्वारा जारी वीडियो को सबूत बताया जा रहा है लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। खास बात यह है कि F-15 जेट सिर्फ अमेरिका ही नहीं, बल्कि सऊदी अरब, इजरायल और कतर जैसे देशों के पास भी मौजूद हैं। ऐसे में यह साफ नहीं है कि कथित तौर पर गिराया गया जेट किस देश का था।

 

इससे पहले भी ईरान ने अमेरिका के अत्याधुनिक F-35 लाइटनिंग-II फाइटर जेट को निशाना बनाने का दावा किया था। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने सिर्फ यह स्वीकार किया था कि एक F-35 को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी और पायलट सुरक्षित था। इस मामले की जांच अभी जारी है।

 

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लगातार बढ़ रहा क्षेत्रीय तनाव

पिछले कुछ हफ्तों में मध्य पूर्व में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। 1 मार्च को ऐसी खबरें सामने आईं कि कुवैत के हवाई रक्षा तंत्र द्वारा गलती से तीन F-15E स्ट्राइक ईगल जेट विमानों को मार गिराया गया। इसके अलावा, तकनीकी कारणों से एक अमेरिकी KC-135 रीफ्यूलिंग विमान भी दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

 

ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसने इजराइल के एक F-16 जेट को निशाना बनाया है, हालांकि इन दावों की भी पुष्टि नहीं हो पाई है। इन घटनाओं के बीच क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है और दुनिया की नजरें अब इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।

चंदा नहीं दिया तो काटी बिजली, 2 साल से अंधेरे में घर, HC ने क्या फैसला सुनाया?


ओडिशा हाई कोर्ट में एक बिजली कनेक्शन का ऐसा मुद्दा पहुंचा, जिसे स्थानीय स्तर पर ही निपटाया जा सकता था। एक शख्स, बिजली कनेक्शन कटने से इतना प्रताड़ित हुआ कि उसे मजबूरी में हाई कोर्ट में अर्जी दायर करनी पड़ी। 

भद्रक जिले के बालासोर में एक शख्स के घर की बिजली गांव वालों ने काट दी। शख्स ने दुर्गा पूजा के लिए चंदा में 5000 रुपये नहीं दे पाया था। ओडिशा हाईकोर्ट ने इस मामले में गांव वालों को फटकारा और बिजली सुविधाएं बहाल करने का तत्काल निर्देश दिया। 

जस्टिस सावित्री राठो ने कहा कि बिजली एक बुनियादी सुविधा है, जिसे किसी को भी नहीं रोका जा सकता। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि दो हफ्तों के अंदर बिजली कनेक्शन बहाल कराया जाए। कोर्ट ने कहा है कि शांतिपूर्ण तरीके से इस विवाद का हल निकाला जाए। 

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कोर्ट ने क्या कहा?

जस्टिस सावित्री राठो ने 20 मार्च को सुनवाई के दौरान कहा कि बिजली बुनियादी जरूरत है। गांव वाले बिजली के अधिकारियों को चंदा न चुकाने की वजह से शख्स को बिजली कनेक्शन देने से रोक नहीं सकते हैं। यह गैरकानूनी है। कोर्ट ने साफ कहा कि गांव वाले याचिकाकर्ता दैतारी साहू के घर की बिजली लाइन जोड़ने से बिना किसी वजह के रोक रहे हैं। उन्हें न तो कोई अधिकार है कि वे बिजली बहाल करने से रोकें। सामाजिक दबाव बुनियादी अधिकारों से ऊपर नहीं हो सकता। 

‘2 हफ्ते के भीतर जुड़ेगा कनेक्शन’

बालासोर के एसपी को निर्देश दिया गया है कि पर्याप्त पुलिस बल लेकर गांव जाएं। पुलिस बल में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हों। उनकी तैनाती के दो हफ्तों में बिजली कनेक्शन बहाल कराएं। कोर्ट ने कहा कि एसपी पहले गांव वालों और याचिकाकर्ता के बीच बातचीत के जरिए विवाद हल कराने की कोशिश करना चाहिए, क्योंकि याचिकाकर्ता को गांव में ही रहना है।

दो साल से बिजली के लिए तरस रहा शख्स

दैतारी साहू का घर इंदिरा आवास योजना के तहत बना था। अक्टूबर 2023 में दुर्गा पूजा चंदे के 5000 रुपये न देने पर गांव वालों ने उसकी बिजली काट दी। उसके बाद दो साल से ज्यादा समय से घर बिना बिजली का रहा।

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अधिकारियों की कोशिश बार-बार हुई फेल

सितंबर 2024 में साहू ने बिजली जोड़ने के लिए अर्जी दी। फरवरी 2025 में हाईकोर्ट ने अधिकारियों को विचार करने को कहा। अप्रैल-मई 2025 में इंजीनियर और पुलिस कई बार गांव गए, लेकिन हर बार गांव वालों के विरोध की वजह से लौट आए। सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर ने पत्र लिखकर बताया कि ग्रामीण महिलाओं ने ऐसा विरोध किया, हिंसा होने की आशंका में काम नहीं हो पाया और लौटना पड़ा।  

 

190 रुपये जमा करने के बावजूद बिजली नहीं मिली है। दैतारी साहू ने बिजली जोड़ने के 190 रुपये पहले ही जमा कर दिए थे, फिर भी चंदे के दबाव की वजह से बिजली नहीं मिल पाई। ग्रामीण कनेक्शन जोड़ने का बार-बार विरोध किया। हिंसक विरोध के डर से अधिकारी वहां जाने से कतराते रहे।

अब आगे क्या?

हाई कोर्ट में एक और रिट याचिका, 30 मार्च 2026 को सुनवाई के लिए लंबित है। याचिका में बिजली सुविधा बहाल करने की मांग की गई है। अभी स्थानीय स्तर पर ग्रामीण पंचायतें ऐसे फैसले लेती हैं। हाई कोर्ट ने कहा है कि त्योहार के नाम पर कानून की उपेक्षा नहीं की जा सकती है। बिजली बुनियादी जरूरत है। 

पीने के लिए सही नारियल की पहचान कैसे करें? नोट कीजिए, काम आएगी टिप्स


गर्मी के मौसम में नारियल पानी पीने की सलाह डॉक्टर अक्सर देते हैं लेकिन नारियल पानी पीने का असली मजा तभी है जब उसका स्वाद मीठा हो। नारियल पानी खरीदते वक्त ही कई लोगों को समझ आ जाता है कि कौन सा नारियल का पानी मीठा है।

 

नारियल पानी पीने से व्यक्ति का ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। नारियल पानी में कैलोरी कम होती है, जिससे यह वजन घटाने में सहायक होता है। अब सवाल उठता है कि नारियल खरीदते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि हम हमेशा मीठा नारियल पानी खरीद सकें।

 

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मीठे नारियल पानी की पहचान कैसे करें?

नारियल खरीदते वक्त कुछ टिप्स अपनानी चाहिए ताकि मीठे नारियल खरीदे जा सकें। नारियल के रंग, आकार और नारियल को हिलाकर पहचाना जा सकता है कि कौन सा नारियल पानी स्वाद में मीठा होगा।


रंग के आधार पर: जिन नारियल का रंग गहरा हरा और हल्का पीला होता है, वे नारियल सबसे बेहतर माने जाते हैं। इन नारियल का पानी अक्सर मीठा होता है। इसलिए हरे और हल्के पीले रंग के नारियल खरीदना बेहतर होता है। इसके बजाय उन नारियल को कभी नहीं खरीदना चाहिए जिन पर दाग-धब्बे हों और जो हल्के ब्राउन रंग के हों। इस तरह के नारियल ज्यादातर पुराने होते हैं और पुराने नारियल का स्वाद मीठा नहीं होता है।

 

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नारियल को हिलाकर सुनें:  नारियल खरीदने का सबसे आसान तरीका है कि उसे हिलाकर सुना जाए। ऐसा करने से हमें पता चल जाएगा कि नारियल के अंदर पानी है या नहीं। जिस नारियल में साफ-साफ पानी की आवाज सुनाई देती है, उसमें ज्यादा मात्रा में पानी होता है। जिस नारियल में ज्यादा पानी होता है, वह नारियल ताजा होता है।

 

आकार:  नारियल के आकार से भी समझा जा सकता है कि कौन सा नारियल अच्छा है। नारियल खरीदते वक्त देखना चाहिए कि नारियल का आकार थोड़ा कोन (नुकीला) और लंबा हो। इस आकार के नारियल में अक्सर ज्यादा पानी होता है। इसके बजाय गोल आकार के नारियल में कम पानी होता है। हालांकि नारियल के आकार से पानी की मिठास का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है।

 

वजन: नारियल खरीदते वक्त उसका वजन भी देखना चाहिए। दो नारियल उठाकर देखें, जो नारियल अपने आकार के हिसाब से भारी होगा, वही लेना सही होगा। भारी नारियल का मतलब है कि उसमें पानी सही मात्रा में है। इससे साफ होता है कि नारियल ताजा है, इसलिए आकार के हिसाब से भारी नारियल लेना चाहिए।

900 से अधिक मंदिरों का पहाड़, लेकिन सूरज ढलते ही क्यों छा जाता सन्नाटा?


गुजरात के पालिताना में स्थित शत्रुंजय पहाड़ी को ‘सिद्धक्षेत्र’ माना जाता है। यहां पत्थरों को तराश कर बनाए गए 863 से लेकर 900 से अधिक छोटे-बड़े मंदिर मौजूद हैं। सफेद संगमरमर से बने ये मंदिर वास्तुकला का अद्भुत नमूना पेश करते हैं। जैन धर्मावलंबियों के लिए यह सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है, जहां प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव ने तपस्या की थी।

 

इस पहाड़ की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे ‘देवताओं का शहर’ कहा जाता है। यहां की सीढ़ियां चढ़ना और इन मंदिरों के दर्शन करना मोक्ष का द्वार माना जाता है लेकिन जैसे ही सूरज ढलने लगता है, इस पूरे इलाके का माहौल पूरी तरह बदल जाता है। दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार रहने वाला यह पहाड़ शाम होते ही एकदम सुनसान हो जाता है।

 

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सूरज ढलते ही सन्नाटा क्यों?

शत्रुंजय पहाड़ी पर सूर्यास्त के बाद सन्नाटा छाने के पीछे गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक कारण है। जैन धर्म में ‘अहिंसा’ को सर्वोपरि माना गया है। मान्यताओं के अनुसार, रात के समय सूक्ष्म जीव और कीड़े अधिक सक्रिय हो जाते हैं। अंधेरे में अनजाने में भी किसी जीव की हत्या न हो, इसलिए यहां रात में ठहरना सख्त मना है।

नियम और परंपराएं

  • शाम की आरती के बाद सभी पुजारियों और भक्तों को पहाड़ से नीचे उतरना पड़ता है। रात के समय यहां केवल ‘देवताओं का वास’ माना जाता है।
  • इस पवित्र पर्वत पर कुछ भी खाना या साथ ले जाना वर्जित है। भक्त नीचे से ही उपवास रखकर ऊपर जाते हैं।
  • पालिताना को दुनिया का पहला आधिकारिक शाकाहारी शहर घोषित किया गया है, जहां मांस और अंडे की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध है।

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प्रमुख मंदिर और वास्तुकला

यहां का सबसे महत्वपूर्ण मंदिर भगवान आदिनाथ का है। मंदिरों का निर्माण 11वीं शताब्दी से शुरू हुआ था और पीढ़ी दर पीढ़ी इसे भव्य बनाया गया। नक्काशी इतनी बारीक है कि इसे देखकर प्राचीन भारतीय शिल्प कौशल की श्रेष्ठता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

 

नोट: इस खबर में लिखी गई बातें धार्मिक और स्थानीय मान्यताओं पर आधारित हैं। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

कतर में सैन्य हेलीकॉप्टर क्रैश, 6 की मौत एक गायब, तकनीकी खराबी या कुछ और है वजह?


कतर में एक सैन्य हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया है जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई है और एक शख्स का अभी तक पता नहीं चल पाया है। रक्षा मंत्रालय ने रविवार को इस बात की जानकारी दी। बताया जा रहा है कि उसमें तकनीकी खराबी आने की वजह से क्रैश हुआ।

 

रक्षा मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘कतर के एक हेलीकॉप्टर की रूटीन ड्यूटी के दौरान तकनीकी खराबी आई, जिससे वह देश के ही टेरिटोरियल वॉटर में गिर गया।’ हालांकि, अभी तक क्रैश के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।

 

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बचाव कार्य जारी

कतर के गृह मंत्रालय ने कहा कि विशेष टीमें बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। ये टीमें देश के तटीय और सीमा सुरक्षा महानिदेशालय की समुद्री खोज-बचाव टीम और आंतरिक सुरक्षा बल (लेखविया) की कतर इंटरनेशनल सर्च एंड रेस्क्यू ग्रुप के साथ मिलकर काम कर रही हैं। बचाव अभियान जारी है।

 

यह हादसा तब हुआ है जब मध्य-पूर्व में तनाव बहुत बढ़ गया है। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़रायल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर समेत कई बड़े अधिकारी मारे गए थे।

ईरान ने किए हमले

ईरान ने जवाब में इज़रायल पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। साथ ही अमेरिकी सैन्य अड्डों और खाड़ी देशों (जैसे कतर, बहरीन, कुवैत, यूएई, जॉर्डन और सऊदी अरब) में उनके सहयोगी ठिकानों पर भी हमले किए। ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए बंद कर दिया है, जो दुनिया के लिए तेल की बहुत महत्वपूर्ण राह है।

 

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अभी तक कतर के इस हेलीकॉप्टर हादसे को क्षेत्रीय संघर्ष से जोड़कर नहीं बताया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ तकनीकी खराबी की वजह से हुआ। लेकिन पूरा इलाका तनाव से भरा हुआ है।

‘रोको, टोको और ठोको’, गोरक्षा के नाम पर कैसी सेना बना रहे अविमुक्तेश्वरानंद?


 शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने वाराणसी में एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि चतुरंगिणी सेना का गठन किया गया है। इसके लिए श्रीशंकराचार्य ने 27 सदस्यीय एक चतुरंगिणी सभा का गठन किया है। उन्होंने इस सेना के काम करने के तरीके के बारे में बात करते हुए कहा कि रोको टोको और ठोको की तर्ज पर काम करेगी। यह सेना आगे चलकर गोरक्षा के लिए काम करेगी। उन्होंने बताया कि यह पहल हिंदू समाज में फैले भय को दूर करने और सत्य के साथ खड़े होने का साहस पैदा करने के लिए की जा रही है।

 

इस सेना का ड्रेस कोड पीला वस्त्र और हाथ में परशु होगा।  शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बताया कि चतुरंगिनी सेना में सैनिकों की संख्या 2 लाख 18 हजार के करीब होगी, जिसमें महिलाओं की भागीदारी भी होगी। इस सेना के पास अस्त्र-शस्त्र भी होंगे।  शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती  ने कहा कि इस सेना में हर एक सनातनी की भागीदारी होगी। सेना के सैनिक फरसे,लाठी, तलवार और एयर बंदूकों से लैस होंगे, जो साधु-संतों के साथ-साथ सामान्य सनातनी हिन्दुओं के अधिकारों की रक्षा करेगी।

 

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10 महीने में बन जाएगी सेना

 शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती इस सेना का एलान करते हुए बताया कि यह सेना 10 महीने में धरातल पर उतर जाएगी। इसके लिए उन्होंने 2 लाख 18 हजार 700 सदस्य बनाने का टारगेट रखा है। उन्होंने कहा कि 27 सदस्यों वाली चतुरंगिणी सभा अगले 10 महीनों के भीतर विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम करती हुई नजर आएगी और लोगों के बीच विश्वास व सुरक्षा की भावना को मजबूत करेगी। 

गौ रक्षा के लिए करेगी काम

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने प्लान के बारे में बताते हुए कहा कि इस सेना का आगे विस्तार किया जाएगा और यह सेना गौरक्षा के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा कि चतुरंगिणी सेना को गौ रक्षा के लिए विस्तारित करने की योजना है। 

टोको, रोको और ठोको पर क्या बोले?

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि आज के समय में हिंदू समाज में कई लोग भय के कारण सच का साथ नहीं दे पाते और मजबूरी में गलत का समर्थन करने लगते हैं। ऐसे में चतुरंगिनी सेना का मुख्य उद्देश्य निर्बलों का बल बनना और समाज में न्याय स्थापित करना होगा। उन्होंने बताया कि संगठन के काम करेने का तरीका ‘टोको, रोको और ठोको होगा।’ हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले किसी गलत काम को टोका जाएगा और फिर उसको रोकने की कोशिश की जाएगी। अगर फिर भी कोई गलत काम करेगा तो उसे ठोका जाएगा और ठोकने का मतलब उसे मारना नहीं है। उन्होंने कहा कि ठोकने का मतलब उसकी शिकायत करना और कानूनी कार्रवाई करना है। 

 

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फरसे को लेकर क्या बोले?

फरसा को लेकर जब अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यह भगवान परशुराम जी ने धारण किया था। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम ने पहले वेदों का अध्ययन किया और पपस्या में जीवन बिताया। उनके आश्रम में गाये थीं और जब सहस्त्रार्जुन नामक राजा ने उन पर आक्रमण कर गायों को कष्ट पहुंचाया, तब उन्होंने उनकी रतक्षा के लिए फरसा धारण किया। 

7 से 8 घंटे की नींद के बाद भी क्यों महसूस होती है थकान?


हर व्यक्ति को 7 से 8 घंटे तक सोना चाहिए। नियमित मात्रा में नींद लेने से शरीर स्वस्थ रहता है। कई लोग इस सलाह को मानते हैं कि इसके बावजूद थका हुआ महसूस करते हैं। आलर्म बजते ही हम उठ तो जाते हैं लेकिन दिमाग सुस्त महसूस करता है। ऐसा लगता है कि शरीर को बिल्कुल भी आराम नहीं मिला है।

 

विशेषज्ञों के अनुसार ज्यादातर लोग इस बात को गंभीरता से नहीं लेते हैं। नींद की गुणवत्ता का हमारा सेहत पर गहरा प्रभाव पड़ता है। आइए जानते हैं कि कारणों से नींद पर प्रभाव पड़ता है।

 

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 क्यों महसूस होती है थकान?

थायराइड इंबैलेंस

 

थायराइड ग्लैंड हमारे गले में पाया जाता है जो शरीर में एनर्जी को बनाएं रखने में मदद करता है। जब थायराइड एक्टिव नहीं होता है तो उसे हाइपोथायरडिज्म कहा जाता है। इस दौरान शरीर में मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है।

 

लक्षण

  • लगातार थकान
  • एकदम से वजन बढ़ना
  • ठंडक महसूस होना

यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज के मुताबिक हाइपोथायराडिज्म शरीर के मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देता है और पर्याप्त नींद के बाद भी थकान महसूस होती है।

विटामिन की कमी

विटामिन की कमी की वजह से भी शरीर में एनर्जी महसूस नहीं होती है। जब शरीर में विटामिन और मिनरल्स की कमी होती है तब शरीर भोजन का इस्तेमाल एनर्जी बनाने के लिए करता है।

 

विटामिन बी12 की कमी
विटामिन डी की कमी
आयरन की कमी

 

विटामिन बी12 रेड ब्लड सेल्स को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शरीर में खून की कमी के कारण ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में नसों में नहीं पहुंचेगा। इस वजह से थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। विटामिन डी की कमी की वजह से इम्यून फंक्शन भी प्रभावित होता है। इसकी कमी के कारण थकान महसूस होती है। 

 

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तनाव बढ़ना

नींद की कमी सिर्फ शरीर को ही नहीं दिमाग को भी प्रभावित करता है। जब शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का लेवल बढ़ता है तो दिमाग नींद के दौरान भी सतर्क रहता है। शरीर शारीरिक रूप से आराम कर सकता है लेकिन मन चिंताओं और तनाव से भरा रहता है। अधिक तनाव की वजह से शरीर में शुगर का लेवल बढ़ता है।

इन आदतों से नींद पर पड़ता है प्रभाव

  • रात को देर तक फोन चलाना।
  • रात को अधिक खाना खा लेना।
  • अनियमिक स्लीप शेड्यूल
  • अधिक मात्रा में कॉफी पीना

नींद को कैसे बेहतर करें?

  • टाइम से सोना। 
  • रात को सोने से आधे घंटे पहले फोन बंद कर दें।
  • सुबह उठकर नियमित मात्रा में एक्सरसाइज करें।
  • रात को कॉफी या चाय का सेवन करने से बचें।

18 या 19, कब से शुरू हो रही है नवरात्रि? सही तारीख जान लीजिए


अगर आप चैत्र नवरात्रि 2026 की सही तारीख को लेकर परेशान हैं तो अब सारा भ्रम दूर कर लीजिए। इस साल चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च 2026, गुरुवार से होने जा रही है। खास बात यह है कि इसी दिन से हिंदू कैलेंडर का नया साल (विक्रम संवत 2083) भी शुरू होगा। होली बीतते ही लोग अब माता रानी के स्वागत की तैयारियों में जुट गए हैं। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना करने का सबसे बड़ा महत्व है और माना जाता है कि अगर शुभ मुहूर्त में पूजा की जाए, तो माता रानी की विशेष कृपा मिलती है।

 

नवरात्रि का पहले दिन कलश स्थापना, सबसे अहम है। इसे आसान भाषा में मां दुर्गा को अपने घर बुलाने का तरीका माना जाता है। इस बार 19 मार्च को कलश रखने के लिए दो अच्छे समय हैं। सुबह का मुहूर्त 6:11 बजे से 8:35 बजे तक है। अगर आप सुबह जल्दी पूजा नहीं कर पाते है, तो दोपहर में ‘अभिजीत मुहूर्त’ सबसे बढ़िया है। इसका समय 12:05 बजे से 12:53 बजे तक रहेगा। नवरात्रि की पहली तिथि 18 मार्च की रात 9:34 बजे से शुरू होगी और 19 मार्च की रात 10:15 बजे खत्म होगी।

 

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कलश स्थापना क्यों की जाती है?

कलश स्थापना नवरात्रि का सबसे जरूरी हिस्सा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कलश को पूरे ब्रह्मांड का रुप माना जाता है और इसमें सभी देवी-देवताओं का वास होता है। इसे स्थापित करने का अर्थ है मां दुर्गा का अपने घर में आदर के साथ स्वागत करना और उन्हें नौ दिनों तक विराजमान होने की प्रार्थना करना। कलश को सुख, समृद्धि और शांति का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसे हमेशा शुभ मुहूर्त में ही रखना चाहिए।

पालकी पर बैठकर आएंगी मां दुर्गा

हर बार की तरह इस बार भी लोग जानना चाहते हैं कि माता रानी किस सवारी पर आएंगी। क्योंकि इस बार नवरात्रि गुरुवार से शुरू हो रही है, इसलिए मां दुर्गा ‘पालकी'(डोली) पर बैठकर आ रही हैं। ज्योतिष के अनुसार, पालकी पर आना खुशहाली तो लगता ही है, साथ ही यह शांति और सावधानी से काम लेने का इशारा भी है। वहीं जब नवरात्रि खत्म होगी, तो मां ‘हाथी’ पर सवार होकर विदा होंगी। हाथी पर विदाई को अच्छी बारिश और सुख-समृद्धि का संकेत माना जाता है।

 

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पूजा के वक्त इन बातों का रखें ध्यान 

शास्त्रों की मानें तो कलश हमेशा शुभ समय देखकर ही बैठना चाहिए। पूजा करते समय चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग जैसे समय का ध्यान रखें और इनसे बचें। कलश को पूरे संसार का रुप माना जाता है जिसमें सारे देवी-देवता बसते है। इसलिए इसे पूरी सफाई और नियम के साथ स्थापित करें। चैत्र महीने की ये नवरात्रि न सिर्फ भक्ति का पर्व है, बल्कि यह नए साल की नई शुरुआत का भी संदेश देती है।

फंसा या फंसाया गया? अमेरिकी मूल के जज पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस


अमेरिका में भारतीय मूल के एक जज मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी के मामले में दोषी ठहराए गए हैं। केपी जॉर्ज को चुनाव प्रचार से संबंधित मामले में मनी लॉन्ड्रिंग करते हुए पकड़ा गया है। केपी जॉर्ज मूल रूप से केरल के रहने वाले हैं। 2018 में वह टेक्सास के फोर्ट बेंड काउंटी के जज चुने गए थे और इस पद तक पहुंचने वाले पहले भारतीय व्यक्ति थे। उन पर चुनाव प्रचार के दौरान धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप लगे थे।

 

कोर्ट में वकीलों ने दावा किया है कि केपी जॉर्ज ने अपने राजनीतिक विरोधियों को नीचा दिखाने के लिए सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट्स का सहारा लिया और चुनावी चंदे का इस्तेमाल अपने निजी लाभ के लिए किया। दोषी ठहराए जाने के बाद केपी जॉर्ज को जज के पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है साथ ही उन्हें 10 साल तक की जेल की सजा भी हो सकती है।

 

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क्या है पूरा मामला?

टेक्सास की एक कोर्ट में जज केपी जॉर्ज के खिलाफ मुकदमा चल रहा है। जहां एक तरफ अभियोजन पक्ष (सरकारी वकील) ने आरोप लगाया है कि केपी जॉर्ज ने चुनावी फंड को अपनी निजी जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया। इसके अलावा अभियोजन का दावा है कि केपी ने अलग-अलग राज्यों में अलग खातों में पैसे ट्रांसफर किए। वहीं दूसरी तरफ बचाव पक्ष के वकीलों ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि विपक्षी पक्ष के पास अधूरी जानकारी है। केपी जॉर्ज ने गैरकानूनी तरीके से पैसों का इस्तेमाल नहीं किया है।

सजा मिली तो क्या हो सकता है?

अभियोजन पक्ष धोखाधड़ी के आरोप कोर्ट में साबित नहीं कर पाया है लेकिन जूरी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केपी जॉर्ज को दोषी ठहराया है। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें 10 साल की जेल की सजा और भारी जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। सजा सुनाए जाने के बाद से ही उन पर पद से इस्तीफा देने का दबाव बढ़ गया है। हालांकि उन्होंने शुरुआत में इन आरोपों को राजनीतिक रंजिश बताया था। कानून के मुताबिक दोषी ठहराए जाने के बाद उन्हें तुरंत पद से हटाया जा सकता है।

 

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भारतीय लोगों पर असर

केपी जॉर्ज की जीत को कभी अमेरिका में भारतीयों की बढ़ती राजनीतिक ताकत के रूप में देखा गया था लेकिन अब इस सजा ने वहां के भारतीय मूल के लोगों को स्तब्ध कर दिया है।